बिजनेस स्टैंडर्ड - सेंसेक्स को तीन शेयरों ने थामा
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, August 18, 2018 01:59 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

सेंसेक्स को तीन शेयरों ने थामा

पवन बुरुगुला / मुंबई February 21, 2018

बंबई स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक में शामिल तीन दिग्गज टीसीएस, इन्फोसिस और एचडीएफसी ने बेंचमार्क सूचकांकों को अपने सर्वोच्च स्तर से ज्यादा नीचे आने से रोक दिया। इन तीन शेयरों ने इस साल सेंसेक्स में 530 अंकों का योगदान किया है। दूसरी ओर, टूटने वाले 21 शेयरों ने सूचकांक में 982 अंकों की चपत लगा दी। अभी 30 शेयरों वाला सूचकांक साल दर साल के हिसाब से मोटे तौर पर अपरिवर्तित है। हालांकि जनवरी में पहुंचे अपने सर्वोच्च स्तर 36,283 अंक से करीब सात फीसदी नीचे है। तकनीकी दिग्गज टीसीएस और इन्फोसिस इस साल करीब 11-11 फीसदी ऊपर हैं, वहीं एचडीएफसी ने इस साल सात फीसदी की बढ़त दर्ज की है। सरकारी कंपनी कोल इंडिया को सबसे ज्यादा लाभ हुआ जबकि उच्च सरकारी शेयरधारिता के चलते इंडेक्स में इसका बहुत ज्यादा भारांक नहीं है।
 
अगर टीसीएस, इन्फोसिस और एचडीएफसी के शेयर स्थिर रहते तो सेंसेक्स जनवरी के सर्वोच्च स्तर के मुकाबले 10 फीसदी नीचे होता। यह जानकारी विभिन्न शेयरों के इंडेक्स में रहे योगदान के विश्लेषण से मिली। इस महीने शेयर कीमतों पर दबाव रहा है, जिसकी वजह वैश्विक गिरावट और भारतीय बैंंकिंग क्षेत्र में 2 अरब डॉलर की धोखाधड़ी है। अगर तीन दिग्गजों ने सहारा न दिया होता तो बाजार ने और धुंधली तस्वीर पेश की होती। ज्यादातर वैश्विक बाजार पिछले एक हफ्ते में दोबारा गुलजार होने लगे हैं। कमजोर देसी संकेत के चलते भारत हालांकि वैश्विक बढ़त के साथ नहीं चल पाया। बाजार के भागीदारों ने कहा कि पीएनबी में 114 अरब रुपये के घोटाले, चालू खाते के घाटे में इजाफा और वैश्विक सूचकांक प्रदाता एमएससीआई की तरफ से चेतावनी के चलते निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ा है।
 
बैंकिंग शेयर खास तौर से सरकारी बैंकों के शेयरों में हालिया कारोबारी सत्रों में तीव्र गिरावट आई है। जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के निवेश रणनीति प्रमुख गौरांग शाह ने कहा, भारतीय बाजार में गिरावट का मौजूदा दौर देसी कारकों मसलन पीएनबी में धोखाधड़ी की वजह से देखने को मिला है। भारत वैश्विक बाजारोंं के मुकाबले अल्पावधि में कमजोर प्रदर्शन कर सकता है क्योंकि साल 2018 में कई देसी घटनाक्रम देखने को मिलेंगे। हालांकि हमारा फंडामेंटल लगातार बेहतर नजर आ रहा है, ऐसे में हमारे बाजार लंबी अवधि के लिहाज से बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
 
दिलचस्प रूप से इस साल सेंसेक्स को पीछे लाने में सबसे ज्यादा योगदान उन शेयरों का है, जो साल 2017 में सबसे अच्छे प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे थे। उदाहरण के लिए भारती एयरटेल ने साल 2018 में 20.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की। हालांकि साल 2017 में एयरटेल में 70 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई थी। इसी तरह मारुति सुजूकी साल 2017 में 81 फीसदी चढ़ा था, लेकिन इस साल 10 फीसदी टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक का शेयर साल 2018 में 12 फीसदी टूटा, जिसकी वजह पीएनबी घोटाले का असर है। सेंसेक्स में एसबीआई एकमात्र सरकारी बैंक है। कुल मिलाकर इन तीन कंपनियों ने सेंसेक्स में 412 अंकों की चपत लगाई।
 
साल 2018 की आश्चर्यजनक घटनाओं में से एक है तकनीकी क्षेत्र के शेयरों मे तेज उछाल। आईटी शेयर साल 2017 में दबाव में बने रहे, जिसकी वजह अमेरिका में वीजा के सख्त नियम और सुस्त बिक्री है। विश्लेषकों ने कहा कि इस क्षेत्र के लिए स्थिति बेहतर होने लगी है क्योंकि गैर-बैंंकिंग फर्मों की तरफ से ऑर्डर नजर आ रहा है और कृत्रिम बौद्धिकता में तेजी आ रही है। साथ ही आईटी शेयर साल 2017 में सबसे ज्यादा पिटे थे और निवेशकों ने इसमें खरीदारी का अच्छा मौका देखा। न सिर्फ इन्फोसिस व टीसीएस बल्कि छोटी आईटी फर्में मसलन टेक महिंद्रा व एचसीएल ने भी 2018 के दौरान शानदार तेजी दर्ज की। विश्लेषकों ने कहा कि अभी आईटी शेयरों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की भी काफी दिलचस्पी दिख रही है क्योंकि ये आकर्षक मूल्यांकन पर उपलब्ध हैं।
Keyword: share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

लाभांश के बजाय निवेश को टुकड़ों में भुनाएंगे तो आसानी से बचेगा कर

Investments प्रियेश पटेल अपने म्युचुअल फंड वितरक के पास पहुंचे और उससे बैलेंस्ड फंड

अगले पांच साल में निफ्टी कंपनियों को दोगुना मुनाफा!

मुनाफा बढऩे से एसीसी के शेयर को मिली ताकत

मार्जिन दबाव से दोपहिया शेयरों में बड़ी गिरावट

आईटीसी की रेटिंग में और सुधार के आसार

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.