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अदालत जाएंगे भूषण एनर्जी के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल

वीणा मणि / नई दिल्ली 06 20, 2018

भूषण स्टील के लिए टाटा स्टील की समाधान योजना के खिलाफ भूषण एनर्जी के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल अदालत का रुख कर सकते हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी। टाटा स्टील ने दिवालिया प्रक्रिया के जरिए भूषण स्टील का अधिग्रहण किया है। मूल रूप से भूषण एनर्जी के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने भूषण स्टील व भूषण एनर्जी के बीच के बिजली खरीद समझौता समाप्त करने के टाटा स्टील के कदम का विरोध किया है। बिजली खरीद समझौता भूषण एनर्जी की उत्पादित बिजली की भूषण स्टील की तरफ से खरीद को लेकर है।
 
एक सूत्र ने कहा, दोनों कंपनियों के बीच बिजली खरीद समझौता कैप्टिव है और अगर इस समझौते को समाप्त किया जाता है तो भूषण एनर्जी की परिसमापन लागत काफी कम हो जाएगी। कंपनी की परिसमापन कीमत के हिसाब से सामान्यत: बोली लगाई जाती है। अगर कंपनी की परिसमापन कीमत कम होती है तो ऊंची बोली मिलना मुश्किल हो जाएगा। बिजली खरीद समझौते को समाप्त करने के संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए टाटा स्टील को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। लगता है कि जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने कर्ज से लदी भूषण एनर्जी को खरीदने में रुचि दिखाई है, जो भूषण स्टील की सहायक कंपनी है। भूषण स्टील 12 कंपनियों में से है जिसे भारतीय रिजर्व बैंक की सिफारिश के आधार पर नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल को संदर्भित किया गया है। भूषण स्टील का अधिग्रहण टाटा स्टील ने 35,000 करोड़ रुपये में कर लिया। दिवालिया संहिता के तहत समाधान के लिए आने वाली दबाव वाली कई परिसंपत्तियों के अधिग्रहण में टाटा समूह और जेएसडब्ल्यू समूह ने रुचि प्रदर्शित की है।
 
टाटा स्टील की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक बमनीपाल स्टील लिमिटेड ने कामयाबी के साथ भूषण स्टील लिमिटेड की 72.65 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया है। टाटा ने भूषण पावर ऐंड स्टील के अधिग्रहण में भी रुचि प्रदर्शित की है। कंपनी के लिए बोली खुलने की तारीख को यह सबसे बड़ी बोली लगाने वाली कंपनी के तौर पर उभरी थी। हालांकि लिबर्टी हाउस की भी इस कंपनी में रुचि थी और इसने दावा किया कि इसकी बोली टाटा से ज्यादा बड़ी है। जेएसडब्ल्यू ने भी भूषण पावर ऐंड स्टील में रुचि प्रदर्शित की थी।
 
बकाया भुगतान न किए जाने पर भारतीय स्टेट बैंंक ने भूषण एनर्जी को एनसीएलटी में घसीटा। 6 जून को एनसीएलटी ने समाधान योजना के लिए 90 दिन का विस्तार दिया, जब 180 दिन की समयावधि में इसके लिए समाधान योजना नहीं मिल पाई। एनसीएलटी ने भूषण एनर्जी के खिलाफ एसबीआई का मामला इस साल जनवरी में स्वीकार किया था। भूषण एनर्जी पर लेनदारों का करीब 500 करोड़ रुपये बकाया है। भूषण समूह में भूषण पावर ऐंड स्टील और भूषण एनर्जी समाधान के दौर से गुजर रही हैं। सिंघल परिवार की तरफ से प्रवर्तित कंपनियों के ऊपर बैंकों का करीब 44,447 करोड़ रुपये बकाया है।
Keyword: bhusan steel, NCLT, tata steel,,
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