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बोली से दूर रहे वैश्विक दिग्गज

शाइन जैकब / नई दिल्ली 05 02, 2018

ओपन एकरेज लाइसेंसिंग नीति (ओएएलपी) के तहत तेल व गैस की पहले दौर की नीलामी में 9 कंपनियों ने बोली लगाई। इनमें अनिल अग्रवाल की वेदांत, दिलीप सांघवी की सन पेट्रोकेमिकल्स, हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी और सेलन एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजिज सहित निजी क्षेत्र की 4 कंपनियां शामिल रहीं। सरकार को कुल 110 इलेक्ट्रॉनिक बोलियां मिली हैं। वेदांत ने सभी 55 ब्लॉकों के लिए बोली लगाई है।  बीपी, एक्सॉनमोबिल, कोनोको फिलिप्स और शेव्रॉन जैसी तेल व गैस क्षेत्र की वैश्विक दिग्गज कंपनियां बोली से दूर रहीं। इसके अलावा  मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज भी इस दौर की बोली से दूर रही।  बोली में शामिल होने वाली सरकारी कंपनियों में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी), ऑयल इंडिया, गेल इंडिया, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) और भारत पेट्रो रिसोर्सेज (बीपीआरएल) शामिल रहीं।
 
हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने आज एक बयान में कहा कि कुल 110 बोलियोंं में से 92 ई-बोली ऑन लैंड ब्लॉकों और 18 ऑफशोर ब्लॉकों के लिए हैं।  डेलॉयट टचे तोमात्सू इंडिया के पार्टनर देवाशीष मिश्र ने कहा, 'हालांकि तेल में इस समय तेजी का रुख है, लेकिन बड़ी दिग्गज कंपनियां व अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियां तेल के मध्यावधि व दीर्घावधि पहलुओं को देखते हुए सावधानी बरत रहे हैं। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता इस्तेमाल और सोलर वीपी की कीमतों में गिरावट प्रमुख है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि वे नए भौगोलिक क्षेत्र में खनन का विस्तार नहींं चाहती हैं।' 
 
उद्योग जगत के विशेषज्ञों के मुताबिक भौगोलिक और नियामकीय चुनौतियों की वजह से भी वैश्विक कंपनियों ने खनन क्षेत्र में दिलचस्पी नहींं ली, हालांकि वे भारत के खुदरा बाजार को लेकर उत्साहित हैं।  आज बोलीकर्ताओं की उपस्थिति में नोएडा के डीजीएच कार्यालयमें तकनीकी बोली खोली गई। गुजरात में स्थित सीबी-ओएनएचपी-2017/11 और सीबी-ओएनएचपी-2017/12 को सबसे ज्यादा 3-3 बोलियां मिलीं। सूत्रों के मुताबिक समयबद्ध तरीके से बोली के मूल्यांकन के बाद सरकार जून 2018 तक ब्लॉक आवंटित करने को इच्छुक है। ब्लॉकों के आवंटन पर अंतिम फैसला वाणिज्यिक बोली खोले जाने के बाद से सचिवों व मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति लेगी। 
 
दिलचस्प है कि वेदांत ने अपनी तेल व गैस इकाई केयर्न इंडिया के माध्यम से बोली में दिलचस्पी दिखाई, इसके अलावा इस दौर में किसी बड़ी कंपनी ने रुचि नहींं ली। राजस्थान व गुजरात के दो ब्लॉकों के लिए वेदांता एकमात्र बोलीकर्ता है। अन्य दिग्गजोंं में सांघवी का आक्रामक प्रवेश अहम है, जो सन फार्मास्यूटिकल्स के संस्थापक हैं। सन पेट्रोकेमिकल्स के माध्यम से सांघवी ने बोली में हिस्सा लिया, जिसमें उनका व्यक्तिगत निवेश है।  हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी (एचओईसी) के मुख्य कार्याधिकारी पी इलानगो ने कहा, 'ओएएलपी के पहले दौर में हिस्सा लेकर हम उत्साहित हैं। 
 
हम उम्मीद करते हैं कि इससे हमारे पोर्टफोलियो की गुणवत्ता बढ़ेगी और पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्वतंत्र तेल कंपनी के रूप में प्रमुख स्थिति बनेगी।' एचओईसी पूर्वोत्तर क्षेत्र में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी उत्पादक है। वहींं दूसरी ओर सेलन ने गुजरात, ओगनाज, करजिसन, बाकरोल, इंडरोरा और लोहार के 5 तेल क्षेत्रों में पहले ही निवेश किया है।  55 ब्लॉक 10 अवसादी बेसिन में फैले हुए हैं, जिनका कुल क्षेत्र 60,000 वर्गकिलोमीटर है। ये ब्लॉक पूरे देश में फैले हुए हैं, जिसमें असम अराकन (19), मुंबई ऑफशोर (2), कैंबे (11), राजस्थान (9), कृष्णा गोदावरी (5), कावेरी (3) कच्छ (2) सौराष्ट्र (2) व हिमालयी अग्रभूमि व गंगा बेसिन में एक एक हैं। 
Keyword: OMC, oil, gas, OLP,,
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