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एलआईसी ने कमाए 20 हजार करोड़

अद्वैत राव पलेपू / मुंबई February 16, 2018

शेयर बाजार की तेज चाल का फायदा उठाते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम ने मौजूदा वित्त वर्ष में इक्विटी निवेश पर 200 अरब रुपये की मुनाफावसूली की। इसकी कुल परिसंपत्तियां (इक्विटी व ऋण प्रतिभूतियों समेत) दिसंबर 2017 तक 16.75 फीसदी बढ़कर 28.5 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। 31 दिसंबर 2016 को कुल परिसंपत्तियां 24.41 लाख करोड़ रुपये रही थी। एलआईसी के चेयरमैन वी के शर्मा ने कहा, 31 दिसंबर तक शुद्ध निवेश 3.05 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें से 700 अरब रुपये सरकारी प्रतिभूतियों में जबकि स्टेट डेवलपमेंट लोन की हिस्सेदारी 2.07 लाख करोड़ रुपये रही। उन्होंने कहा, हमारे लिए इक्विटी निवेश लंबी अवधि का मामला है। अगर आप देखेंगे तो पता चलेगा कि जहां भी हम निवेश करते हैं वहां शायद बाजार के अन्य निवेशक भी होते हैं। कंपनी का इक्विटी निवेश वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में 11 फीसदी बढ़कर 133 अरब रुपये पर पहुंच गया। जबकि पिछले साल की समान अवधि में इक्विटी निवेश 119 अरब रुपये रहा था।
 
शर्मा ने कहा कि सामान्य बीमा कंपनियां मसलन न्यू इंडिया एश्योरेंस और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन री (जहां एलआईसी बड़ी हिस्सेदार है) उसी तरह के कारोबार में हैं जहां एलआईसी का परिचालन होता है। इसलिए जीवन बीमा कंपनी स्वास्थ्य बीमा व सामान्य बीमा कंपनियों में और निवेश करेगी, क्योंकि यहां उच्च बढ़त की क्षमता व कवरेज है। कारोबारी प्रदर्शन के बारे में एलआईसी के चेयरमैन ने कहा कि दिसंबर 2017 में समाप्त नौ महीने की अवधि में कारोबार 19.47 फीसदी बड़कर 997.83 अरब रुपये पर पहुंच गया, जिसने एलआईसी को वित्त वर्ष 2018 के लिए एकल प्रीमियम का लक्ष्य दिसंबर 2017 में ही पूरा करने में समर्थ बना दिया। कुल प्रीमियम आय 11.47 फीसदी बढ़कर नौ महीने की अवधि में 2.23 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 2 लाख करोड़ रुपये रही थी।
 
सकल आय 12.19 फीसदी बढ़कर 3.78 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 3.37 लाख करोड़ रुपये रही थी। दिसंबर 2017 के आखिर में गैर-निष्पादित आस्तियां बढ़कर 231.27 अरब रुपये पर पहुंच गई, जो दिसंबर 2016 के आखिर में 199.9 अरब रुपये रही थी क्योंकि दबाव वाली कंपनियां एनसीएलटी में दिवालिया प्रक्रिया का सामना कर रही है। शुद्ध गैर-निष्पादित आस्तियां 2.58 फीसदी के मुकाबले घटकर 1.67 फीसदी रह गई। शर्मा ने कहा कि एलआईसी का एनपीए स्तर मुख्य रूप से इसलिए बढ़ा क्योंकि भूषण स्टील पर हमारा कर्ज 11 अरब रुपये, जयप्रकाश एसोसिएट्स पर 16 अरब रुपये और वीडियोकॉन एंटरप्राइजेज पर 7.8 अरब रुपये था। दिसंबर 2017 के आखिर में पॉलिसी क्लेम 1.22 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 1.12 लाख करोड़ रुपये रहा था यानी इसमें 8.73 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
 
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