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प्रदेश की जरूरत के हिसाब से बने नीति

भाषा / नई दिल्ली June 17, 2018

नीति आयोग की संचालन परिषद की चौथी बैठक में राज्यों ने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास के विभिन्न मुद्दों पर आज चर्चा की। साथ ही राज्यों ने अपनी मांगे रखते हुए नीति आयोग से प्रदेश की जरूरत के मुताबिक योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया। विपक्षी दलों ने इस बैठक में एकता दिखाते हुए सरकार को मिलकर घेरा। गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जोर देकर कहा कि केंद्र को सहकारी संघवाद का पालन करना चाहिए और राज्यों के मामले में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। 
 
आयोग की तरफ से ट्विटर के माध्यम से दी गई जानकारी के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, 'हमें बिहार जैसे पिछड़े राज्यों को देश के अन्य राज्यों के स्तर पर लाने की जरूरत है। नीति आयोग को इस बात का आकलन करना चाहिए कि विशिष्ट राज्यों की जरूरतों के हिसाब से कैसे योजनाओं को क्रियान्वित किया जा सकता है।'  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक के बाद कहा, 'मेरे ख्याल से केंद्र को सहकारी संघवाद का पालन करना चाहिए और राज्य के मामलों में गैर-जरूरी दखल नहीं देना चाहिए। केंद्र को सहकारी संघीय ढांचे को मजबूत बनाना चाहिए।' बनर्जी ने नीति आयोग के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि यह राज्यों के लिए कुछ नहीं करता है। 
 
राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में संचालन परिषद की चौथी बैठक में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने स्मार्ट सिटी के लिए पूर्वाेत्तर राज्यों के मामले में वित्त पोषण जरूरतों में छूट देने पर जोर दिया। खांडू ने इटानगर में हवाईअड्डे के साथ पूर्वाेत्तर राज्यों के लिए स्मार्ट सिटी के लिए वित्त पोषण में 90:10 का अनुपात रखने की बात कही। साथ ही अरुणाचल प्रदेश के लिए आईएएस, आईपीएस, आईएफएस के लिए अलग कैडर की मांग की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि देश को 8 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों को 10 से 12 प्रतिशत वृद्धि की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश पिछले चार साल से 10.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहा है। 
 
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने किसानों की कर्जमाफी की उनकी सरकार की योजना में 50 प्रतिशत मदद करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया। कुमारस्वामी ने कहा, 'किसानों के कर्ज का मसला हमारे दिमाग में है। मेरी सरकार इस समस्या को सुलझाने के लिए तैयार है और मैं केंद्र सरकार से इसमें सहयोग का आग्रह करता हूं।' कुमारस्वामी ने कहा कि कर्नाटक में लगभग 85 लाख किसानों पर बैंकों का कृषि कर्ज है।   छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि हम तत्परता के केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं को लागू कर रहे हैं। बच्चों के पोषण अभियान के तहत हम वजन त्यौहार जैसी योजनाएं चला रहे हैं और हमने आयुष्मान भारत के लिए नोडल एजेंसी मनोनीत किया है। 
 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम मृदा स्वास्थ्य केंद्र, सिंचाई सुविधाओं तथा ई-नाम जैसी विभिन्न योजनाओं के जरिए राज्य में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कदम उठा रहे हैं। उन्होंने नीति आयोग की संचालन परिषद को संबोधित करते हुए कि वह कृष क्षेत्र में एमएसपी लागू करने, गन्ना कीमतों, अनाज की खरीद, सिंचाई पर जोर दे रहे हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य, पोषण शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जल सूचकांक तैयार करने के लिए नीति आयोग की सराहना करते हुए कहा कि हमारा जोर कृषि विपणन, ई-नाम, सिंचाई, भामाशाह योजना, जल संरक्षण कार्यक्रम, स्वास्थ्य योजनाओं पर है।
 
असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि हमने इस साल बजट इलेक्ट्रानिक रूप से पेश किया। हम आयुष्मान भारत, पोषण अभियान और ग्राम स्वराज अभियान जैसी प्रमुख योजनाओं को प्रमुखता से लागू कर रहे हैं।  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानिस्वामी ने कहा, 'जीएसटी लागू करने के बाद से राज्यों के पास अपने संसाधन बढ़ाने और उनके ज्यादा इस्तेमाल की गुंजाइश बहुत सीमित रह गई है। अब समय आ गया है कि हम संसाधन साझा करने के नए प्रारूप पर काम करें ताकि विकास की मौजूदा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।' उन्होंने कहा विकासशील देशों के चलन की तरह एक सुझाव है कि सभी अप्रत्यक्ष कर लगाए जाएं और उसे वसूलकर राज्यों को दे दे और केंद्र सरकार प्रत्यक्ष कर से मिलने वाले राजस्व को खुद रख ले। 
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