बिजनेस स्टैंडर्ड - जैन बने रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर
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जैन बने रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर

अनूप रॉय और सोमेश झा / मुंबई/नई दिल्ली 06 04, 2018

आईडीबीआई बैंंक के प्रबंध निदेशक एमके जैन भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर होंगे। वह पिछले साल 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुए एसएस मुंद्रा की जगहब लेंगे। उनका कार्यकाल 3 साल के लिए होगा।  उम्मीद की जा रही है कि उन्हें अन्य दायित्वों के साथ बैंकिंग की निगरानी का काम दिया जाएगा। इस मामले में उनका बेहतर अनुभव है। बासेल-3 मानक 17 मई से प्रभावी हो रहे हैं और जैन को नकदी की नई जरूरतों पर नजर रखनी होगी। मध्यावधि से लेकर दीर्घावधि हिसाब से वह बैंकिंग व्यवस्था में खराब कर्ज पर नजर रखेंगे और सुधारात्मक कदम उठाने को लेकर मार्गदर्शन करेंगे। 

 
रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में बदलाव एक अन्य बड़ी नीतिगत चुनौती है।  यह भी उम्मीद है कि जैन विभिन्न मसलों पर बैंकरों और गवर्नर ऊर्जित पटेल के बीच बातचीत की खाईं को दूर करेंगे, खासकर दिवालिया संहिता व गैर निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) के कड़े मानकों को लेकर वह बैंकरों व पटेल के बीच तालमेल बिठाने पर काम करेंगे। नए प्रावधानों के तहत अगर कोई कंपनी एक दिन भी चूक करती है तो पर दिवालिया प्रक्रिया के दायरे में आ जाती है। जैन को बैंकर के रूप मेंं 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह मार्च 2017 से सरकारी बैंक आईडीबीआई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। इसके पहले वह दो साल तक इंडियन बैंक के प्रमुख रहे। डिप्टी गवर्नर को 2.25 लाख रुपये महीने नियत वेतन और भत्ते मिलते हैं। 
 
विश्लेषकोंं का कहना है कि कि जैन को लीक से हटकर विचार देने वाले व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। उन्होंने चेन्नई के इंडियन बैंक के खराब कर्ज को साफ करने में अहम भूमिका निभाई थी। खबरों के मुताबिक उन्होंने महज दो बैठकोंं में संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों के खराब कर्ज के 30 अरब रुपये जमा कराए थे।  उनकी वार्ता के तौर तरीकों से वाकिफ एक विश्लेषक ने कहा, 'वह अपने कार्यकाल में प्रभावी रहे हैं और उन्होंने सभी पक्षों के लिए लाभदायक पेशकश की और बातचीत के लिए बहुत कम जगह छोड़ी। इंडियन बैंक की स्थिति उन्होंने मजबूत की, जिसकी वजह से उन्हें आईडीबीआई में लाया गया था।'  सामान्यतया नियुक्ति 3 साल के लिए होती है, उसके बाद अगर नियुक्त व्यक्ति की उम्र 62 साल से ज्यादा न हो गई हो तो सरकार नियुक्ति के नवीकरण पर विचार करती है। 
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