बिजनेस स्टैंडर्ड - बिजली संयंत्रों को मिलेगा कोयला
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बिजली संयंत्रों को मिलेगा कोयला

शाइन जैकब और श्रेया जय / नई दिल्ली June 11, 2018

केंद्रीय रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि रेलवे के निजीकरण की सरकार की कोई योजना नहीं है। बहरहाल रेल नियामक की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।  सरकार के 4 साल पूरे होने के मौके पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, 'हम रेलवे का निजीकरण नहीं करने जा रहे हैं और ऐसी कोई योजना भी नहीं है।' रेलवे ने करीब एक महीने पहले रेल कारों मेंं निजी क्षेत्र से निवेश के दरवाजे खोल दिए थे, जिससे बाद सरकार का यह बयान आया है। इसका मकसद विभिन्न जिंसों की आवाजाही सुनिश्चित करना है और इसके लिए किसी विशेष मंजूरी की जरूरत नहींं है। 
 
रेल विकास प्राधिकरण (आरडीए) के बारे में मंत्री ने कहा, 'रेल नियामक की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।' माना जा रहा है कि नियामक या रेल विकास प्राधिकरण (आरडीए) शुल्क संबंधी मसलोंं पर विचार करेगा और इसके  पिछले साल अगस्त से काम किए जाने की उम्मीद की जा रही थी। अप्रैल 2016 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेल नियामक स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। उसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि आरडीए के चेयरमैन और सदस्यों का चयन 15 जुलाई 2017 तक कर लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उद्योग जगत के सूत्रों ने कहा कि चुनावी साल में इसकी संभावना कम है कि सरकार रेल किराये जैसे संवेदनशील मसले पर अहम फैसले करे। 
 
बिजली क्षेत्र में कोयले की कमी के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने संकेत दिए कि कोयला एवं रेल मंत्रालय यह सुनिश्चित करेंगे कि बिजली संयंत्रों को कोयले की पर्याप्त आपूर्ति हो। उन्होंने कहा, 'अप्रैल-मई के दौरान रेल से कोयले की ढुलाई करीब 14 प्रतिशत बढ़ी है। इसके अलावा इस अवधि के दौरान कोयले के उत्पादन मेंं भी करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।' बहरहाल रेलवे अपनी सहायक इकाइयों राइट्स लिमिटेड, इरकॉन इंटरनैशनल और आरवीएनएल की सूचीबद्धता की योजना पर आगे बढऩे जा रही है। गोयल ने कहा कि भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) और भारतीय रेल वित्त निगम (आईआरएफसी) की सूचीबद्धता की योजना अभी रोक दी गई है। 
 
मंत्री ने कहा, 'मैंने आईआरसीटीसी की सूचीबद्धता में मूल्यांकन की वजहोंं से देरी की है। आईआरसीटीसी के पास उपलब्ध डेटाबेस का मूल्य शामिल नहीं किया गया। इसी तरह से आईआरएफसी के मामले में सूचीबद्धता कर संबंधी मसले को लेकर रुकी है और हम कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ मिलकर इसके समाधान की कवायद कर रहे हैं।' कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ आईआरएफसी का विवाद 63.92 अरब रुपये संचित विलंबित कर देयता को लेकर है। आईआरएफसी विलंबित कर देयता के मसले से जूझ रही है क्योंकि उसका मूल्यह्रïास मुनाफे से कम था। कंपनी ने सामान्य कर आकलन के मुताबिक कर का भुगतान नहीं किया और यह 21 प्रतिशत न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) के विचाराधीन था। इसके अलावा इसने 35 प्रतिशत विलंबित कर कर देयता का प्रावधान किया। इस तरह से कंपनी के ऊपर कुल कर देयता 56 प्रतिशत हो गई। एक अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, 'इस मसले पर स्पष्टता की कुछ कमी है, जिसकी वजह से आईआरएफसी की हिस्सेदारी की बिक्री में देरी हो सकती है।' 
 
मंत्री ने कहा कि रेलवे का सुरक्षा रिकॉर्ड 2017-18 में शानदार रहा और 2013-14 में जहां 118 दुर्घटनाएं हुई थीं, वहींं 2017-18 में घटकर 62 रह गईं। गोयल ने कहा, 'सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में है। नई लाइनें बिछाने का काम 59 प्रतिशत बढ़ा है। इसके अलावा लाइनों के नवीकरण का काम भी बढ़कर 2017-18 में करीब 4,000 किलोमीटर पहुंच गया है।'
Keyword: power, electric, coal,,
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