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महाराष्ट्र ने शहरी सहकारी बैंकों के एनपीए वसूली नियमों में दी ढील

एजेंसियां / मुंबई 02 28, 2018

शहरी सहकारी बैंकों के करीब 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के फंसे कर्ज की वसूली में मदद के लिए महाराष्ट्र सरकार ने नियमों में ढील देने का निर्णय किया है। सरकार के मुताबिक फंसे कर्ज की वसूली के लिए ब्याज भुगतान में ढील दी जाएगी। संशोधित नियम के अनुसार बैंक फंसी हुई संपत्तियां (एनपीए) की वसूली के लिए पहले से किए अनुबंध से कम दर पर ब्याज वसूलेंगे।  इसकी जानकारी सहकारी विभाग के एक अधिकारी ने दी। अधिकारी ने कहा कि तीन साल के लिए सालाना 8 फीसदी की नियत दर पर एनपीए की वसूली का प्रयास किया जाएगा। इससे पहले शहरी सहकारी बैंकों को ब्याज दरों में कमी कर रकम वसूली की अनुमति नहीं थी। शहरी सहकारी बैंकों ने 12 से 14 फीसदी की दर से कर्ज दिया है। महाराष्ट्र में 500 से अधिक शहरी सहकारी बैंक हैं, जिनका नियमन भारतीय रिजर्व बैंक और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। 
 
उल्लेखनीय है कि वाणिज्यिक ऋणदाताओं को भी फंसे कर्ज की वसूूली के लिए ब्याज भुगतान में नुकसान सहना पड़ा है। अधिकारी ने कहा कि खाते के एनपीए होने के तीन साल तक ही ब्याज वसूलने को सीमित किया है। उन्होंने कहा, 'पहले ब्याज तीन से अधिक समय पर भी जोड़ा जाता रहा था जिससे फंसे कर्ज की वसूली कठिन हो गई थी। अब तीन साल का ही ब्याज वसूला जाएगा और उससे अधिक समय का ब्याज माफ कर दिया जाएगा।' अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे कर्जदारों के वेतन खाते जब्त करने की भी अनुमति दी है जो कर्ज का भुगतान नहीं कर रहे हैं और उनका कर्ज एनपीए में तब्दील हो गया है। 
Keyword: mumbai, NPA,,
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