बिजनेस स्टैंडर्ड - पीएनबी को पूंजी निवेश की आस
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पीएनबी को पूंजी निवेश की आस

सोमेश झा / नई दिल्ली 05 21, 2018

नीरव मोदी घोटाले के झटके के बाद पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) चालू वित्त वर्ष में दूसरे दौर के पूंजी निवेश के तहत सरकार से अधिक निवेश की उम्मीद कर रहा है ताकि उसे मौजूदा संकट से उबरने में मदद मिल सके। इसके अलावा बैंक भारतीय रिजर्व बैंक की तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) से बचने के लिए करीब 80 अरब रुपये की अपनी गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों को बेचने की भी योजना बना रहा है। पीएनबी के एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा, 'हालांकि हमने आधिकारिक तौर पर वित्त मंत्रालय से अब तक संपर्क नहीं किया है लेकिन पूंजी निवेश के रूप में सरकार से मदद हमारे लिए काफी सकारात्मक रहेगी।' पुनर्पूंजीकरण के पहले दौर में केंद्र सरकार ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान बॉन्ड के जरिये 800 अरब रुपये का पूंजी निवेश किया था। अपेक्षाकृत दमदार बैंक अथवा पीसीए दायरे के इतर होने के कारण पीएनबी को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाद सबसे अधिक 54.7 अरब रुपये प्राप्त हुए थे। जबकि एसबीआई में सरकार ने सबसे अधिक 88 अरब रुपये का पूंजी निवेश किया था।
 
पीएनबी के एक अधिकारी ने कहा, 'हालांकि सरकार के पूंजी निवेश और पात्र संस्थागत निवेश (क्यूआईपी) के जरिये जुटाई गई हमारी खुद की रकम धोखाधड़ी और गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के लिए प्रावधान के कारण पानी में चली गई।' पीएनबी ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान क्यूआईपी के जरिये 50 अरब रुपये जुटाए थे। विशेषज्ञों ने कहा कि बैंक के पास फिलहाल दो विकल्प मौजूद हैं- पूंजी जुटाए अथवा डूबते ऋण को वसूले। जबकि डूबते ऋण की वसूली एक लंबी प्रक्रिया होगी जिसमें काफी वक्त लग सकता है।
 
इक्रा लिमिटेड के वरिष्ठï उपाध्यक्ष (समूह प्रमुख- वित्तीय क्षेत्र की रेटिंग) कार्तिक श्रीनिवासन ने कहा, 'पीएनबी को निश्चित तौर पर रकम जुटाने की जरूरत होगी। उन्हें अभी भी इस साल काफी प्रावधान (धोखाधड़ी और आरबीआई के नए प्रावधान के कारण) करने की जरूरत है। साथ ही नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल से बेहतर वसूली से उसे मदद मिलेगी।' फंड जुटाने के लिए पीएनबी अपनी आकर्षक गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों और अनुषंगियों का विनिवेश करने की योजना बना रहा है। बैंक चालू वित्त वर्ष में 80 अरब रुपये मूल्य की इन परिसंपत्तियों की बिक्री करने की सोच रहा है। बैंक दूसरी तिमाही में अपनी बीमा इकाई पीएनबी मेटलाइफ को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की भी तैयारी में है। इस बीमा कंपनी में पीएनबी की 30 फीसदी हिस्सेदारी है। 
 
बैंक के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, 'ट्रेजरी फंडों में हमने बड़े पैमाने पर निवेश किया हुआ है। हम पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में अपनी कुछ हिस्सेदारी भी बेच सकते हैं। हम गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों की बिक्री भी कर सकते हैं जिनमें दिल्ली स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं। इन सभी तरीकों से हम 60-80 अरब रुपये जुटा लेंगे।' हालांकि बैंक अपनी सहायक इकाई पीएनबी हाउसिंग फाइनैंस में नवंबर 2019 तक केवल 13 फीसदी हिस्सेदारी ही बेच पाएगा। इसमें पीएनबी के पास 32.96 फीसदी हिस्सेदारी है लेकिन इसमें से 20 फीसदी हिस्सेदारी सेबी नियमों के तहत बेची नहीं जा सकती है। पीएनबी ग्रामीण एवं कस्बाई इलाकों में मौजूद अपनी शाखाओं के जरिये कारोबार बढ़ाने पर भी खास ध्यान देने जा रहा है। बैंक अधिकारी कहते हैं, 'अपनी परिसंपत्ति गुणवत्ता सुधारने के लिए ग्रामीण एवं कस्बाई शाखाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।'
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