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लिबर्टी हाउस की शिकायत का समाधान करे लेनदारों की समिति

अदिति दिवेकर / मुंबई July 09, 2018

नैशनल कंपनी लॉ अपीली ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने आज कर्ज से लदी भूषण पावर ऐंड स्टील की लेनदारों की समिति व रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को लिबर्टी हाउस की शिकायत के समाधान करने का निर्देश दिया है। लिबर्टी हाउस ने इस संबंध में एनसीएलएटी का दरवाजा खटखटाया था। टाटा स्टील के अलावा इसने भी भूषण पावर ऐंड स्टील के लिए बोली लगाई थी। सूत्रों ने कहा, लिबर्टी ने कहा था कि 9 जुलाई की बैठक के बारे में कंपनी को सूचना नहीं दी गई थी और बैठक के दस्तावेज की लेनदारों की समिति से की गई मांग 11 जून को अनुत्तरित रही।
 
सूत्र ने कहा, कंपनी ने शिकायत की थी कि उसने प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी जरूरी दस्तावेज सीओसी को सौंपे थे, लेकिन इसका संज्ञान नहीं लिया गया। लिबर्टी हाउस ने एक ईमेल के जरिए पुष्टि करते हुए कहा, एनसीएलटी और एनसीएलएटी ने रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल और लेनदारों की समिति को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि बोली पर विचार हो। अगली सुनवाई 12 को होगी। हमारी बोली बेहतर है, लिहाजा हम संघर्ष जारी रखेंगे। संजीव गुप्ता की अगुआई वाली लिबर्टी हाउस ने हाल में देसी स्टील उद्योग में कदम रखा है क्योंकि इसे सीओसी से ओडिशा स्थित आधुनिक मेटलिक्स के अधिग्रहण व इसे बहाल करने की मंजूरी मिली है।
 
सूत्रों ने कहा, भूषण पावर  ऐंड स्टील के लिए एनसीएलएटी में अगली सुनवाई 12 जुलाई  को होगी जहां इन बातों पर विचार किया जाएगा। सीओसी ने फरवरी में भूषण पावर का अधिग्रहण करने के लिए लिबर्टी हाउस की बोली खारिज कर दी थी, इस तरह से टाटा स्टील व जेएसडब्ल्यू इस परिसंपत्ति को हासिल करने की दौड़ में रह गई थी। लिबर्टी हाउस ने इसके बाद देर से बोली जमा कराने के आधार पर सीओसी की तरफ बोली खारिज किए जाने को चुनौती दी थी। बाद में एनसीएलटी ने लेनदारों से लिबर्टी हाउस की बोली पर विचार करने कहा था। एनसीएलटी ने कहा था कि बोली किसी मूलभूत आधार पर खारिज हो सकती है, न कि बोली जमा कराने में देरी के आधार पर। तब सबसे बड़ी बोली वाली टाटा स्टील ने एनसीएलटी के आदेश को चुनौती देते हुए एनसीएलएटी का दरवाजा खटखटाया था, जिसने सीओसी को लिबर्टी हाउस की बोली पर विचार करने को कहा था।
 
संजय सिंघल की अगुआई वाली भूषण पावर ऐंड स्टील पर 450 अरब रुपये का कर्ज है और यह आरबीआई की तरफ से पिछले साल जून में तैयार गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों की सूची में शामिल है और इन कंपनियों को एनसीएलटी भेजा गया है। पिछले महीने टाटा स्टील ने औपचारिक तौर पर नीरज सिंघल की अगुआई वाली भूषण स्टील का नियंत्रण हासिल कर लिया और इससे पहले लेनदारों को दो तिहाई कर्ज का भुगतान किया।
Keyword: bhusan steel, NCLT, नैशनल कंपनी लॉ अपीली ट्रिब्यूनल,
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