बिजनेस स्टैंडर्ड - देश में शहरी गैस के 86 परमिट जारी होंगे
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, November 29, 2020 04:32 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

देश में शहरी गैस के 86 परमिट जारी होंगे

बीएस संवाददाता/एजेंसियां / नई दिल्ली May 08, 2018

देश में शहरी गैस वितरण के लाइसेंस नीलाम करने के लिए बोलियां आमंत्रित करने की अब तक की सबसे बड़ी प्रक्रिया आज शुरू कर दी गई। इसके तहत 22 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में सीएनजी स्टेशन और रसोई गैस के वितरण के लिए पाइप नेटवर्क के कुल 86 परमिट जारी करने की पेशकश की गई है। इससे 174 जिलों को लाभ होगा।  क्षेत्र के नियामक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने शहरी गैस वितरण की इस 9वें दौर की बोली के तहत 86 भौगोलिक क्षेत्रों की पेशकश की गई है। एक भौगोलिक क्षेत्र में आपस में लगे एक से अधिक जिलों को रखा जा सकता है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यहां आयोजित एक रोड शो में कहा कि इन भौगोलिक क्षेत्रों में देश का 24 प्रतिशत भूभाग और 29 प्रतिशत जनसंख्या आती है। पीएनजीआरबी ने रोड शो के दौरान जो प्रस्तुतीकरण दिया उसके मुताबिक सीएनजी और पाइप रसोई गैस बिक्री के लिए दिए जाने वाले वितरण लाइसेंस के इस दौर में 70,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हो सकता है। बोली लगाने की अंतिम तिथि 10 जुलाई है। प्रधान ने कहा कि सरकार अगले कुछ साल के दौरान प्राथमिक ऊर्जा पोटली में प्राकृतिक गैस का हिस्सा बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक पहुंचाना चाहती है। 
 
एक अधिकारी ने कहा, 'इस दौर की प्रमुख बात यह है कि लाइसेंस हासिल करने वाली कंपनी को 8 साल के लिए विशिष्ट विपणन का अधिकार मिलेगा, जिसका विस्तार कुछ निश्चित मानकोंं के आधार पर 9 साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है।' इसकी तुलना में अभी 5 साल तक की विशिष्टता थी।  वर्तमान में यह हिस्सा 6 प्रतिशत है। पीएनजीआरबी के इस नीलामी दौर का उद्देश्य 2020 तक 1 करोड़ घरों को पाइप गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना भी है। यह संख्या इस तरह के गैस कनेक्शन प्राप्त ग्राहकों के मुकाबले करीब तीन गुणा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह लक्ष्य तय किया है। शहरी गैस वितरण के इस दौर में मध्य प्रदेश में भोपाल, महाराष्ट्र में अहमदनगर, पंजाब में लुधियाना और जालंधर, राजस्थान में बाड़मेर, अलवर और कोटा, तमिलनाडु में कोयंबटूर और सेलम, उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद, फैजाबाद, अमेठी और रायबरेली, उत्तराखंड में देहरादून और पश्चिम बंगाल में बद्र्धमान के लिए लाइसेंस की पेशकश की गई है। इस नीलामी दौर से पहले इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, गेल गैस लिमिटेड को 91 भौगोलिक क्षेत्रों में शहरी गैस वितरण के लाइसेंस दिए जा चुके हैं। इन क्षेत्रों के तहत 24 करोड़ लोगों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जा रही है। इसमें 42 लाख घरेलू ग्राहक और 31 लाख सीएनजी वाहनों को गैस आपूर्ति की जा रही है।  
 
इनमें से 56 गैस लाइसेंस बोली के जरिये दिए गए और बाकी बचे सरकार की अनुशंसा पर। 'एक पैसा' बोली की प्रक्रिया से शुरुआती नीलामी दौर के खराब हो जाने के बाद बोली बदले हुए नियमों पर लगाई जा रही है।  बोलीदाताओं को उनके द्वारा सीएनजी स्टेशन स्थापित करने की संख्या और परिचालन के पहले आठ वर्षों में घरेलू गैस के कनेक्शन की संख्या के बारे में उल्लेख करने को कहा गया है।  बोली के पिछले आठ दौर में बोलीदाताओं को केवल शहर के भीतर गैस लाने वाली पाइपलाइन के लिए टैरिफ का उल्लेख करने को कहा गया था। बोली की इन मानदंडों में किसी व्यक्ति द्वारा वाहनों में सीएनजी भरने की दर या घरों में उसी पाइपलाइन नेटवर्क के जरिये पाइप वाले प्राकृतिक गैस बेचने के दर को शामिल नहीं किया गया था जिससे कंपनियां लाइसेंस हासिल करने के लिए एक पैसा टैरिफ देने का प्रस्ताव दे रही थी। 
 
नए दिशानिर्देशों में स्वीकृति की तारीख से आठ वर्षों में पाइपलाइन से गैस कनेक्शन दिए जाने की संख्या के प्रस्ताव को अधिकतम 50 प्रतिशत का भारांक  दिया गया है जो कि पहले 30 प्रतिशत था। सीएनजी वितरण करने वाले स्टेशन स्थापित करने की प्रस्तावित संख्या को 20 प्रतिशत का भारांक दिया गया है। इसके अलावा सिटी गैस के लिए फ्लोर टैरिफ 30 रुपये और सीएनजी के लिए 2 रुपये प्रति किलो रखा गया है, जिससे कि बोलीकर्ताओं की 1 पैसे प्रति यूनिट की अव्यावहारिक कोटिंग से रोका जा सके। 
Keyword: oil, gas, permit,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या जीडीपी में सुधार के बाद आगे तेज होगी रफ्तार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.