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खर्चों में कटौती के उपाय कर रहीं विमानन कंपनियां

अनीश फडणीस और अरिंदम मजूमदार / मुंबई/नई दिल्ली June 18, 2018

सस्ते ईंधन का दौर अब खत्म हो गया है और भारतीय विमानन कंपनियां एक-एक पैसा बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं। इसके लिए कर्मचारियों की वेतन वृद्घि को रोका जा रहा है और उड़ान के लिए दी जाने वाली सुविधाओं में कटौती की जा रही है। कुल मिलाकर कहें तो ईंधन की बढ़ती कीमतों और रुपये में नरमी का असर कम करने के लिए विमानन कंपनियां लागत कम करने के कई उपाय अपना रही हैं।  

 

सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया पर 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज बोझ है और कंपनी की निजीकरण के मोर्चे पर भी सफलता नहीं मिल पा रही है। लागत कम करने के लिए कंपनी ने ओवरटाइम भुगतान, कर्मचारियों की परिवहन सुविधा, यात्रा व्यय और बिल्डिंग रखरखाव लागत पर रोक लगाई है। वित्त निदेशक, विनोद हेजमदी ने 11 जून को एयर इंडिया को लिखे पत्र में कहा है, 'एयर इंडिया नकदी की किल्लत से जूझ रही है इसलिए लागत में कटौती करना जरूरी हो गया है। इन उपायों से खर्चों में कमी आएगी और परिचालन दक्षता के साथ समझौता भी नहीं करना होगा।' इस पत्र को बिज़नेस स्टैंडर्ड ने भी देखा है। एयर इंडिया ने प्रमुख एजेंटों को दिए जाने वाले बोनस को 2 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही वह अपने कुछ कार्यालयों को भी बंद करने की संभावना तलाश रही है।

किफायती विमानन कंपनी इंडिगो और स्पाइसजेट ने ईंधन की ऊंची कीमतों का हवाला देकर कर्मचारियों को वेतन वृद्घि देने से मना कर दिया है। हालांकि मुनाफा साझेदारी के तहत एकबारगी दिए जाने वाले बोनस का भुगतान किया है।

 

विमानों का किराया करीब-करीब स्थिर है जबकि विमानन ईंधन के दाम में जनवरी से अब तक 22 फीसदी का इजाफा हो चुका है और रुपये में भी करीब 6 फीसदी की गिरावट आई है। एसबीआई कैप्स ने अपने ग्राहकों को लिखे नोट में कहा है, 'कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये में नरमी से निकट अवधि में विमानन कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ेगा।'

 

जेट एयरवेज को पिछली तिमाही में 1,000 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा है। कंपनी ने इकनॉमी श्रेणी में उड़ान के दौरान यात्रियों को मुफ्त में नाश्ता और खाना देना बंद कर सकती है। इसके साथ ही 15 जुलाई से इकनॉमी श्रेणी के यात्रियों को केवल एक बैग ही साथ ले जाने की अनुमति होगी। इससे अधिक सामान पर यात्रियों को अतिरिक्त भुगतान करना होगा। इससे कंपनी को कार्गो के लिए विमान में ज्यादा  जगह मिलेगी, जिससे वह अतिरिक्त कमाई कर सकेगी।

 

जेट एयरवेज ने दिल्ली, कोयंबटूर, बेंगलूरु और चेन्नई के लिए जून से अगस्त के दौरान करीब 20 उड़ानें कम कर दी हैं। इस बारे में जानकारी के लिए जेट एयरवेज से संपर्क किया गया लेकिन उसका जवाब नहीं आया।

विस्तारा बेसिक इकनॉमी किराया शुरू करने की संभावना तलाश रही है। इसका मतलब यह हुआ कि आपको किराया तो कम देना होगा लेकिन खाने-पीने, सीटों को चुनने और चेक-इन में प्राथमिकता के लिए भुगतान करना होगा। हालांकि अपनी योजना के बारे में विस्तारा ने ब्योरा देने से इनकार कर दिया।

Keyword: विस्तारा, जेट एयरवेज, दिल्ली, कोयंबटूर, बेंगलूरु,
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