बिजनेस स्टैंडर्ड - आधार की दीवार भेदने को चाहिए पूरे ब्रह्मांड की ताकत
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, January 29, 2020 03:30 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम खबर

आधार की दीवार भेदने को चाहिए पूरे ब्रह्मांड की ताकत

मयंक जैन / नई दिल्ली 03 22, 2018

आधार पर सवाल-जवाब

प्राधिकरण के प्रमुख ने दी उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुति
कहा, पूरी तरह सुरक्षित है आधार के आंकड़े
एनक्रिप्शन तोड़ने के लिए चाहिए ब्रह्मांड की ताकत
न्यायाधीशों ने पांडेय से पूछे सुरक्षा से जुड़े कई कठिन सवाल

बिजनेस स्टैंडर्ड आधार की दीवार भेदने को चाहिए पूरे ब्रह्मांड की ताकतसरकार तमाम महत्त्वपूर्ण सेवाओं को आधार क्रमांक से जोड़ती जा रही है और उनके लिए आधार सत्यापन पर भी जोर दे रही है। लेकिन हैरत की बात है कि आधार प्राधिकरण के मुखिया को ही नहीं पता कि आधार सत्यापन क्यों किया जा रहा है। भारतीय विशिष्टï पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के मुख्य कार्याधिकारी अजय भूषण पांडेय ने आधार की वैधता पर सुनवाई कर रहे पांच न्यायाधीशों के संविधान पीठ को आज बताया कि सत्यापन का मकसद वह नहीं जानते। लेकिन उन्होंने कहा कि आधार की सुरक्षा भेदने के लिए पूरे ब्रह्मांड की ताकत लगानी पड़ेगी। 

पांडेय के लिए आज का दिन आसान नहीं था। उन्होंने आधार की वैधता पर सुनवाई कर रहे पांच न्यायाधीशों के संविधान पीठ के समक्ष पावरपॉइंट प्रस्तुति दी। इस दौरान पांडेय ने पीठ को भरोसा दिया कि आधार को पुख्ता बनाने के लिए सभी सुरक्षा उपाय किए गए हैं लेकिन उन्हें याचियों के दावों के बारे में कठिन सवालों का सामना करना पड़ा। उच्चतम न्यायालय में आज अलग ही तरह का नजारा था।

अदालत के जिस कमरे में इस मामले की सुनवाई हो रही है वहां दो प्रोजेक्टरों के साथ दो एलसीडी स्क्रीन लगाई गई थीं। लेकिन दोपहर ढाई बजे प्रस्तुति शुरू होने से ऐन पहले एक प्रोजेक्टर ने काम करना बंद कर दिया और एक ही प्रोजेक्टर के जरिये प्रस्तुति दी गई। न्यायालय ने याचियों को प्रस्तुति के बारे में अपने सवाल लिखित में देने को कहा था। प्राधिकरण के प्रमुख ने अपनी प्रस्तुति शुरू करते हुए कहा कि 2009 से पहले देश के नागरिकों के पास पहचान के लिए कोई दस्तावेज नहीं था और खुद उनके पास कोई पहचान पत्र नहीं था क्योंकि वह छोटे से गांव से आए थे।

पांडेय ने तर्क दिया कि आधार ने लोगों को सुगम तरीके से सेवा और सब्सिडी हासिल करने का एक जरिया दिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आधार कार्ड लेना राशन कार्ड हासिल करने की तरह मुश्किल नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना सहमति के आधार की जानकारी साझा नहीं की जाती है और असाधारण परिस्थितियों या राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में जिला न्यायाधीश की अनुमति के बिना इसे कभी भी साझा नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि आधार के 2048 बिट एनक्रिप्शन सिस्टम के तहत डेटा पूरी तरह सुरक्षित है जो वित्तीय प्रणालियों में इस्तेमाल होने वाले सामान्य एनक्रिप्शन से आठ गुना ज्यादा मजबूत है। पांडेय ने कहा कि इस एनक्रिप्शन को तोड़ने के लिए पूरे ब्रह्मांड की ताकत की जरूरत होगी।

अलबत्ता एक न्यायाधीश ने उसने पूछा कि 49 हजार पंजीकरण ऑपरेटरों के लाइसेंस क्यों रद्द किए गए। सभी पर भ्रष्टाचार या डेटा की कम गुणवत्ता के आरोप नहीं हो सकते। इस पर पांडेय ने तर्क दिया कि प्राधिकरण के गुणवत्ता नियंत्रण मानक बहुत सख्त हैं। पांडेय ने साथ ही कहा कि अगर लोगों का बायोमेट्रिक डेटा बदलता है तो भी उन्हें सेवा का लाभों से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें सत्यापन की नाकामी का मैसेज आएगा जिसमें उनसे अपने बायोमेट्रिक डेटा को अपडेट करने को कहा जाएगा। लेकिन न्यायाधीश उनकी दलील से सहमत नहीं थे। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड ने कहा कि प्राधिकरण को तो मैसेज मिल जाएगा लेकिन हमें पता नहीं चलेगा कि किसी व्यक्ति को सेवा देने से इनकार किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने निर्देश दिए हैं कि अगर किसी के बायोमेट्रिक डेटा का मिलान नहीं होता है तो उसे सेवा देने से इनकार नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए वन टाइम पासवर्ड और जनसांख्यिकीय सत्यापन जैसे उपाय मौजूद हैं। पांडेय ने साथ ही कहा कि जेलों में भी आधार पंजीकरण किया गया है। साथ ही बैंकों और डाकघरों में भी पंजीकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रस्तुति में पंजीकरण और ई-केवाईसी प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। प्राधिकरण के प्रमुख ने दलील दी कि किसी एजेंसी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक डेटा नहीं लिया है और सीबीआई को भी इसकी अनुमति नहीं दी गई।
Keyword: न्यायालय, आधार, एनक्रिप्शन, सत्यापन, यूआईडीएआई, प्रोजेक्टर, एलसीडी, स्क्रीन, दस्तावेज,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या नई शर्तों से एयर इंडिया के लिए आकर्षित होंगे खरीदार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.