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एनएसई में तकनीकी गड़बड़ी के मामले में जांच के आदेश

पवन बुरुगुला / मुंबई 05 30, 2018

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने निट ऑन वेब (नाउ) ट्रेडिंग क्लाइंट का इस्तेमाल करने वाले ट्रेडरों के सामने पैदा हुई तकनीकी गड़बड़ी की जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, एक्सचेंज ने सॉफ्टवेयर वेंडर को आदेश दिया है कि वह इसकी मूल वजह का विश्लेषण करे और दो हफ्ते में रिपोर्ट जमा कराए। इस मामले में एनएसई प्राथमिक जांच कर चुका है, पर इसका कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया। कई ब्रोकरों को संदेह है कि सॉफ्टवेयर में परेशानी की वजह सिस्टम पर वायरस का हमला हो सकती है, लेकिन एक्सचेंज ने इससे इनकार किया है।
 
एनएसई के प्रवक्ता ने कहा, एनएसई का ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पूरी तरह अलग है और उस दिन पूरी क्षमता के साथ इसने ठीक-ठाक काम किया। एनएसई की व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है और वायरस का हमला नहीं पाया गया है। एनएसई ने आगे की जांच के लिए ब्रोकरों से लेनदेन की रिपोर्ट जमा कराने को कहा है, जिनका कारोबार गलत तरीके से संपन्न हो गया। एक सूत्र ने कहा, एनएसई के ट्रेडिंग ऑर्डर का मूल स्रोत नाउ नहीं है और यह प्लेटफॉर्म अनिवार्य रूप से छोटे ब्रोकरों की जरूरतें पूरी करता है। ऐसे में नुकसान बहुत बड़ा नहीं है। हालांकि नाउ प्लेटफॉर्म पर उस समय सक्रिय कई ब्रोकरों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ा। रिपोर्ट के नतीजे के आधार पर एनएसई आगे उठाए जाने वाले कदमों की योजना बनाएगा।  
 
यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस गड़बड़ी से ब्रोकरों को हुए नुकसान का क्या हुआ। ब्रोकर लॉबी इस गड़बड़ी के चलते ट्रेडर को हुए नुकसान की भरपाई निवेशक सुरक्षा फंड से करने की मांग कर रहा है। 24 मई को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने तकनीकी गड़बड़ी का सामना किया था, जो दिए गए ऑर्डर में गड़बड़ी कर रहा था और मार्जिन की अनिवार्यता को भी अस्वीकृत कर रहा था। इस गड़बड़ी के चलते सिस्टम ऑर्डर के मुकाबले ज्यादा मात्रा में आवंटन कर रहा था। कुछ मामले में यह करीब 100 गुने तक पहुंच गया था। उदाहरण के तौर पर अगर किसी ट्रेडर ने निफ्टी ऑप्शंस के 100 अनुबंध खरीदने का ऑर्डर दिया तो तकनीकी गड़बड़ी के चलते सिस्टम ने निफ्टी के 10,000 अनुबंध का ऑर्डर क्रियान्वित कर दिया। ऐसा तब भी हो गया जब क्लाइंट के खाते में मार्जिन की पर्याप्त रकम नहीं थी।

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