बिजनेस स्टैंडर्ड - नोटबंदी के बाद सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा सोना
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नोटबंदी के बाद सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा सोना

दिलीप कुमार झा / मुंबई February 16, 2018

डॉलर के भाव में आई सुस्ती के बीच सराफा के प्रति निवेशकों का भरोसा बढऩे से मुंबई में आज सोने के भाव 0.23 फीसदी बढ़कर नोटबंदी के बाद के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गए। मुंबई के मशहूर जवेरी बाजार में शुक्रवार को स्टैंडर्ड सोने के भाव 70 रुपये बढ़कर 30,645 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए। सोने की कीमतों में आई इस हल्की तेजी ने पीली धातु को नवंबर 2016 के स्तर पर पहुंचा दिया। नोटबंदी के समय सोना स्टैंडर्ड 30,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के आधिकारिक भाव पर रहा था। हालांकि गैर कानूनी तौर पर नोटबंदी के बाद सोना 45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक के भाव पर बिका था। सरकार की तरफ से 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को अचानक चलन से बाहर किए जाने के बाद लोग उन नोटों का इस्तेमाल सोने की खरीद के लिए कर रहे थे।
 
बहरहाल भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव की बड़ी वजह वैश्विक बाजारों में होने वाली उठापटक होती है। भारत  में सोने के भाव बढऩे के पीछे भी वैश्विक कारक ही रहे हैं। लंदन के बेंचमार्क स्पॉट मार्केट में सोने का भाव 1,361 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया जो अगस्त 2016 के बाद का उच्चतम स्तर है। बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करेंसी की कानूनी वैधता को लेकर सवाल उठने के बाद इसमें तेजी से गिरावट आई है। इस तरह के हालात में निवेशकों ने सोने का ही रुख करना बेहतर समझा है। यही वजह है कि वैश्विक स्तर पर सोने की मांग बढ़ी हुई है।
 
कॉमट्रेंड्ज रिसर्च के निदेशक ज्ञानशेखर त्यागराजन का कहना है कि एक साल तक सोने के भाव दबे रहने के बाद अनुकूल हालात बनने से तेजी की राह पर हैं। वह कहते हैं, 'अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें बढऩे से एक साल से अधिक समय तक सोने के भाव दबे रहे लेकिन अब मुद्रास्फीति दबावों के असर दिखाने से हालात अनुकूल हो रहे हैं। बिटकॉइन के फ्लॉप होने से भी सोने में निवेश की मांग बढ़ी है। इसके अलावा कमजोर डॉलर ने भी सोने की चमक बिखेरने में मदद की है। हमारा मानना है कि सोना पहले 1,375 डॉलर और फिर 1430 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर प्रतिरोध का सामना कर सकता है। ऐसी सूरत में भारतीय बाजार में सोने के भाव 33,500 से लेकर 34,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकते हैं।'
 
आज के समय में बुनियादी पहलू भी सोने की कीमतों में तेजी की ओर इशारा कर रहे हैं। खनन क्षेत्र की शीर्ष संस्था वल्र्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर-दिसंबर 2017 की अवधि में दुनिया भर में सोने की मांग छह फीसदी की बढ़त के साथ 1095.8 टन हो गयी थी। वैश्विक ईटीएफ ने भी पिछले कैलेंडर वर्ष में 202.8 टन सोने की बढ़त दिखाई है। यह निवेशकों का भरोसा बढऩे का एक और सबूत है।  मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सहायक निदेशक (कमोडिटी एवं मुद्रा) किशोर नार्ने कहते हैं, 'अगले दो महीनों में सोने की कीमतों में 80 डॉलर प्रति औंस तक की तेजी आने के आसार हैं। अमेरिकी डॉलर में गिरावट का रुख बने रहने से सोने के भाव तेज होने के आसार हैं।'
 
इस बीच पीली धातु की चमक बढऩे से भारतीय बाजारों में ज्वैलरी की खरीद में सुस्ती दिखाई देने लगी है। जवेरी बाजार की मशहूर प्रतिष्ठान उमेदमल तिलोकचंद जवेरी के निदेशक कुमार जैन कहते हैं, 'नकद देकर नया सोना खरीदने की मांग तो बाजार से लगभग गायब ही हो गई है। जो छिटपुट ऑर्डर आ रहे हैं, वे भी केवल मासिक जमा योजनाओं या पुराने गहनों को गलाकर नये आभूषण बनाने से ही संबंधित हैं। ग्राहक सरकार की निगरानी बढऩे के चलते किसी भी बड़े सौदे में हाथ डालने से परहेज कर रहे हैं। यहां तक कि शादियों के सीजन में भी कोई खास तेजी आने के आसार नहीं हैं।'
 
इस बीच वल्र्ड गोल्ड काउंसिल को उम्मीद है कि आने वाले समय में भारतीय बाजार में सोने की मांग जोर पकड़ेगी। उसके इस भरोसे की वजह केंद्रीय बजट में ग्रामीण भारत को अधिक तवज्जो दिया जाना है। दुनिया में सोने के सबसे बड़े उपभोक्ता देश भारत के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक स्थिति बेहतर होने से सोने की मांग बढऩे की पूरी संभावना है। गौरतलब है कि कैंलेंडर वर्ष 2017 में भारत में सोने की मांग नौ फीसदी बढ़कर 727 टन हो गई थी जबकि वर्ष 2016 में यह 666 टन ही रही थी। 
Keyword: gold,सराफा बाजार, आभूषण,
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