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पवार बनेंगे विपक्ष के खेवनहार!

अर्चिस मोहन /  03 15, 2018

राजनीति-रणनीति
पवार ने दिल्ली में 28 मार्च की बैठक के लिए सभी मुख्य विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया

बिजनेस स्टैंडर्ड पवार बनेंगे विपक्ष के खेवनहार!कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने बुधवार की रात राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। यह मुलाकात भाजपा को गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में मिली पराजय के कुछ घंटे बाद और कांग्रेस के पूर्ण सत्र से एक दिन पहले की गई। एक अन्य घटनाक्रम में, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने गुरुवार की शाम संसद के सभी दलित सदस्यों की बैठक बुलाई। लोजपा केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल है। पासवान ने 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली पराजय के बाद भी इसी तरह के डिनर का आयोजन किया था। 

गुरुवार की बैठक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा अररिया लोकसभा और जहानाबाद विधानसभा सीट पर भाजपा को पराजित किए जाने और सपा और बसपा द्वारा सामूहिक रूप से फूलपुर और गोरखपुर में भाजपा को मात दिए जाने की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई। 

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का पहला पूर्ण सत्र दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित होगा। इसमें नई कांग्रेस कार्य समिति का चयन होगा। हालांकि यह माना जा रहा है कि 24 सदस्यों में से कम से कम आधे को चुना जाएगा, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस नेतृत्व इस पर जोर देगा कि सभी सदस्यों को शामिल किया जाए।

पवार और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ऐसे दो पूर्व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने यह संकेत दिया है कि वे संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने को इच्छुक हैं। राहुल गांधी भी बनर्जी से उस वक्त मुलाकात करेंगे जब वे इस महीने के अंत में दिल्ली में होंगी। पवार ने यहां 28 मार्च को होने वाली बैठक के लिए सभी मुख्य विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया है। बनर्जी के भी इसमें शामिल होने की संभावना है। पवार के साथ बुधवार की रात राहुल गांधी की बैठक सोनिया गांधी द्वारा मंगलवार को विपक्षी नेताओं के साथ अपने आवास पर आयोजित किए गए डिनर के बाद हुई है। इस बैठक में राकांपा लोकसभा सदस्य और पवार की पुत्री सुप्रिया सुले भी उपस्थित थीं।

सूत्रों का कहना है कि पावार और राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को बहाल करने पर चर्चा की और भाजपा के खिलाफ विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के संभावित संयुक्त मोर्चे की रूपरेखा पर विचार किया। हालांकि, सभी विपक्षी पार्टियां एक व्यापक धर्मनिरपेक्ष मंच की जरूरत को लेकर सहमत नहीं हैं। हैदराबाद में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख एस सुधाकर रेड्डी ने कहा कि भाजपा-नीत राजग उम्मीदारों बनाम संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार के बीच लड़ाई कई राज्यों में संभव थी, लेकिन यह राष्ट्रीय स्तर पर उपयुक्त नहीं है। 

हालांकि राकांपा और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों का मानना है कि मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा के खिलाफ व्यापक मंच स्वयं उनके लिए आत्मघाती साबित हो सकता है, क्योंकि इससे प्रधानमंत्री को यह कहने का मौका मिल सकता है कि इन सभी पार्टियों के नेता भ्रष्ट हैं और उनके खिलाफ इसीलिए मोर्चा बना रहे हैं क्योंकि उनकी सरकार बहुत ईमानदार है। 

तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ'ब्रायन का कहना है कि विपक्ष को 31 राज्यों में 31 अलग अलग लड़ाइयों में मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा से लडऩा चाहिए। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के अंदर इसे लेकर दो नजरिये हैं कि क्या उसे सपा-बसपा गठजोड़ के साथ जुड़ जाना चाहिए, या फिर भाजपा के सवर्ण मतों में अलग से सेंध लगानी चाहिए। हालांकि मार्कसवादी कम्युनिस्ट पार्टी  के प्रमुख सीताराम येचुरी का मानना है कि विपक्षी पार्टियों के किसी व्यापक मंच को सबसे पहले नीतिगत एजेंडे पर सहमत होना चाहिए। उनका कहना है कि महज 'विपक्षी एकता के सूचकांक' का गणित ही कारगर नहीं हो सकता। 

लखनऊ में, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी के नेतृत्व और बसपा प्रमुख मायावती के बीच 'पिछले घटनाक्रम' को भुलाना होगा। उन्होंने कहा कि मत पत्रों का इस्तेमाल होता तो फूलपुर और गोरखपुर में उनके उम्मीदवारों की जीत का अंतर और ज्यादा होता। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के साथ भी उनकी पार्टी का संबंध अच्छा बना रहेगा। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में इन दोनों सीटों (फूलपुर और गोरखपुर) पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।

चुनाव परिणाम की घोषणा होने के बाद अखिलेश यादव अपनी पार्टी को समर्थन देने के लिए मायावती को धन्यवाद देने उनके घर पहुंच गए थे। 2019 के लिए सपा-बसपा गठजोड़ की संभावना पर यादव ने कहा कि वह भविष्य के बारे में अभी से कोई भविष्यवाणी करना नहीं चाहते। वहीं राहुल गांधी के बारे में उन्होंने कहा, 'हम दोनों युवा हैं और देश को मौजूदा समस्याओं से निकालने के लिए मिलकर समाधान निकालेंगे। राहुल गांधी ने ताजा जीत पर मुझे और अन्य वरिष्ठ नेताओं को बधाई दी और मैंने भी उन सब को धन्यवाद दिया।'

Keyword: कांग्रेस, राहुल गांधी, राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी, राकांपा, शरद पवार,
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