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फर्जी एलओयू मामले में पीएनबी करेगा 65 अरब रुपये के दावों का भुगतान

सोमेश झा / नई दिल्ली March 28, 2018

पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि पीएनबी की बुधवार को हुई बैठक में बैंक  के बोर्ड ने 31 मार्च, 2018 या उससे पहले परिपक्व होने वाले बैंक की ओर से जारी किए गए लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (एफएलसी) से संबंधित भुगतान को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से बैंक को सात अन्य बैंकों को जारी किए गए 65 अरब रुपये के एलओयूए का दावा निपटाने में मदद मिलेगी। इन बैकों में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक और यूको बैंक शामिल हैं। 
 
पीएनबी आगे भी जब-जब एलओयू और एफएलसी परिपक्व होंगे, उनका भुगतान करेगा। बैंक के इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि धोखाधड़ी की वजह से हुए नुकसान को उन दर्जनों बैंकों के खातों में दर्ज नहीं किया जाएगा जिन्हें हीरा कोरोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी की कंपनी समूहों के लिए पीएनबी द्वारा फर्जी एलओयू जारी किए गए थे। हालांकि पीएनबी को फिर भी इस नुकसान के लिए अपने खाताबही में प्रावधान करना होगा क्योंकि उन दो कंपनी समूहों से बैंक के पैसों की लेनदारी अभी भी बाकी है। भुगतान करने का पीएनबी का यह निर्णय मंगलवार को हुई कुछ बैंककर्मियों के साथ वित्त मंत्रालय की हुई बैठक जिसमें पंजाब नैशनल बैंक के बैंककर्मी भी मौजूद थे, के बाद आया है। यह बैठक फर्जी गारंटी पत्र (एलओयू) के मामले में पीएनबी के साथ बैंकों के बीच उभरे गतिरोध को समाप्त करने के लिए हुई थी। सूत्र ने कहा कि दूसरे बैंकों ने पीएनबी एक हलफनामा दिया है कि फर्जी एलओयू मामले में जांच एजेंसियों को संबंधित बैंक के पूर्व अधिकारियों की मिलीभगत का पता चलता है तो वे अदा की गई रकम पीएनबी को वापस कर देंगे।   
 
इस संदर्भ में पीएनबी के गैर-कार्यकारी चेयरमैन सुनील मेहता ने कहा कि पीएनबी सभी बोनाफाइड एलओयू के भुगतान के लिए प्रतिबद्घ है। बोर्ड के इस निर्णय से यह संदेश जाएगा कि पीएनबी न केवल अपने दायित्व को लेकर गंभीर है लेकिन वह कानून का पालन करेगा। पीएनबी बोर्ड के इस निर्णय से व्यापक बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास और स्थायित्व को बहाल करने में मदद मिलेगी।  इससे पहले पीएनबी ने कहा था कि वह सभी वास्तविक एलओयू के दावे का सम्मान करेगा। यही इस घोटाले में शामिल विभिन्न बैंकों के बीच विवाद की वजह रही थी। पीएनबी सूत्र ने बताया कि वित्त मंत्रालय की ओर से यह स्पष्टïीकरण आया था कि 2017 से जारी किए गए एलओयू के एबज में बैंकों के अटके बकायों का भुगतान किया जाएगा। 
Keyword: bank, loan, debt, PNB, fraud,,
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