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जीएसटी लागू किए जाने को लेकर भाजपा कांग्रेस में जंग

दिलाशा सेठ / नई दिल्ली 06 27, 2018

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने को एक साल होने को हैं और इसे लेकर कांग्रेस व भारतीय जनता पार्टी के बीच घमासान छिड़ गया है। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की वजह से जीएसटी में देरी हुई है। इसके पहले चिदंबरम ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) जब सत्ता में थी तो भाजपा ने 5 साल तक जीएसटी को रोके रखा था।  संप्रग के दूसरे काल में चिदंबरम जब वित्त मंत्री थे तब मोदी जीएसटी पर बनी अधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष थे।

मोदी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि केंद्रीय राज्य कर (सीएसटी) खत्म होने के बाद राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई को लेकर संप्रग सरकार राज्यों का विश्वास खो चुकी थी। मोदी ने कहा, 'जीएसटी समय से न लाने के लिए चिदंबरम जिम्मेदार हैं। संप्रग राज्यों का विश्वास खो चुकी थी क्योंकि उसने सीएसटी से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए पहले घोषित मुआवजा पैकेज देने से इनकार कर दिया था।' चिदंबरम ने कई ट्वीट कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा, 'अगर जीएसटी सत्यनिष्ठा की जीत और ईमानदारी का उत्सव है तो भाजपा ने इसका विरोध कर इसे 5 साल तक क्यों रोके रखा?'

सीएसटी को चरणबद्ध तरीके से खत्म करना जीएसटी लागू करने के लिए अहम था। मूल्यवर्धित कर (वैट) लागू होने के बाद सीएसटी को 2007 और 2008 के दौरान 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत पर लाया गया और इसी के मुताबिक सीएसटी मुआवजा पैकेज तैयार किया गया। राज्यों ने मुआवजे के रूप में 190.60 अरब रुपये की मांग की, लेकिन उन्हें सिर्फ 63.93 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।  

मोदी ने कहा, 'तत्कालीन राजस्व सचिव आरएस गुजराल ने राज्यों को लिखा कि 2010-11 आखिरी साल होगा, जब राज्यों को सीएसटी मुआवजा मिलेगा। इस वजह से राज्यों का केंद्र सरकार पर भरोसा खत्म हो गया और वे जीएसटी लागू किए जाने को लेकर सहज नहीं थे।' मोदी ने तर्क दिया कि इसके विपरीत राजग सरकार ने राज्यों को 5 साल तक पूरा मुआवजा देने का वादा किया और संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। इसके लिए परिषद ने कुछ विलासिता की और हानिकारक वस्तुओं को 28 प्रतिशत जीएसटी के ढांचे में डालने के बाद अतिरिक्त उपकर लगाया।  

Keyword: GST, BJP, congress, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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