बिजनेस स्टैंडर्ड - कारोबार की नई राह पर रिलायंस
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कारोबार की नई राह पर रिलायंस

राघवेंद्र कामत और अमृता पिल्लई / मुंबई 07 05, 2018

...उपभोक्ता कारोबार पर दांव

रिलायंस के ऊर्जा कारोबार जितना बड़ा होगा उसका उपभोक्ता कारोबार
रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल का होगा अहम योगदान
नई पीढ़ी की रिलायंस बनाने पर ध्यान दे रही कंपनी
एक दशक में कंपनी के मुनाफे में रिलायंस रिटेल और जियो का योगदान उसके ऊर्जा कारोबार के बराबर होगा
ब्रॉडबैंड सेवा पेश करने का किया ऐलान, 15 अगस्त से शुरू होगा पंजीकरण

बिजनेस स्टैंडर्ड कारोबार की नई राह पर रिलायंसरिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने आज जब  41वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करना शुरू किया तो शेयरधारकों के लिए उनका संदेश साफ था। इसमें बताया गया था कि अगले 10 वर्षों में कंपनी में किस तरह का बदलाव आएगा। उन्होंने कहा, 'हमारा उपभोक्ता कारोबार (रिलायंस रिटेल और जियो) का योगदान कंपनी के ऊर्जा एवं पेट्रोरसायन कारोबार की कुल आय के आसपास होगा।' कंपनी के प्रमुख का यह बयान अपने आप में महत्त्वपूर्ण है क्योंकि अब तक पेट्रोलियम और रिफाइनिंग कंपनी का मुख्य कारोबार रहा है और रिटेल, दूरसंचार आदि नए कारोबारों के लिए नकदी का प्रबंध भी वहीं से होता रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) अब धीरे-धीरे खुद को उपभोक्ता कारोबार के तौर पर स्थापित करने का प्रयास कर रही है, जिसमें नई पीढ़ी के कारोबार रिलायंस रिटेल, जियो और पेट्रोल पंप शामिल हैं। कंपनी की इस रणनीति में उसका डिजिटल कारोबार यानी जियो की अहम भूमिका होगी।

मौजूदा साल को आरआईएल के लिए एक और शानदार साल करार देते हुए अंबानी ने कहा कि कंपनी के संचयी एबिटा में उपभोक्ता कारोबार की हिस्सेदारी करीब 13 फीसदी रही, जो पिछले साल महज 2 फीसदी थी। उन्होंने कहा, 'यह इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि इस दौरान हाइड्रोकार्बन कारोबार में भी तेजी से इजाफा हुआ है।'  एक ओर उपभोक्ता कारोबार ने मुनाफा कमाना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी ओर हाइड्रोकार्बन कारोबार ज्यादा मुनाफा हासिल करने के लिए अपनी क्षमता को बढ़ा रहा है। उदाहरण के लिए 2017-18 में पेट्रोरसायन कारोबार की आय 35 फीसदी बढ़कर 1.25 लाख करोड़ रुपये रही और इसका एबिटा 63 फीसदी बढ़कर 211.79 अरब रुपये रही। इसी तरह रिफाइनिंग कारोबार का एबिटा वित्त वर्ष 2017-18 में 258.69 अरब रुपये रहा। आने वाली तिमाहियों में इसमें और इजाफा होने की उम्मीद है।

अप्रैल में मूडीज के इन्वेस्ट सर्विस इश्यूअर कमेंट में कहा गया है, 'हमें उम्मीद है कि अगले 12 से 18 महीने में एबिटा का स्तर और बढ़ेगा क्योंकि कंपनी को तब तक पेट्रोरसायन और रिफाइनिंग कारोबार में अपने निवेश का पूरा लाभ मिलने लगेगा। इसके साथ ही डिजिटल सेवा और रिटेल कारोबार से भी कंपनी की कमाई बढ़ेगी।' उपभोक्ता कारोबार के विस्तार पर प्रभुदास लीलाधर के निवेश रणनीति एवं एडवाइजरी प्रमुख अजय बोडके ने कहा कि फिलहाल यह थोड़ा महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य लगता है। लेकिन अगर इसमें पूंजी का निवेश किया गया तो दस साल के दौरान उपभोक्ता कारोबार में काफी विस्तार हो सकता है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप कारोबार भी इसमें बड़ी भूमिका अदा कर सकता है।

अपने दूरसंचार उद्यम को और मजबूत करने के लिए रिलायंस ने आज नई ब्रॉडबैंड सेवा शुरू की। इससे घरेलू बाजार में ब्रॉडबैंड के दामों में भारी गिरावट आने का अनुमान है, जिसमें अभी भारती एयरटेल और सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल का दबदबा है। विश्लेषकों का मानना है कि इस बाजार में जियो के उतरने से ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह देश में सबसे बड़ी फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड सेवा की शुरुआत होगी।  आरआईएल ने 15 अगस्त से देश के 1,100 शहरों में जियोगीगाफाइबर शुरू करने की योजना बनाई है। कंपनी 100 एमबीपीएस की स्पीड मुहैया कराएगी। जियोगीगाफाइबर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेवाएं, स्मार्ट होम सॉल्यूशंस, ऑनलाइन गेमिंग और हाई डेफिनिशन वीडियो सेवाएं शुरू करने की संभावना है।         

