बिजनेस स्टैंडर्ड - तेल विपणन कंपनियों, बैंक व धातु शेयरों ने पीएसयू इंडेक्स को नीचे खींचा
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, October 24, 2018 08:37 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

तेल विपणन कंपनियों, बैंक व धातु शेयरों ने पीएसयू इंडेक्स को नीचे खींचा

दीपक कोरगांवकर और पुनीत वाधवा / मुंबई/नई दिल्ली March 19, 2018

सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के शेयर दबाव मेंं हैं क्योंकि एसऐंडपी बीएसई पीएसयू इंडेक्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गए। दरअसल धातु, बैंक व तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर पीएसयू इंडेक्स पर पड़ा। एसऐंडपी बीएसई पीएसयू इंडेक्स सोमवार को करीब 2 फीसदी टूटकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 7,844 अंक पर बंद हुआ जबकि एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स 0.76 फीसदी टूटा।  तेल विपणन कंपनियों के शेयरों मेंं गिरावट इस खबर के बीच दर्ज हुई कि सरकार नियंत्रित इंडियन ऑयल व भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन गेल इंडिया की 26-26 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकती है और एकीकृत ऊर्जा फर्म बनने के लिए सरकार को 20,000-20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान कर सकती है। आईओसी, बीपीसीएल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के शेयर में बीएसई पर 3 से 4 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।

 
आईओसी का शेयर 4 फीसदी टूटकर 52 फीसदी के निचले स्तर 176 रुपये पर आ गया और इस तरह से दो कारोबारी सत्र में इसकी गिरावट करीब 7 फीसदी पर पहुंच गई। गुरुवार को कंपनी का शेयर एक्स-बोनस हो गया था। आईओसी ने अपने शेयरधारकों को एक पर एक बोनस शेयर दिया है।आईडीबीआई रिसर्च के प्रमुख ए के प्रभाकर ने कहा, यह गिरावट आईओसी व बीपीसीएल की तरफ से गेल इंडिया की हिस्सेदारी खरीदने की योजना की खबर से आई। सरकार ऐसे साधन का इस्तेमाल राजस्व सृजित करने के लिए कर रही है और इसी वजह से ओएमसी समेत कई पीएसयू में गिरावट दर्ज हुई। मुझे नहीं लगता कि इन शेयरों की खरीद के लिए यह सही वक्त है। अगर ये शेयर यहां से 10 फीसदी और टूटते हैं तो निवेशक ओएमसी में नए निवेश पर विचार कर सकते हैं।
 
ओएमसी के लिए अन्य संकट आगामी राज्य चुनाव है, जिसके बारे में विश्लेषकों का मानना है कि यह उनके मार्जिन पर दबाव डाल सकता है क्योंंकि अगले कुछ महीनों में कच्चे तेल की कीमतें आगे बढ़ेंगी। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के नितिन तिवारी व आकर्ष चतुर्वेदी ने हालिया रिपोर्ट में कहा है, वित्त वर्ष 2019 में ओएमसी की चिंता विपणन मार्जिन को लेकर है क्योंकि पांच राज्यों में चुनाव होने हैं, जिनमें से तीन राज्य कर्नाटक, राजस्थान व मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य हैं। मेरी राय में अगर कच्चे तेल में नरमी बनी रहती है तो ओएमसी को अपना विपणन मार्जिन बनाए रखने के लिए कीमतों में बहुत ज्यादा बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी। अन्य पीएसयू शेयरों में सेल, हिंदुस्तान कॉपर और एनएमडीसी के अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, ओरियंटल बैंंक ऑफ कॉमर्स में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। इंजीनियर्स इंडिया, आरईसी, बीईएमएल, कोल इंडिया, आरसीएफ और मंगलौर रिफाइनरी ऐंड पेट्रोकेमिकल्स कुछ ऐसे पीएसयू शेयर थे जिनमें 3 से 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज हुई।
 
विश्लेषकोंं ने कहा, धातु कंपनियों के शेयर अमेरिकी सरकार की तरफ से स्टील व एल्युमीनियम पर शुल्क बढ़ाने के चलते प्रभावित हुए। इसके अलावा उनका मानना है कि पिछले कुछ महीनों से इन शेयरों में अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। आईडीबीआई कैपिटल के प्रभाकर का सुझाव है कि तब तक सतर्कता भरा रुख अपनाना चाहिए जब तक कि नए शुल्क के बारे में और स्पष्टता न आ जाए। भारत से अमेरिका को स्टील व एल्युमीनियम के निर्यात को देखते हुए जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के प्रमुख (निवेश रणनीतिकार) गौरांग शाह का तेजी का नजरिया धातु क्षेत्र के चुनिंदा शेयरों पर बना हुआ है। उनका दांव टाटा स्टील, हिंडाल्को, वेदांत, जेएसडब्ल्यू स्टील व सेल पर है। उनका कहना है कि लंबी अवधि में देसी उपभोग की स्थिति मजबूत बनी हुई है। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि अमेरिकी शुल्क से बहुत ज्यादा नकारात्मक असर पड़ेगा। मुझे धातु क्षेत्र के शेयरों में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं दिख रही है।
Keyword: OMC, oil, share,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

बाजार में गिरावट लंबे समय तक बरकरार रहने के आसार

Investmentsबीएस बातचीत रुपये में गिरावट नियंत्रित करने और आईएलऐंडएफएस संकट का समाधान

सरकारी बैंकों के कमजोर प्रदर्शन की संभावना

इस्पात क्षेत्र के विकास की रफ्तार बरकरार

गिरावट से फीकी पड़ी कई पसंदीदा शेयरों की चमक

मूल्य निर्धारण दबाव और आपूर्ति चिंताओं से वेदांत में आ रही कमजोरी

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.