बिजनेस स्टैंडर्ड - महंगे डीजल के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों का चक्का जाम
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महंगे डीजल के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों का चक्का जाम

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली/मुंबई 06 18, 2018

महंगे डीजल व थर्ड पार्टी बीमा और अन्य मुद्दों के विरोध में हड़ताल
बंगाल, महाराष्ट्र व दक्षिण भारत के राज्यों में दिखा हड़ताल का असर
हड़ताल लंबी खिंचने पर प्रभावित होगी ढुलाई, बढ़ सकते हैं जिंसों के दाम

बिजनेस स्टैंडर्ड महंगे डीजल के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों का चक्का जामदेश भर के ट्रांसपोर्टर महंगे डीजल और अन्य मुद्दों को लेकर आज से बेमियादी हड़ताल शुरू की है। यह हड़ताल ऑल इंडिया कनफेडरेशन ऑफ गुड्स व्हीकल ओनर्स एसोसिएशन (एआईसीओजीओए) के आह्वान पर की गई है। हड़ताल के पहले दिन देश भर में मिला-जुला असर देखा गया। महाराष्ट्र, बंगाल व दक्षिण भारत के राज्यों में जहां हड़ताल का असर दिखा, वहीं उत्तर भारत के राज्यों में फिलहाल खास असर नहीं दिखा। आवश्यक जिंस की ढुलाई को हड़ताल से बाहर रखा गया है।

इस हड़ताल से दो प्रमुख ट्रांसपोर्टर संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (एटवा) व ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के बाहर रहने से फिलहाल हड़ताल का पहले दिन ज्यादा असर नहीं देखा गया। दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा ने कहा कि पुरानी दिल्ली समेत अन्य बाजारों में हड़ताल का माल ढुलाई पर पहले दिन असर नहीं दिखा। लेकिन हड़ताल लंबी खिंचने पर महाराष्ट्र व दक्षिणी राज्यों को माल की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा, 'हम इस हड़ताल में शामिल नहीं है और दिल्ली में माल ढुलाई की बुकिंग हो रही है।' एआइसीओजीओए के सचिव एस कौसर हुसैन ने कहा कि लगातार महंगे होते डीजल, थर्ड पार्टी बीमा और टोल दरों से ट्रांसपोर्टर मुश्किल में हैं। सरकार से इन समस्याओं को सुलझाने की कई बार अपील की लेकिन समाधान नहीं निकला। इसलिए मजबूरी में ट्रांसपोर्टर को चक्का जाम करना पड़ा। हड़ताल का खास असर न होने और दूसरे अहम संगठनों के शामिल न होने के सवाल पर हुसैन ने कहा कि पहला दिन होने के कारण आज सीमित असर दिखा लेकिन आगे असर दिखेगा।

हुसैन ने दावा किया कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों व दक्षिण भारत के राज्यों में हड़ताल का प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि दूसरे संगठनों से इसमें शामिल होने के लिए बात चल रही है। पश्चिम बंगाल ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के महासचिव सुभाष चंद्र बोस ने दावा किया कि राज्य में 80 फीसदी ट्रक हड़ताल में शामिल हुए। बंगाल सरकार में परिवहन सचिव अलापन बंदोपाध्याय ने कहा कि राज्य में हड़ताल का मामूली असर दिखा।

मुंबई में हड़ताल से आवश्यक जिंस बाहर होने के बाद भी लासलगांव मंडी में आवक घटने से प्याज के दाम 55 फीसदी बढ़ गए, जबकि पिंपलगांव मंडी में 60 पैसे किलो की तेजी दर्ज की गई। पिंपलगांव मंडी के निदेशक अतुल शाह ने कहा कि सोमवार को मंडी में प्याज के ट्रक कम आए। आने वाले दिनों में हड़ताल का असर जिंसों की कीमतों पर दिख सकता है। एटवा के अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने कहा कि 20 जुलाई से एआईएमटीसी ने हड़ताल की घोषणा की है। 

Keyword: ट्रांसपोर्टर, एआईसीओजीओए, एटवा, एआईएमटीसी, महाराष्ट्र, बंगाल,
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