बिजनेस स्टैंडर्ड - जौहरियों को नुकसान की आशंका
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जौहरियों को नुकसान की आशंका

राजेश भयानी / मुंबई 02 18, 2018

पंजाब नैशनल बैंक धोखाधड़ी

► नीरव मोदी और चोकसी की कंपनियों से जुड़े अनौपचारिक ऋणदाताओं और आपूर्तिकर्ताओं की बढ़ेगी परेशानी
इस धोखाधड़ी के बाद कई विदेशी बैंक भी हो गए हैं सतर्क

बिजनेस स्टैंडर्ड जौहरियों को नुकसान की आशंकानीरव मोदी और मेहुल चोकसी से जुड़ा पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) संकट रत्न और आभूषण उद्योग में नकारात्मक प्रभाव पैदा कर रहा है और इसे देखते हुए भविष्य में नियमन प्रक्रिया कठोर बनाई जा सकती है। इस उद्योग के सूत्रों का कहना है कि उद्योग में बढ़ती चिंता का मतलब होगा कि अगली कुछ तिमाहियों में कुछ और नुकसान होना। तीन-चार बड़ी रत्न एवं आभूषण कंपनियों को वित्तीय कमजोरी का सामना पहले से ही करना पड़ रहा था और अब उन्हें नीरव मोदी धोखाधड़ी के बाद और बुरी स्थिति से जूझना पड़ सकता है।

आभूषण कंपनियां अब इसे लेकर चिंतित हैं कि बैंक अब इस क्षेत्र के नए और पुराने ऋणों पर गंभीरता से विचार करेंगे और ऐसा कर वे अपनी कमजोरियों और विफलताओं को दूर करने का प्रयास करेंगे। मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी की जोड़ी ने व्यावसायिक कार्य प्रणाली के तहत निजी ऋणदाताओं से रकम उधार ली और उधार में आभूषण की भी खरीदारी की। उद्योग के जानकारों का कहना है कि ऐसे ऋण लाखों डॉलर में होंगे और इससे व्यापार पूंजी प्रवाह चक्र प्रभावित होगा और सामान्य व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित होंगी क्योंकि इन ऋणों का पुन: भुगतान किए जाने की संभावना नहीं दिख रही है। एक अधिकारी ने कहा, 'इसका प्रभाव पूरी तरह से अगले कुछ महीनों में महसूस किया जाएगा।'

इस बीच, जोखिम विश्लेषकों को बैंकों और आभूषण क्षेत्र पर व्यापार-आधारित उधारी के संदर्भ में नियमन सख्ती बढऩे का अनुमान है। भारत में थॉमसन रॉयटर्स रिस्क बिजनेस के बाजार विकास के मुखिया अनुराग जैन ने कहा, 'मेरा मानना है कि नियामकीय इकाइयां काले धन को लेकर नए प्रावधान लाएंगी, खासकर व्यापार वित्त (व्यापार-आधारित काला धन) और कानून प्रवर्तन एजेंसियां प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉडंरिंग ऐक्ट (पीएमएलए) का सख्ती से प्रवर्तन सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगी।'

जैन ने कहा कि भारतीय कंपनियों को पीएमएलए पर ध्यान केंद्रित कर वैश्विक जोखिम मानकों के अनुपालन पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इसके अलावा वित्तीय सेवाओं के संदर्भ में भी विदेशी रकम प्रेषण और व्यापार वित्तीय लेनदेन पर नजर रखने के लिए सख्त मानक अपनाने होंगे।

जोखिम और काले धन के संदर्भ में रत्न और आभूषण व्यापार पांच प्रमुख सर्वाधिक जोखिम वाले उद्योगों में शुमार है। विदेशी बैंक समेत कुछ बैंक अपने कर्जदारों (खासकर हीरा और आभूषण क्षेत्र) से इस बारे में पूछताछ शुरू कर चुके हैं कि क्या उनका नीरव मोदी या मेहुल चोकसी से जुड़ी कंपििनयों से कोई व्यावसायिक संबंध है। पीएनबी में 114 अरब रुपये की धोखाधड़ी के बाद सराफों को यह भय सता रहा है कि ऋणदाता अधिक कॉलेटरल की मांग करेंगे और कर्ज लेने वाली ज्यादातर कंपनियों को ऋण के बदले ज्यादा सुरक्षा या गारंटी मुहैया करानी होगी।

बार-बार पेश आती हैं ऐसी समस्याएं

उद्योग के एक जानकार ने कहा, 'पीएनबी धोखाधड़ी के मामले की गहन जांच की जानी चाहिए, क्योंकि 50 प्रतिशत हीरा उद्योग अतीत में इस तरह के कई मामलों की वजह से बैंक ऋण लेने के लिए समस्याओं से जूझ रहा है। बैंकों द्वारा अपने सिस्टम को दुरुस्त नहीं बनाने की गलती का खामियाजा हीरा उद्योग को नहीं भुगतना चाहिए।'

उद्योग के पर्यवेक्षकों का कहना है कि प्रत्येक तीन वर्ष में इस उद्योग को इस तरह की समस्याओं या संकट का सामना करना पड़ता है जिसमें एक या दो मोदी या चोकसी धोखाधड़ी का सहारा लेते हैं और कुछ पकड़े जाते हैं। वहीं कुछ धोखेबाज इससे बचे रहने में भी कामयाब हो जाते हैं। इसके अलावा वैश्विक खरीदार हर साल दिवालिया होते हैं जिसकी वजह होती है कि भारतीय व्यापारियों द्वारा नुकसान उठाना। हालांकि उद्योग स्तर पर यह आंकड़ा कुल निर्यात का 1-2 प्रतिशत होने का अनुमान है।
Keyword: gems & jewellery, Export,
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