बिजनेस स्टैंडर्ड - वित्त मंत्री की बैंकरों संग बैठक आज
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, December 17, 2018 08:34 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम मुद्रा खबर

वित्त मंत्री की बैंकरों संग बैठक आज

सोमेश झा और अभिजित लेले / नई दिल्ली 06 07, 2018

बैंक विलय पर चर्चा!

वित्त मंत्री पीयूष गोयल 15 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों संग करेंगे बैठक
वित्त मंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद बैंकरों के साथ गोयल की यह दूसरी बैठक
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से जुड़ी समस्याओं को दूर कर सकती है सरकार
बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय पर भी हो सकती है चर्चा

बिजनेस स्टैंडर्ड वित्त मंत्री की बैंकरों संग बैठक आजवित्त मंत्री पीयूष गोयल मुंबई में सार्वजनिक क्षेत्र के 15 बैंकों के मुख्य कार्याधिकारियों से शुक्रवार को मुलाकात करेंगे। वित्त मंत्री की बैंकरों के साथ बैठक ऐसे समय में हो रही है जब बैंकों के विलय को लेकर सरकार में हलचल है।  सूत्रों ने कहा कि गोयल पश्चिम और दक्षिण भारत के सार्वजनिक बैंकों के प्रमुखों और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ बैठक कर बैंकिंग प्रणाली से जुड़े विभिन्न मसलों पर चर्चा करेंगे।

बैठक का आयोजन भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ओर से किया जा रहा है और इसमें वित्तीय सेवाओं के विभाग के सचिव राजीव कुमार के साथ ही वित्त मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी शामिल होंगे। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गोयल एवं वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों की मंगलवार को हुई बैठक के बाद बुलाई गई है। सरकार बैंकों से जोखिम प्रबंधन प्रणाली दुरुस्त करने के मसले पर चर्चा करेगी।

एक बैंक के कार्याधिकारी ने कहा कि बैठक में विभिन्न बैंकिंग व्यवस्था, त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) प्रारूप और ऋण उठाव से जुड़े मसलों पर चर्चा की जा सकती है। सूत्रों ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय या एकीकरण पर भी चर्चा हो सकती है लेकिन बातचीत का यह मुख्य मसला नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय कंपनी लॉ पंचाट के समक्ष आए ऋणशोधन मामलों की प्रतिक्रिया से इसकी तैयारियों में कमी का मामला सामने आया है। इसलिए अब विभिन्न बैंकिंग व्यवस्था में जमीन स्तर पर गुणवत्ता सुुधारने का प्रयास किया जाएगा।'

मार्च में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मुख्य तकनीकी अधिकारियों, मुख्य जोखिम प्रबंधन अधिकारियों और कार्यकारी निदेशकों की नई दिल्ली में बैठक हुई थी। इसमें जोखिम प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए एक प्रारूप तैयार करने की बात कही गई थी। यह बैठक पंजाब नैशनल बैंक में 140 अरब रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद बुलाई गई थी। इसमें 2.5 अरब रुपये से अधिक के सभी ऋण की बेहतर निगरानी के लिए बैंकों के एक कंसोर्टियम के तहत लाने की बात कही गई थी।

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार बैंकिंग क्षेत्र में सुधार को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय पर सक्रियता से विचार कर रही है। एक वरिष्ठï बैंकर ने कहा कि बैठक में इस पर भी चर्चा हो सकती है। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, 'निश्चित रूप से सरकारी बैंकों के विलय का प्रस्ताव है। हम विभिन्न संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।' उद्योग के सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में बैंक ऑफ बडौदा और केनरा बैंक को भौगोलिक और कारोबारी तालमेल के आधार पर छोटे बैंकों के साथ विलय के लिए कहा जा सकता है।

पिछले साल अगस्त में सरकार ने सरकारी बैंकों के विलय के लिए एक व्यवस्था को मंजूरी दी थी। केंद्र ने तब कहा था कि विलय का प्रस्ताव की शुरुआत बैंकों के बोर्डों से होनी चाहिए और इसके लिए विशुद्घ रूप से वाणिज्यिक आधार होना चाहिए। बैंकों को वित्त मंत्री की अगुआई वाले मंत्रियों के एक समूह को प्रस्ताव भेजना था। उस समय सरकार ने कहा था कि सरकारी बैंकों के विलय से मजबूत और प्रतिस्पद्र्घी बैंकों का गठन होगा।

वित्त मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि विलय से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों और बैंकों की बदहाल होती वित्तीय स्थिति के मद्देनजर किसी भी बैंक ने अब तक कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। अलबत्ता विलय को लेकर बैंकों की अनिच्छा के मद्देनजर वित्त मंत्री की अगुआई वाला मंत्रियों का समूह बैंकों को विभिन्न प्रस्तावों पर विचार करने के लिए कह सकता है।

एक अधिकारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कम से कम 2-3 बैंकों को मार्च 2019 तक त्वरित सुधारात्मक सूची से बाहर निकालना है। अभी 21 सरकारी बैंकों में से 11 बैंक रिजर्व बैंक की इस सूची में शामिल हैं जिसके कारण उनके कारोबार बढ़ाने पर कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं। 

Keyword: bank, loan, debt, piyush goel, वित्त मंत्री, पीयूष गोयल, बैंक, विलय,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या हुआवेई पर सरकार को लगाना चाहिए प्रतिबंध?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.