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होटल कारोबार में कम परिसंपत्ति की रणनीति पर चलेगी आईटीसी

बीएस संवाददाता / हैदराबाद July 02, 2018

विविध कारोबार करने वाली दिग्गज कंपनी आईटीसी लिमिटेड ने आज कहा कि वह अपने होटल कारोबार में परिसंपत्ति कम करने की रणनीति पर आगे बढ़ेगी। कंपनी ने कहा है कि खुद के स्वामित्व वाली संपत्तियों और प्रबंधित होटल संपत्तियों के अनुपात का अगला पड़ाव 30:70 के अनुपात तक पहुंचा होगा जो फिलहाल 40:60 अनुपात में है। कंपनी का कहना है कि इससे कमरे की क्षमता में तेजी से वृद्धि होगी। 

आईटी के प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने इस संबंध में किसी निश्चित समयसीमा का उल्लेख किए बिना कहा कि परिसंपत्ति कम करने की राह पर चलने से कंपनी को आतिथ्य सेवा क्षेत्र में लगाई गई अपनी पूंजी की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ कमरे की क्षमता तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी। दिल्ली में आईटीसी के स्वामित्व वाले 7.5 अरब रुपये के एक लक्जरी होटल दिल्ली आईटीसी कोहिनूर के उद्घाटन के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'खुद के स्वामित्व वाली संपत्तियों और प्रबंधित होटल संपत्तियों के अनुपात का अगला पड़ाव 30:70 के अनुपात तक पहुंचा होना चाहिए।'

सिगरेट से लेकर खाद्य उत्पाद जैसे क्षेत्रों में कारोबार करने वाली इस कंपनी के चार प्रमुख क्षेत्रों में होटल कारोबार भी शामिल है। कंपनी ने अगले पांच साल के दौरान इस क्षेत्र में 250 अरब रुपये के निवेश की घोषणा की है। होटल कारोबार के चार प्रमुख ब्रांडों- आईटीसी होटल, वेल्कम होटल, फॉच्र्यून और वेलकम हेरिटेज- के तहत कंपनी फिलहाल 107 संपत्तियों का संचालन करती है जिनकी कुल क्षमता 9,500 कमरों की है। जबकि निर्माणाधीन परियोजनाओं के जरिये कंपनी 24 नए होटल जोडऩे जा रही है जिससे उसकी कुल क्षमता 12,000 कमरों की हो जाएगी।

पुरी ने कहा कि पर्यटन एवं आतिथ्य सेवा क्षेत्र में पूंजी सृजित करने पर उल्लेखनीय निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में कंपनी के विकास के लिए होटर कारोबार के महत्त्व को रेखांकित किया गया है। कंपनी ने हाल में एक प्रस्तुति में कहा था कि आगे चलकर लोगों की आर्थिक स्थिति एवं बुनियादी ढांचे में सुधार होने पर खाली समय में पर्यटन एवं कारोबार संबंधी यात्राओं में इजाफा होगा।

एपी रेयॉन्स फैक्टरी के अधिग्रहण का आग्रह
आईटीसी के चेयरमैन वाईसी देवेश्वर ने आज कहा कि कंपनी तेलंगाना के दूरदराज के क्षेत्र में स्थित बल्लारपुर इंडस्ट्रीज (बीआईएलटी) के स्वामित्व वाले रेयॉन ग्रेड एवं पेपर ग्रेड वुड पल्प और पेपर विनिर्माण संयंत्र के पुनरुद्धार के लिए तेलंगाना सरकार के आग्रह पर विचार करेगी। पूर्व में एपी रेयॉन्स फैक्टरी के रूप में चर्चित यह संयंत्र घाटे एवं अन्य कारणों से बंद पड़ा है। नए राज्य के गठन के बाद तेलंगाना सरकार इस संयंत्र के पुनरुद्धार के लिए फैक्टरी प्रबंधन को वित्तीय मदद देने की पेशकश की है क्योंकि हजारों लोग इसके परिचालन पर निर्भर हैं।
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