बिजनेस स्टैंडर्ड - दूसरी तिमाही में मुनाफे में आ जाएगा पीएनबी!
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दूसरी तिमाही में मुनाफे में आ जाएगा पीएनबी!

सोमेश झा / नई दिल्ली 06 10, 2018

धोखाधड़ी की मार और घरेलू बैंकों के इतिहास में सबसे बड़ा घाटा सहने वाले पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 55 अरब रुपये के रिकॉर्ड मुनाफे का लक्ष्य रखा है। बैंक की इस महत्त्वाकांक्षी योजना के रास्ते में पहले ही कई अड़चनें आ चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक  पीएनबी ने वित्त वर्ष 2018-19 में करीब 80 अरब रुपये अतिरिक्त पूंजी निवेश की मांग की थी जिसे केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है।  पीएनबी ने पिछले महीने पेश अपनी कायाकल्प योजना में वित्तीय सेवा विभाग और रिजर्व बैंक से कहा था कि उसका लक्ष्य इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 55 अरब रुपये मुनाफा कमाना है। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने इससे संबंधित दस्तावेजों को देखा है। नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों के 143 अरब रुपये के फर्जीवाड़े और रिजर्व बैंक के नए प्रावधान नियमों के कारण पीएनबी को 2017-18 की चौथी तिमाही में 134 अरब रुपये का रिकॉर्ड घाटा हुआ था।  
 
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा, 'पीएनबी में अतिरिक्त पूंजी निवेश की संभावना नहीं है। इस वित्त वर्ष पुनर्पूंजीकरण के दूसरे दौर में बैंक को शायद ही कुछ मिलेगा।' पिछले वर्ष सरकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के पहले दौर में पीएनबी को 54.7 अरब रुपये मिले थे। हाल में रेटिंग एजेंसी मूडीज की इन्वेस्टर्स सर्विस ने पीएनबी की रेटिंग कम करते हुए कहा था कि बैंक को नियामकीय जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्त वर्ष 2018-19 में 120 से 130 अरब रुपये की जरूरत होगी।  पीएनबी ने अपने शुद्घ एनपीए को मार्च 2019 तक 5.96 फीसदी तक लाने की है जो इस साल मार्च तक 11.24 फीसदी था। बैंक ने अपने खर्चों पर कटौती के उपाय करने शुरू कर दिए हैं और नई भर्तियां रोक दी हैं। बैंक ने अपने परिचालन खर्चों में 10 फीसदी कटौती की जाएगी। 
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