बिजनेस स्टैंडर्ड - टीसीएस फिर करेगी पुनर्खरीद
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टीसीएस फिर करेगी पुनर्खरीद

रोमिता मजूमदार और देवाशिष महापात्र / मुंबई/बेंगलूरु June 15, 2018

देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) लगातार दूसरे साल शेयरों की पुनर्खरीद करने जा रही है। कंपनी के निदेशक मंडल ने 160 अरब रुपये में 7.61 करोड़ शेयरों की पुनर्खरीद के प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी।  पुनर्खरीद की कीमत 2,100 रुपये प्रति शेयर तय की गई है, जो मौजूदा बाजार भाव से 15 फीसदी अधिक है। टीसीएस में प्रवर्तकों के पास अभी 71.92 फीसदी हिस्सेदारी है।  कंपनी ने नियामक को बताया, 'बोर्ड ने 7.6 करोड़ शेयरों की 160 अरब रुपये में पुनर्खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जो कंपनी की कुल चुकता शेयर पूंजी का 1.99 फीसदी है। यह पुनर्खरीद 2,100 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की जाएगी।' कंपनी ने कहा कि पुनर्खरीद टेंडर प्रक्रिया के तहत की जाएगी।  पुनर्खरीद की घोषणा का असर टीसीएस के शेयर पर दिखा और बीएसई पर वह 2.75 फीसदी चढ़कर 1,841.45 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी के शेयर में उछाल से टीसीएस का बाजार पूंजीकरण बढ़कर 7 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।

 
इससे पहले टीसीएस ने पिछले साल 160 अरब रुपये मूल्य की शेयर पुनर्खरीद की थी। इसके तहत 2,850 रुपये के भाव पर 5.61 करोड़ शेयर खरीदे गए थे। पुनर्खरीद को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी और 5.61 करोड़ शेयरों के लिए 221.39 फीसदी बोलियां आई थीं। पिछली पुनर्खरीद में प्रवर्तक कंपनी टाटा संस को 102.78 करोड़ रुपये मिले थे। कंपनी की सालाना आम बैठक में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, 'हमें चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही तक पुनर्खरीद प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।' बीते समय में कई भारतीय आईटी फर्मों ने अतिरिक्त नकदी शेयरधारकों को देने के लिए पुनर्खरीद प्रक्रिया अपनाई थी। टीसीएस के अलावा इन्फोसिस ने भी पिछले साल 130 अरब रुपये की पुनर्खरीद की थी। इसी तरह विप्रो ने भी 110 अरब रुपये की पुनर्खरीद की थी। भारत की एक अग्रणी आर्ईटी कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने कहा, 'मेरे विचार से नियमित पुनर्खरीद भारत की अग्रणी आईटी फर्मों के लिए एक तरह से नियम बन गया है। (शेष पृष्ठï  3 पर)
 
अमेरिका की एक्सेंचर भी पिछले कुछ वर्र्षों से ऐसा ही कर रही है।' आईडीबीआई कैपिटल के वरिष्ठï उपाध्यक्ष और शोध विश्लेषक उर्मिल शाह ने कहा कि पुनर्खरीद के तहत तय शेयर उम्मीद के अनुरूप हैं लेकिन उसकी कीमत जरूर चकित करने वाली है। उन्होंने कहा, 'पिछले साल पनुर्खरीद के बाद भी कंपनी के नकदी स्तर में ज्यादा कमी नहीं आई। यही वजह है कि इस साल भी 160 अरब रुपये की पुनर्खरीद की जा रही है।' अन्य भारतीय आईटी कंपनियों से इतर टीसीएस की वृद्घि तिमाही-दर-तिमाही बनी रही क्योंकि उसने डिजिटल क्षेत्र में समय से पहले निवेश किया था, जिसका उसे फायदा मिल रहा है। मार्च तिमाही में डॉलर मद में कंपनी की आय दो अंकों में बढ़ी है। प्रभुदास लीलाधर के शोध विश्लेषक मधु बाबू के अनुसार पुनर्खरीद का टीसीएस की प्रति शेयर आय पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'कंपनी के पास करीब 400 अरब रुपये की नकदी है और चालू वित्त वर्ष में उसमें 260 अरब रुपये का और इजाफा होने की उम्मीद है। ऐसे में 160 अरब रुपये की पुनर्खरीद से कंपनी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।'
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