बिजनेस स्टैंडर्ड - बस 27,000 रुपये में अमेरिका आएं-जाएं
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बस 27,000 रुपये में अमेरिका आएं-जाएं

अरिंदम मजूमदार /  05 16, 2018

हो सकता है कि आपने आज से पहले कभी 'वाउ एयर' का नाम ही नहीं सुना हो और इसके संस्थापक स्कली मोगेन्सन के बारे में तो आप शायद ही जानते हों। लेकिन आप भारत से अमेरिका जाते रहते हैं तो यह आपके काम की खबर है। वाउ एयर बेहद कम किराये में भारत से अमेरिका का हवाई सफर कराने जा रही है। कंपनी दिसंबर से अमेरिका के लिए उड़ान शुरू करेगी और भारत से वहां तक का आने-जाने का किराया केवल 27,000 रुपये होगा।

अभी भारत से अमेरिका तक के सबसे सस्ते टिकट के मुकाबले भी वाउ एयर का किराया आधे से कम होगा। वाउ एयर का विमान दिल्ली से सुबह उड़ान भरेगा और 11 घंटे में आइसलैंड के शहर रेकजाविक पहुंचेगा। वहां ढाई घंटे तक रुकने के बाद वह दोबारा उड़ेगा और 6 घंटे में वाशिंगटन पहुंच जाएगा। इस तरह यह कंपनी खाड़ी विमान कंपनियों को कड़ी चुनौती दे सकती है, जिनमें पश्चिमी देशों की यात्रा करने वाले मुसाफिर बड़ी तादाद में सवार होते हैं।  

मगर किराया यूं ही कम नहीं है। आपको इसके लिए समझौते भी करने पड़ेंगे। कम किराये का मतलब यह होगा कि आपको आम विमानन कंपनियों जैसी सेवाएं इसमें नहीं मिलेंगी। यहां तक कि खाने-पीने का पैसा भी आपको अपनी जेब से चुकाना होगा। अगर आपको चाय या कॉफी की तलब लगती है तो उसका एक कप करीब 2.71 डॉलर (आज की कीमत के मुताबिक करीब 185 रुपये) में मिलेगा। कॉफी के साथ चिकन सैंडविच खाना चाहेंगे तो उसके लिए अलग से 10.49 डॉलर (700 रुपये से भी ज्यादा) चुकाने होंगे।

वाउ में आप ज्यादा सामान ले जाना भी शायद ही चाहें क्योंकि केबिन में जाने वाले एक छोटे बैग के अलावा बाकी सभी सामानों का शुल्क आपसे वसूला जाएगा। इतना ही नहीं किराया कम रखने के लिए विमान में सीटें भी ज्यादा रखी गई हैं। इसमें 365 सीटें हैं यानी आपको पांव आराम से पसारने का मौका भी नहीं मिल पाएगा। मोगेन्सन को नहीं लगता कि यात्रियों को खाने-पीने का भुगतान करने या तंग जगह में बैठने में कोई दिक्कत होगी।

उन्होंने कहा, 'हम यात्रियों के उस तबके पर नजर गड़ा रहे हैं, जो किसी भी सूरत में पैसा बरबाद नहीं करना चाहता।' बहरहाल मोगेन्सन भारत से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने कहा, 'अगर आप भारत से उत्तरी अमेरिका की तरफ जाने वाली उड़ानों को देखें तो वे आइसलैंड के आसमान से होकर गुजरती हैं। इसका मतलब यह है कि रेकजाविक में हमारे केंद्र के जरिये वहां जाना दुबई या एम्सटर्डम के मुकाबले ज्यादा सुगम है। हम आगे की सबसे तेज उड़ान मुहैया कराएंगे। हमारा मकसद आइसलैंड को उत्तर का दुबई बनाना है।'

Keyword: aviation, flight, USA, वाउ एयर, स्कली मोगेन्सन, अमेरिका,
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