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आर्सेलर और न्यूमेटल की सुनवाई टली

विनय उमरजी / अहमदाबाद March 27, 2018

राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के अहमदाबाद पीठ ने आज आर्सेलरमित्तल और न्यूमेटल की याचिका पर सुनवाई 4 अप्रैल तक टाल दी। याचिका में इन कंपनियों ने एस्सार स्टील के लिए अपनी बोलियों को अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती दी थी।  हालांकि न्यूमेटल एनसीएलटी में 20 मार्च को गई थी, जबकि आर्सेलरमित्तल ने सोमवार (26 मार्च) को एनसीएलटी में याचिका दायर की। दोनों कंपनियों ने उनकी बोलियो को अपात्र ठहराए जाने के फैसले को चुनौती दी है। सुनवाई बुधवार (4 अप्रैल) तक टालते हुए एनसीएलटी के अहमदाबाद पीठ की न्यायाधीश मनोरमा कुमारी ने कहा कि एस्सार स्टील की बोली का दूसरा चरण 2 अप्रैल को होगा। 

 
एस्सार स्टील मामले में ऋणदाताओं की समिति ने न्यूमेटल और आर्सेलर मित्तल की बोलियों को अपात्र पाने के बाद 2 अप्रैल को बोली के दूसरे चरण की घोषणा की थी।  ऋणदाताओं की समिति का प्रतिनिधित्व वकील डोरिस खंबाटा ने किया। इसने पीठ को बताया कि आर्सेलरमित्तल और न्यूमेटल 2 अप्रैल को उन अन्य कंपनियों के साथ फिर से बोली लगा सकती हैं, जिन्होंने पहले चरण में अभिरुचि पत्र सौंपे थे।  खंबाटा ने मंगलवार को कहा, 'उन्हें 2 अप्रैल को बोली लगाने से नहीं रोका गया है।' बोली के पहले चरण में अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती देते हुए न्यूमेटल के वकील मुकुल रोहतगी ने बोली के दूसरे चरण को आगे की किसी तारीख के लिए टालने का आग्रह किया, लेकिन पीठ ने इस आग्रह को स्वीकार नहीं किया। 
 
दूसरी ओर आर्सेलरमित्तल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी बोली को टालने का आग्रह किया। कर्जदाताओं की समिति ने अपने तर्क में कहा कि 270 दिन की दिवालिया समाधान की समयसीमा 29 अप्रैल को खत्म हो जाएगी, इसलिए बोली प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए। खंबाटा ने तर्क दिया कि अपात्र ठहराए गए बोलीदाताओं के पास 23 मार्च को अयोग्य ठहराए जाने के बाद दूसरी चरण की बोली से पहले कदम उठाने के लिए 10 दिन का समय था।  एक आधिकारिक संवाद में लक्ष्मी निवास मित्तल की अगुआई वाली कंपनी ने कहा, 'आर्सेलर मित्तल फिर से बोली लगाना चाहती है, लेकिन हमारा मानना है कि हमारी मूल बोली पात्र है। फिर से बोली का नतीजा एनसीएली में चल रहे मामले के फैसले पर निर्भर करेगा।'
Keyword: arcelor mittal steel, NCLT,,
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