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पीऐंडजी के नए मुखिया के सामने बिक्री की चुनौती

विवेट सुजन पिंटो /  February 26, 2018

दुनिया की सबसे बड़ी उपभोक्ता वस्तु कंपनी प्रॉक्टर ऐंड गैम्बल (पीऐंडजी) ने पिछले सप्ताह भारत के लिए अपने नए प्रबंध निदेशक-सह मुख्य कार्याधिकारी की नियुक्ति की घोषणा की। 42 वर्षीय मधुसूदन गोपालन 1 अप्रैल से अल रजवानी की जगह लेंगे। लेकिन यह नई जिम्मेदारी उनके लिए कोई आसान काम नहीं होगी। 
पीऐंडजी के भारतीय व्यवसाय की गति कुछ समय से धीमी पड़ी है। भारतीय प्रबंध संस्थान-कोलकाता के पूर्व छात्र गोपालन के लिए मुनाफे को बरकरार रखते हुए बिक्री वृद्घि की रफ्तार बढ़ाने की चुनौती का सामना करना होगा।
वैश्विक समूह की गैर-सूचीबद्घ भारतीय इकाई पीऐंडजी होम प्रोडक्ट्ïस की शुद्घ बिक्री 31 मार्च, 2017 में समाप्त वर्ष के लिए लगातार दूसरी बार घटकर 48.9 अरब रुपये रह गई। यह पूर्ववर्ती वर्ष के 56.7 अरब रुपये के मुकाबले 13.7 प्रतिशत कम है और 31 मार्च 2016 में समाप्त वर्ष की तुलना में बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2017-18 के लिए आंकड़े अभी घोषित किए जाने बाकी हैं।
यह गैर-सूचीबद्घ इकाई भारत में पीऐंडजी समूह के कई प्रमुख व्यवसायों से जुड़ी हुई है। इनमें डिटरजेंट (एरियल और टाइड ब्रांड) और शैम्पू (पेंटेन और हेंड एंड शोल्जर्स) जैसे व्यवसायों का उसके कुल घरेलू कारोबार में लगभग 55 प्रतिशत का योगदान है। 
अन्य 45 प्रतिशत कारोबार फेमिनिन हाइजीन (व्हिस्पर), ओवर-द-काउंटर उत्पादों (विक्स), मेल ग्रूमिंग (गिलेट) और ओरल केयर (ओरल-बी टूथब्रश) जैसी श्रेणियों से आता है जिसमें कुछ हिस्सा इसकी सूचीबद्घ इकाइयों पीऐंडजी हाइजीन ऐंड हेल्थकेयर और जिलेट इंडिया से आता है। 
तीनों व्यवसायों ने संयुक्त रूप से वित्त वर्ष 2016-17 में पीऐंडजी के लिए लगभग 90 अरब रुपये का राजस्व योगदान दिया। सूचीबद्घ कंपनियों के लिए आंकड़े कैपिटालाइन से प्राप्त किए गए हैं। यह तीनों इकाइयों द्वारा पूर्ववर्ती वर्ष (2015-16) में दर्ज कुल 97 अरब रुपये के कारोबार से कम है। पीऐंडजी की सूचीबद्घ कंपनियों के लिए जुलाई-जून की लेखा अवधि पर अमल होता है जबकि गैर-सूचीबद्घ इकाइयां अप्रैल-मार्च के वर्ष पर अमल करती हैं। 
हाल तक पीऐंडजी के इंडोनेशिया व्यवसाय के मुखिया गोपालन ने पीऐंडजी इंडिया की बिक्री विभाग में 1999 में अपना करियर शुरू किया था। उनके सहयोगियों का कहना है कि गोपालन भारतीय व्यवसाय की अच्छी समझ रखते हैं। लेकिन प्रतिस्पर्धी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) से मुकाबला करना आसान नहीं होगा। वित्त वर्ष 2016-16 में एचयूएल का कारोबार पीऐंडजी के मुकाबले साढ़े तीन गुना था। विश्लेषकों का कहना है कि एचयूएल द्वारा चालू वर्ष में भी वृद्घि की तेज रफ्तार बरकरार रखने की उम्मीद है। 31 दिसंबर को समाप्त 9 महीनों की अवधि के लिए कंपनी की शुद्घ बिक्री 256.2 अरब रुपये थी और पूरे साल के लिए यह आंकड़ा 341.5 अरब रुपये रहने का अनुमान है। 
गोपालन ने पिछले सप्ताह अपनी नियुक्ति के बाद कहा था कि वह भारत में शेयरधारक वैल्यू बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार लाने और बिक्री वृद्घि मजबूत बनाने का प्रयास बरकरार रखेंगे।  उन्होंने कहा, 'मैं भारतीय उपभोक्ता की जरूरत को समझता हूं, मैंने अपने करियर में लंबे समय तक भारत में काम किया है।'
Keyword: P&G, Madhusudan Gopalan, MD,
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