बिजनेस स्टैंडर्ड - भूषण स्टील के चलते पीएनबी के लाभ पर 7.35 अरब रुपये का असर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, August 15, 2018 10:19 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

भूषण स्टील के चलते पीएनबी के लाभ पर 7.35 अरब रुपये का असर

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली May 21, 2018

बिजनेस स्टैंडर्ड भूषण स्टील के चलते पीएनबी के लाभ पर 7.35 अरब रुपये का असरमार्च तिमाही में सभी बैंकों में सबसे ज्यादा 134 अरब रुपये का शुद्ध नुकसान दर्ज करने वाले पंजाब नैशनल बैंंक का मानना है कि भूषण स्टील का दिवालिया समाधान का मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इसके लाभ में 7.35 अरब रुपये तक का सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही बैंक को उम्मीद है कि टाटा स्टील लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक बमनीपाल स्टील लिमिटेड (बीएनबीएल) की तरफ से भूषण स्टील के अधिग्रहण से इसका फंसा कर्ज 38.57 अरब रुपये घट जाएगा।

2017-18 के आखिर में पीएनबी का सकल एनपीए 866 अरब रुपये रहा। पीएनबी ने एक बयान में कहा, बैंक हालांकि बकाया रकम में 30.50 अरब रुपये की वसूली करेगा, वहीं यह इस एनपीए के प्रावधान में से 807 अरब ररुपये बट्टे खाते में भी डालने में सक्षम होगा। पीएनबी का भूषण स्टील पर दूसरा सबसे बड़ा कर्ज था और बैंंक ने कहा कि इस अधिग्रहण से बैंक को बड़ा फायदा मिलेगा।

पीएनबी के सूत्रों ने कहा, भूषण स्टील का बकाया इसके खाते में 38.57 अरब रुपये था, वहीं प्रावधान के मद में 15.42 अरब रुपये रखे गए थे। अहम बात यह है कि पीएनबी समेत विभिन्न लेनदारों की अधिग्रहीत इकाई में 12 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जो उन्हें तब इसे भुनाने का मौका देगा जब कंपनी का मूल्यांकन बढ़ेगा। भूषण स्टील के प्रति शेयर 27.75 रुपये के भाव पर उसका मौजूदा बाजार मूल्यांकन 5.98 अरब रुपये बैठता है और लेनदारों की हिस्सेदारी 72 करोड़ रुपये की बैठती है।

बीएनपीएल ने 364 अरब रुपये के भुगतान पर भूषण स्टील की 72.65 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है, जिसमें से 352 अरब रुपये वित्तीय लेनदारों को चुकाए जाएंगे। बैंंक ने कहा, इस खरीद से पूंजी में मजबूती के तौर पर पंजाब नैशनल बैंंक को राहत मिलने की संभावना है, जो ऋणग्रस्त कंपनी की बड़ी लेनदार थी।

अप्रैल 2018 में वेदांत की तरफ से इलेक्ट्रोस्टील की खरीद के बाद आरबीआई की तरफ से पहचाने गए 12 खातों की सूची में यह दूसरा समाधान है। पीएनबी ने कहा कि ऐसे कुछ और समाधान से निश्चित तौर पर पीएनबी को अगली कुछ तिमाहियों में बेहतर स्थिति में लाने में मदद कर सकती है। नीरव मोदी व मेहुल चोकसी की कंपनियों को दिए गए 143 अरब रुपये के फर्जी कर्ज से पीएनबी की बैलेंस शीट प्रभावित हुई है।

दबाव वाली परिसंपत्तियों के आरबीआई के नए नियमों से पीएनबी को 102 अरब रुपये और धोखाधड़ी के लिए 71.8 अरब रुपये का प्रïावधान करना पड़ा, जो घोटाले की रकम की आधी है। चौथी तिमाही में पीएनबी का घाटा सात बैंकों इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, ऐक्सिस बैंक, यूको बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, देना बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के संयुक्त घाटे के मुकाबले ज्यादा रहा।

Keyword: bhusan steel, NCLT, PNB, मार्च तिमाही, पंजाब नैशनल बैंक, भूषण स्टील, दिवालिया समाधान,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या रुपये की गिरावट थामने के लिए सक्रिय हस्तक्षेप करे आरबीआई?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.