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1,500 डॉलर तक पहुंचेगा सोना!

बीएस संवाददाता / मुंबई May 08, 2018

जीएफएमएस थॉमसन रॉयटर्स ने इस साल सोने की कीमतें तेज रहने की संभावना जताई है। एजेंसी ने आज कहा, 'इस साल अब तक सोने की कीमतों का औसत स्तर 1,360 डॉलर प्रति औंस रहा है और  यह वर्ष की शेष अवधि में किसी बाहरी झटके से 2018 में सर्वोच्च स्तर 1,500 डॉलर तक पहुंच सकता है।' जीएफएमएस ने आज 2018 का अपना स्वर्ण सर्वेक्षण जारी किया। इसमें उसने कई कारण गिनाए हैं, जिनकी वजह से उसे लगता है कि सोने में तेजी रहेगी। रॉयटर्स ने कहा कि सोने की कीमतों का अनुमान पिछले 5 वर्षों में सबसे अधिक है। इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार 1,312 डॉलर प्रति औंस पर हो रहा है। 
 
एजेंसी का मानना है कि वर्तमान भूराजनीतिक माहौल और शेयर बाजार सोने की जोखिम हेजिंग की भूमिका के लिए मददगार हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने की बातचीत जैसी राजनीतिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में जारी तनाव से सोने की कीमतों में तेजी को बल मिलेगा। पश्चिम एशिया के तनाव की आहट सुनाई दे रही है क्योंकि अमेरिका ईरान पर जल्द ही प्रतिबंधों की घोषणा करने जा रहा है। इस वजह से कच्चे तेल की कीमतें पहले ही तेजी के रथ पर सवार हैं। 
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में केंद्रीय बैंकों ने अपने आरक्षित भंडारों में 366 टन सोना बढ़ाया है, जो वर्ष 2016 के मुकाबले करीब एक-तिहाई है। एजेंसी ने कहा, 'हमारा अनुमान है कि 2018 में चीन केंद्रीय बैंक के रूप में खरीदारी शुरू करेगा।' चीन की खरीद से वैश्विक केंद्रीय बैंकों की शुद्ध खरीद 400 टन का आंकड़ा पार कर जाएगी। वर्ष 2017 में रुसी केंद्रीय बैंक सोने का खरीदार था, जिसने लगातार तीसरे साल 200 टन सोना खरीदा था। इसके बाद तुर्की के केंद्रीय बैंक ने भी बड़ी मात्रा में खरीद की थी। 
 
वर्ष 2017 में सोने की खदानों में कुल उत्पादन 3,247 टन रहा, जो 2016 से 5 टन कम है। इसकी वजह चीन में पर्यावरण से संबंधित अवरोध और इंडोनेशिया में अवैध खनन पर कार्रवाई थी। जीएफएमएस का अनुमान है कि इस साल ईटीएफ मांग बढ़कर 350 टन पर पहुंच जाएगी, जबकि 2017 में 177 टन की शुद्ध बढ़ोतरी हुई थी। लगातार चार वर्ष तक गिरावट के बाद 2018 में खुदरा निवेश बढऩे का अनुमान है। इसकी वजह यह है कि सोने की सिल्ली की मांग बढ़ी है और सोने की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर रुझान सुधरा है। 
 
कीमतों में बढ़ोतरी का आभूषणों की मांग पर नकारात्मक असर होगा। एजेंसी का मानना है कि इस साल गहनों की वैश्विक मांग 3 फीसदी घटेगी क्योंकि आभूषणों के एक प्रमुख बाजार भारत में मांग घट रही है। जीएफएमएस थॉमसन रॉयटर्स ने कहा, 'हमारा अनुमान है कि इस साल सोने का खनन बढ़ेगा, जिसे रूस में उत्पादन में बढ़ोतरी और चीन में उत्पादन स्थिर होने से मदद मिलेगी।' इस सर्वेक्षण में भारत के सोने के आयात को लेकर कहा गया है कि भारत ने 2017 में 879.8 टन का आधिकारिक आयात किया। वैश्विक स्तर पर आभूषणों की गढ़ाई 2017 में साल दर साल आधार पर 13 फीसदी बढ़कर 2,214 टन रही, जिसमें भारत में मांग में 58 फीसदी बढ़ोतरी का अहम योगदान रहा। हालांकि 2018 में सोने की ऊंची कीमतों से भारत में गहनों की मांग घट सकती है। 
Keyword: gold,सराफा बाजार, आभूषण,
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