कंपनी ने अपने फीचर फोन के 10 करोड़ ग्राहक बनाने के लिए जियोफोन 2 पेश किया है। कंपनी ने इससे पहले मूल जियो फीचर फोन पेश किया था। जियोफोन 2 में क्वर्टी कीपैड है और इसकी कीमत 2,999 रुपये तय की गई है।  कंपनी ने रिलायंस की मार्केटिंग की शैली को बरकरार रखा है। इसने सबसे पहले यह फोन खरीदने वालों के लिए 'मॉनसून हंगामा' ऑफर शुरू किया है, जो 501 रुपये देकर अपने पुराने फीचर फोन के बदले जियोफोन2 हासिल कर सकते हैं। इस समय जियोफोन के 2.5 करोड़ यूजर्स हैं। अंबानी ने दावा किया कि जियो के ग्राहकों की संख्या बढ़कर अब दोगुनी (21.5 करोड़) हो गई है।  अंबानी ने पूरे उत्साह के साथ एजीएम में कहा, 'महज 22 महीनों में 21.5 करोड़ ग्राहक बनाना एक रिकॉर्ड है, जो विश्व की कोई भी तकनीक कंपनी हासिल नहीं कर पाई।'

खुदरा की रणनीति
अंबानी ने कहा कि रिलायंस एक 'तकनीक प्लेटफॉर्म कंपनी' बनने की दिशा में बढ़ रही है, इसलिए यह एक नया ऑनलाइन-टू-ऑफलाइन कारोबार प्लेटफॉर्म शुरू करने की योजना बना रही है। उन्होंने इसे 'भारत-इंडिया जोड़ो' उद्यम नाम दिया है। उन्होंने कहा, 'हम इसे (नए वाणिज्य प्लेटफॉर्म) रिलायंस रिटेल के भौतिक बाजार की ताकत को जियो की डिजिटल बुनियादी ढांचे एवं सेवाओं से जोड़कर बनाएंगे। यह प्लेटफॉर्म रिलायंस रिटेल स्टोरों के 35 करोड़ ग्राहकों, जियो के 21.5 करोड़ ग्राहकों, अनुमानित 5 करोड़ जियो गीगा घरों और 3 करोड़ छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को एक साथ लाएगा।'

कंपनी को उम्मीद है कि वह छोटे दुकानदारों के लिए मर्चेंट पॉइंट ऑफ सेल बनाकर उन्हें वह सब करने में समर्थ बनाएगी, जो बड़े उद्यम और बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां करने में सक्षम हैं। इसमें स्टॉक का प्रबंधन, डिजिटल रिकॉर्ड रखना एवं रिटर्न फाइल करना, कार्यशील पूंजी के प्रबंधन को सुधारना, ग्राहकों को बनाए रखना एवं बढ़ाना और अपने कुशल आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ना  शामिल है।

रिलायंस छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को ऋण की सुविधा भी मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा, 'हम रिलायंस रिटेल के भारतीय ग्राहकों के ज्ञान, बड़ी स्थानीय मौजूदगी और बेहतर आपूर्ति शृंखला का इस्तेमाल करेगी।' रिलायंस रिटेल के 4,400 शहरों में 7,500 से अधिक स्टोर हैं। इसने वित्त वर्ष 2018 में 4,000 से अधिक नए स्टोर खोले हैं। 

रिलायंस समूह की कोशिश खुद को सीधे तौर पर उपभोक्ताओं से जोडऩे की है और यह खुदरा और दूरसंचार तक ही सीमित नहीं है। अंबानी ने कहा कि कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं को गैस के वितरण की संभावनाएं तलाशेगी। इसमें शहरों में गैस का वितरण शामिल है। इसके लिए कंपनी तेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बीपी के साथ संयुक्त उपक्रम बनाएगी। अंबानी ने कहा, 'हम रिलायंस होल्डिंग यूएसए का आरआईएल के विलय करने की योजना बना रहे हैं। इस तरह हम अमेरिका में अपने गैस संसाधनों को भारतीय बाजार से जोड़ रहे हैं जैसा कि हमने पेट्रोकेमिकल्स में इथेन को लेकर किया।'

एक तरफ आरआईएल की नजर उपभोक्ता कारोबार बढ़ाने पर है, वहीं कंपनी ने अपने मुख्य कारोबार को बढ़ाने के लिए भारी संसाधन झोंके हैं। कंपनी ने हाल ही में पूंजीगत निवेश का एक बड़ा चक्र पूरा किया है। पेट्रोकेमिकल कारोबार में कंपनी ने भविष्य के लिए कुछ बड़ी योजनाओं का खाका तैयार किया है।
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