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आतंक से लड़ाई किसी पंथ के खिलाफ नहीं

भाषा /  March 01, 2018

कट्टरपंथियों को कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ाई किसी पंथ के खिलाफ नहीं बल्कि ऐसी मानसिकता के खिलाफ है, जो युवाओं को गुमराह करती है। मोदी ने कहा कि इंसानियत के खिलाफ दरिंदगी के साथ हमला करने वाले शायद यह नहीं समझते कि इससे नुकसान उस मजहब का होता है, जिसके लिए खड़े होने का वे दावा करते हैं। जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय की मौजूदगी में इस्लामिक हेरिटेज विषय पर एक समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, 'हमारी विरासत और मूल्य, हमारे मजहबों का पैगाम और उनके उसूल वह ताकत हैं, जिनके बल पर हम हिंसा और दहशतगर्दी जैसी चुनौतियों से पार पा सकते हैं।' प्रधानमंत्री मोदी के विचारों के सहमति जताते हुए जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन ने कहा कि धर्म सभी से प्रेम करना सिखाता है, सभी पड़ोसियों को साथ लेकर चलना सिखाता है। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथ चिंता का विषय है और मानवीयता और इंसानियत ही दुनिया की बुनियाद हैं। शाह ने कहा, 'हम सभी का भविष्य साझा है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह उदारवादियों और कट्टरपंथ की सोच के बीच है। हमें घृणा फैलाने वाली आवाज को दबाने की जरूरत है। युवा लोगों में उदारवाद और सच्चे मूल्यों की भावना विकसित करने की जरूरत है।'  

 
उन्होंने कहा, 'हमें शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की भावना के अनुरूप दुनिया को विकसित करना होगा। हम पूरी दुनिया में शांति और सौहार्द को बढ़ावा देने के पक्षधर हैं और सभी धर्मों के मानने वाले लोगों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देना हमारी साझा जिम्मेदारी है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज सबसे ज्यादा जरूरत इस बात की है कि हमारे युवा एक तरफ इस्लाम के मानवीय पक्ष से जुड़े हों और दूसरी ओर आधुनिक विज्ञान और तरक्की के साधनों का इस्तेमाल भी कर सकें। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को अपनी विविधता की विशेषता पर गर्व है, चाहे वह कोई जुबान बोलता हो। चाहे वह मंदिर में दिया जलाता हो या मस्जिद में सज़दा करता हो, चाहे वह चर्च में प्रार्थना करे या गुरुद्वारे में शबद गाए। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र एक राजनैतिक व्यवस्था ही नहीं बल्कि समानता, विविधता और सामंजस्य का मूल आधार है। मोदी ने कहा, 'मजहब का मर्म अमानवीय हो ही नहीं सकता। हर पंथ, हर संप्रदाय, हर परंपरा मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ही है।' उन्होंने कहा कि इसलिए, आज सबसे ज्यादा ज़रूरत इस बत की है कि हमारे युवा एक तरफ इस्लाम के मानवीय पक्ष से जुड़े हों और दूसरी तरफ आधुनिक विज्ञान और तरक्की के साधनों का इस्तेमाल भी कर सकें। प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत में हमारी यह कोशिश है कि सबकी तरक्की के लिए सबको साथ लेकर चलें। क्योंकि सारे मुल्क की तकदीर हर शहर की तरक्की से जुड़ी है। क्योंकि मुल्क की खुशहाली से हर एक की खुशहाली जुड़ी है।  मोदी ने कहा कि हर भारतीय के मन में अपने गौरवशाली अतीत के प्रति आदर है, वर्तमान के प्रति विश्वास है और भविष्य पर भरोसा है।
 
उन्होंने कहा कि दुनिया भर के मजहब और मत भारत की मिट्टी में पनपे हैं। यहां की आबोहवा में उन्होंने जिंदगी पाई, सांस ली। चाहे वह 2,500 साल पहले भगवान बुद्ध हों या पिछली शताब्दी में महात्मा गांधी। अमन और मुहब्बत के पैगाम की खुशबू भारत के चमन से सारी दुनिया में फैली है। इस्लामी विशेषज्ञों एवं जानकारों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां से भारत के प्राचीन दर्शन और सूफियों के प्रेम और मानवतावाद की मिलीजुली परंपरा ने मानवमात्र की मूलभूत एकता का पैगाम दिया है। उन्होंने कहा कि मानवमात्र के एकात्म की इस भावना ने भारत को वसुधैव कुटुंबकम का दर्शन दिया है। भारत ने सारी दुनिया को एक परिवार मानकर उसके साथ अपनी पहचान बनाई है। मोदी ने कहा कि आपका वतन और हमारा दोस्त देश जॉर्डन इतिहास की किताबों और धर्म ग्रंथों में एक अमिट नाम है। जॉर्डन एक ऐसी पवित्र भूमि पर आबाद है, जहां से खुदा का पैगाम पैगंबरों और संतों की आवाज बनकर दुनिया भर में गूंजा है। 
 
12 समझौतों पर हस्ताक्षर 
 
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय के साथ अहम द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की और दोनों पक्षों ने रक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, सीमा शुल्क के क्षेत्र में आपसी सहयोग समेत एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने स्वास्थ्य एवं औषधि के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसका मकसद स्वास्थ्य, चिकित्सा विज्ञान, चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में समानता और आपसी लाभ के आधार पर सहयोग बढ़ाना है। इसमें सार्वभौम स्वास्थ्य कवरेज, सेवा एवं आईटी क्षेत्र में स्वास्थ्य, स्वास्थ्य शोध, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सांख्यिकी, उपचार, फार्मा एवं चिकित्सा उपकरण के संबंध में नियमन, टीबी जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। समझौते के तहत भारत, जार्डन में अगली पीढी का उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगा जिसके माध्यम से अगले 5 वर्षों में 3000 आईटी पेशेवरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। 
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