बिजनेस स्टैंडर्ड - जनता से जमा सोने की होगी नीलामी
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जनता से जमा सोने की होगी नीलामी

दिलीप सत्पथी / भुवनेश्वर 03 08, 2018

नीलाम होगा सोना

►  योजना से मिला कुल 21 टन सोना, अगले 10 दिन में की जाएगी पहली स्वर्ण नीलामी
►  नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के लिए व्यय विभाग के साथ दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी
►  कुल 21 टन में से 12 टन सोना अगले 3 से 6 महीनों में नीलाम किया जाएगा
►  स्वर्ण मुद्रीकरण योजना में अल्पावधि, मध्यावधि और दीर्घावधि की स्वर्ण जमाएं स्वीकार की गई

बिजनेस स्टैंडर्ड जनता से जमा सोने की होगी नीलामीभारत की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग कंपनी एमएमटीसी केंद्र सरकार की स्वर्ण मुद्रीकरण  योजना (जीएमएस) के तहत पहली स्वर्ण नीलामी अगले 10 दिन के अंदर करेगी। एमएमटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार ने जीएमएस के तहत लगभग 21 टन सोना एकत्रित किया है। इसमें से 12 टन को अगले 3 से 6 महीनों में नीलामी के जरिये बेचे जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, 'हमने नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के लिए व्यय विभाग के साथ दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर ली है। नीलामी के लिए सूचना एक-दो दिन में जारी कर दिए जाने की संभावना है और यह नीलामी अगले 7 से 10 दिन में आयोजित कर ली जाएगी।'

जीएमएस के तहत 1-3 साल की अवधि (अल्पावधि), 5-7 वर्ष (मध्यावधि) और 12-15 वर्ष (दीर्घावधि) के साथ स्वर्ण जमाएं घरों, मंदिरों और ट्रस्टों से स्वीकार की गई हैं। जहां अल्पावधि जमाओं को एमएमटीसी द्वारा स्वर्ण सिक्कों में तब्दील किया गया है, वहीं दीर्घावधि जमाएं नीलामी के लिए रखी गई हैं। अधिकारी ने कहा कि इस योजना के तहत ज्यादातर सोना मंदिरों और ट्रस्टों से आया। परिवारों से सोना मिलने की रफ्तार धीमी रही।

अपने 2015-16 बजट भाषण में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि भारत में सोने का भंडार 20,000 टन से अधिक होने का अनुमान है और इसमें से ज्यादातर का न तो कारोबार होता है और न ही बिक्री। जीएमएस का मकसद इस बेकार पड़े ज्यादातर सोने को चलन में लाना और इस प्रक्रिया में उस अनुपात में आयात का विकल्प हासिल करना है। 

तुलनात्मक रूप से सरकार की इंडिया गोल्ड कॉइन योजना को शानदार प्रतिक्रिया मिली और एमएमटीसी इसके तहत 80,000 स्वर्ण सिक्कों की बिक्री पहले ही कर चुकी है। अधिकारी ने कहा, 'हमारी योजना 2018-19 के अंत तक 150,000 स्वर्ण सिक्कों की बिक्री करने की है। हमारी मुख्य चुनौती इस योजना को लोकप्रिय बनाने के लिए अभियान की शुरुआत करना थी।'

अपने स्वयं के कार्यालयों के अलावा एमएमटीसी ने पूरे देश में 400 शाखाओं के जरिये सोने के सिक्के बेचने के लिए बैंकों के साथ भी समझौते किए हैं। कंपनी लगभग तीन महीने में ऑनलाइन बिक्री भी शुरू करेगी। सोने के आयात में तेजी आई है। जहां वर्ष 2016-17 में यह लगभग 700 टन रहा, वहीं इस वित्त वर्ष में बढ़कर 950 टन पर पहुंच जाने का अनुमान है जो 35 फीसदी की वृद्धि होगी। एक साल पहले, बाजार में अनिश्चितता, कीमतों में उतार-चढ़ाव, नोटबंदी के प्रभाव और मांग में कमी (खासकर कुछ हिस्सों में सूखे की वजह से ग्रामीण इलाकों से) की वजह से स्वर्ण आयात कम रहा और सराफोंं के पास जमा भंडार लगभग समाप्त हो गया था। 

इस साल अंतरराष्ट्रीय कीमतें मजबूत रहने और बेहतर मॉनसून की वजह से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी की वजह से मांग बढ़ी है और सराफों ने अपने स्टॉक को दुरुस्त करने पर ध्यान दिया है। इसके अलावा रत्न एवं आभूषण पर जीएसटी अधिसूचना में ताजा बदलावों से भी बिक्री बढ़ी है। इस अधिसूचना में कहा गया है कि 50,000 रुपये से अधिक के आभूषण की खरीदारी पर पैन कार्ड अनिवार्य नहीं होगा।
Keyword: कंपनी, एमएमटीसी, जीएमएस,
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