बिजनेस स्टैंडर्ड - हड़ताल से काम ठप
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हड़ताल से काम ठप

सोमेश झा / नई दिल्ली 05 31, 2018

बिहार, पश्चिम बंगाल में बैंक हड़ताल का सबसे अधिक हुआ असर

बिजनेस स्टैंडर्ड हड़ताल से काम ठप

बैंक कर्मचारियों की दो दिन की देशव्यापी हड़ताल मेंं पहले दिन आज करीब 10 लाख कर्मचारियों ने हिस्सा लिया जिससे चेक निपटारे और नकदी जमा का काम प्रभावित हुआ। हालांकि एटीएम सामान्य रूप से काम करते रहे, लेकिन बैंकों के डिजिटल लेनदेन पर हड़ताल का असर दिखा। ऑल इंडिया बैंक इम्पलॉयीज एसोसिएशन के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने दावा किया कि हड़ताल के कारण 39 लाख चेक, डिमांड ड्राफ्ट और अन्य प्रतिभूतियां अटकी रहीं और उनकी वजह से करीब 217 अरब रुपये बीच में फंसे रहे।

हड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को भी बैंकिंग कामकाज इसी तरह प्रभावित होने की आशंका है। वेंकटचलम ने कहा कि हड़ताल के कारण सरकारी क्षेत्र के बैंकों और निजी क्षेत्र के कुछ पुराने बैंकों की करीब 85,000 शाखाएं बंद रहीं। लेकिन पश्चिम बंगाल जैसे कुछ राज्यों को छोड़कर अधिकतर राज्यों में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और ऐक्सिस बैंक का कामकाज सामान्य दिनों की तरह चला।  हड़ताल वेतन वृद्घि के मसले पर हो रही है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने महज 2 फीसदी वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है, जिसका विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने विरोध किया है।

फंसे कर्ज की समस्या से जूझ रहे बैंकों का कहना है कि वे वेतन में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं कर सकते। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी बैंकों के करीब 88 फीसदी कर्मचारी आज काम पर नहीं आए। मध्य प्रदेश में 97 फीसदी बैंक कर्मचारी काम पर नहीं आए। कर्नाटक और चंडीगढ़ में 95 फीसदी, गुजरात में 94.5 फीसदी तथा छत्तीसगढ़ में 94 फीसदी कर्मचारियों ने काम से परहेज किया। कुछ राज्यों में निजी बैंकों की भी कुछ शाखाएं बंद रहीं।

यूनियन फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफयूबी) ने दावा किया कि असम और पश्चिम बंगाल में निजी बैकों की सभी शाखाएं बंद रहीं। चूंकि हड़ताल महीने के अंत में हो रही है, इसलिए वेतनभोगी लोगों को परेशानी हो सकती है। हड़ताल को देखते हुए राज्यों और केंद्र के कई विभागों ने मंगलवार को ही अपने कर्मचारियों के वेतन उनके खातों में डाल दिए थे। एसोचैम का कहना है कि यूएफयूबी द्वारा आहूत हड़ताल से 200 अरब रुपये का लेनदेन प्रभावित होगा।

यूएफयूबी में 9 कर्मचारी संगठन शामिल हैं। हड़ताल के कारण जमा, सरकारी ट्रेजरी परिचालन, मुद्रा बाजार परिचालन सहित सभी तरह का बैंकिंग कामकाज प्रभावित हुआ। बैंकरों ने हड़ताल का बहुत अधिक असर होने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि अधिकतर बैंकों ने हड़ताल से निपटने की तैयारी कर ली थी। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य परिचालन अधिकारी नीरज व्यास ने कहा कि हड़ताल का व्यापक असर नहीं होगा। 

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