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फिलहाल मध्यस्थता फैसला नहीं होगा लागू

एजेंसियां / नई दिल्ली April 10, 2018

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की सहायक इकाई दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय में कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की अपील पर सुनवाई पूरी होने तक वह उसके पक्ष में आए 5,164 करोड़ रुपये के मध्यस्थता आदेश लागू कराने के लिए दबाव नहीं डालेगी। दूसरी तरफ डीएमआरसी ने कहा कि वह डीएएमईपीएल पर बैंकों की 1,617 करोड़ रुपये बकाया रकम के बोझ का वहन करेगी। डीएएमईपीएल ने एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो रेल के परिचालन से स्वयं को अलग कर लिया था। 
 
डीएमआरसी और डीएएमईपीएल दोनों ने न्यायालय में अपनी-अपनी तरफ से सहमति जताई। न्यायालय के पीठ ने आगामी 25 जुलाई से रोज सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध किया है। न्यायालय ने दोनों इकाइयाों का आश्वासन दर्ज किया और कहा कि अगर डीएमआरसी की  अपील खारिज होती है तो इस पर 2,501 करोड़ रुपये की देनदारी बन जाएगी।  यह रकम डीएएमईपीएल ने एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन परियोजना में निवेश के लिए प्रवर्तकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से उधार ली थी। न्यायालय के एकल पीठ के 6 मार्च को दिए उस आदेश के खिलाफ डीएमआरसी की अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मई 2017 में डीएएमईपीएल के हक में आए फैसले को (आर्बिटे्रशन अवार्ड)बरकरार रखा गया था। एकल पीठ ने डीएमआरसी को रकम का 75 प्रतिशत हिस्सा चार हफ्तों के भीतर बैंकों के अस्थायी खाते में डालने के लिए कहा था। डीएमआरसी ने इस फैसले को भी चुनौती दी है। 
 
न्यायालय के पीठ ने कहा कि इन मामलों पर विचार किया जाएगा क्या डीएमआरसी के दावे के अनुसार डीएएमईपीएल ने परियोजना बीच में ही रोक दी थी और इस सरकारी उपक्रम को बैंकों को कितनी बकाया रकम का भुगतान करना है। दोनों कंपनियों के बीच हुए अनुबंध के अनुसार अगर डीएएमईपीएल की गलती के कारण अनुबंध टूटता है तो डीएमआरसी को कर्ज का 80 प्रतिशत भुगतान करना होगा, जबकि डीएमआरसी की गलती होने पर इसे कर्ज के 100 प्रतिशत हिस्से और 130 प्रतिशत इक्विटी का भुगतान करना होगा।  न्यायालय में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पी एस नरसिम्हा ने डीएमआरसी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बैंकों का डीएएमईपीएल पर बकाया कर्ज का वहन डीएमआरसी करेगी। डीएएमईपीएल के वकील पी चिदंबरम और कपिल सिबल ने न्यायालय को बताया कि बैंकों की बकाया रकम ब्याज सहित 9 अप्रैल तक बढ़कर 3,325 करोड़ रुपये हो गई है और डीएमआरसी को कम से कम इसके 80 प्रतिशत (2,660 करोड़ रुपये) का भुगतान करना चाहिए। 
Keyword: reliance, DMRC, DAMEPL,,
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