बिजनेस स्टैंडर्ड - महाराष्ट्र सरकार ने चने और अरहर की खरीदारी बंद की
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, November 20, 2018 05:53 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम निवेश खबर

महाराष्ट्र सरकार ने चने और अरहर की खरीदारी बंद की

सुशील मिश्र / मुंबई 06 06, 2018

महाराष्ट्र सरकार ने एमएसपी के तहत चने और अरहर (तुअर) की खरीदारी रोकने का फैसला किया है। गोदामों में पर्याप्त जगह नहीं होने और पैकेजिंग की दिक्कत के कारण राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। किसानों से सीधे खरीदारी की जगह अब सरकार भावांतर योजना के तहत चने और अरहर की खरीदारी करेगी। इसके तहत बाजार भाव और एमएसपी के बीच के अंतर को सरकार सीधे किसान को देगी। अरहर की खरीद पूरे हुए बिना खरीद केंद्रों के बंद होने से किसानों में बढ़ते रोष को देखते हुए राज्य सरकार केंद्र सरकार से खरीद की समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रही है। हालांकि मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने महाराष्ट्र में चने और लहसुन की खरीद की अवधि क्रमश: 13 जून और 20 जून तक बढ़ाने की घोषणा की है। केंद्र सरकार के फैसले के बाद महाराष्ट्र मंत्रिमंडल, नेफेड तथा कृषि विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में चने और अरहर की खरीद, उसके स्टॉक तथा पैकेजिंग और इसके सार्वजनिक वितरण केंद्रों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकारी गोदामों में भारी स्टॉक के कारण सरकार ने फैसला लिया है कि चने और अरहर की सरकारी खरीद बंद की जाएगी, लेकिन किसानों को नुकसान से बचाने के लिए चने और अरहर में प्रति क्विंटल 1,000 रुपये सरकार किसानों के खाते में सीधे जमा कराएगी। 
 
महाराष्ट्र के विपणन मंत्री सुभाष देशमुख ने बताया कि राज्य में इस वर्ष एक फरवरी से न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ अरहर की खरीद शुरू की गई थी। खरीद की अवधि समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार ने 15 मई तक इसकी मियाद बढ़ाई थी। इस साल अरहर खरीद का लक्ष्य 44 लाख क्विंटल था जिसमें 15 मई तक 193 खरीद केंद्रों पर 33,15,132 क्विंटल अरहर की खरीद की गई। अब गोदामों में जगह की कमी के कारण खरीदारी करना मुश्किल है। इसलिए किसान अपनी उपज मंडियों में बेच सकते हैं और उसकी रसीद नेफेड में जमा करा सकते हैं। इसमें किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। 
Keyword: agri, farmer, pulses,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या बिनानी पर अदालत का फैसला अन्य मामलों के लिए बनेगा नजीर?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.