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आईओबी का घाटा बढ़कर 9.71 अरब रु.

बीएस संवाददाता/एजेंसियां / नई दिल्ली/चेन्नई/मुंबई February 13, 2018

इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) का शुद्ध नुकसान दिसंबर 2017 में समाप्त तिमाही में बढ़कर 9.71 अरब रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 5.54 अरब रुपये रहा था। हालांकि क्रमिक तौर पर नुकसान 12.22 अरब रुपये के मुकाबले 20.56 फीसदी घट गया। बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ आर सुब्रमण्याकुमार ने एनपीए के लिए उच्च प्रावधान को इस नुकसान की मुख्य वजह बताया। हालाकि प्रावधान सितंबर 2017 की तिमाही के मुकाबले 26.76 फीसदी घटा। एनपीए के लिए बैंक का प्रावधान घट रहा है, वहीं रिकवरी में भी सुधार हो रहा है।

 
दिसंबर 2017 में बैंक का सकल एनपीए 332.67 अरब रुपये रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि में 345.02 अरब रुपये रहा था। सकल एनपीए में इस दौरान दूसरी तिमाही के मुकाबले 14.41 अरब रुपये की गिरावट आई। दिसंबर 2017 में 30.20 अरब रुपये की रिकवरी हुई। उन्होंने कहा, पिछली तीन तिमाहियों में 90 अरब रुपये से ज्यादा की रिकवरी हुई है। दिसंबर में कुल प्रावधान कवरेज अनुपात सुधरकर 57.83 फीसदी रहा, जो सितंबर 2017 में 55.88 फीसदी रहा था। आईबीसी के प्रावधानों के तहत बैंक को 31 मार्च 2018 तक बकाया कर्ज पर 7.18 अरब रुपये के अतिरिक्त प्रावधान की दरकार होगी और 31 दिसंबर 2017 तक बैंक 5.24 अरब रुपये का प्रावधान कर चुका है।
 
सिंडिकेट बैंक ने दर्ज किया नुकसान
 
फंसे कर्ज पर प्रावधान में इजाफा, ट्रेजरी आय में कमी और मार्क-टु-मार्केट नुकसान ज्यादा रहने से सिंडिकेट बैंक ने दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही में 8.7 अरब रुपये का शुद्ध नुकसान दर्ज किया। पिछले साल की समान अवधि में बैंक ने 9.3 अरब रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था और मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इसका लाभ 10.5 अरब रुपये रहा था। बैंक का सकल एनपीए दिसंबर में बढ़कर 9.62 फीसदी पर पहुंच गया, जो सितंबर तिमाही में 9.39 फीसदी रहा था। बैंंक ने एक बयान में कहा, इसकी शुद्ध ब्याज आय पिछले साल की समान अवधि के 13.9 अरब रुपये के मुकाबले 17 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 16.2 अरब रुपये पर पहुंच गया, लेकिन सितंबर तिमाही के 16.5 अरब रुपये के मुकाबले कम रहा।
 
एनबीसीसी का शुद्ध लाभ 6 फीसदी बढ़ा 
 
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनबीसीसी लिमिटेड को चालू वित्त वर्ष की दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही में 68.34 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है। एक साल पहले की तुलना में कंपनी का मुनाफा 6 फीसदी बढ़ा है। कंपनी ने कहा है कि एक साल पहले इसी अवधि में उसका शुद्ध लाभ 64.44 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी की कुल आय तीसरी तिमाही में घटकर 1,546.47 करोड़ रुपये रह गई, जो कि पिछले साल इसी तिमाही में 1,738.72 करोड़ रुपये थी। निदेशक मंडल ने अपने इक्विटी शेयर को विभाजित करने की भी सिफारिश की है। 2 रुपये अंकित मूल्य वाले शेयर को एक-एक रुपये के दो शेयरों में विभाजित किया जाएगा। इसके लिए शेयरधारकों से मंजूरी लेनी होगी। एनबीसीसी आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आती है। कंपनी तीन प्रमुख क्षेत्रों में कार्य करती है - परियोजना प्रबंधन सलाहकार सेवाएं, रियल एस्टेट डेवलपमेंट और ईपीसी अनुबंध। 
 
मदरसन सूमी का शुद्ध मुनाफा बढ़ा 
 
वाहन कलपुर्जे बनाने वाली दिग्गज कंपनी मदरसन सूमी सिस्टम्स लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ दिसंबर 2017 में समाप्त तिमाही में बढ़कर 561.71 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 547.32 करोड़ था। मदरसन सूमी सिस्टम्स लिमिटेड (एमएसएसएल) ने बताया कि आलोच्य अवधि में कंपनी की परिचालन से एकीकृत आय 14,397.85 करोड़ रुपये रही। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 10,784.19 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी ने कहा कि पिछले साल मार्च में पीकेसी ग्रुप पीएलसी के अधिग्रहण के कारण दोनों अवधियों के आंकड़े परस्पर तुलनीय नहीं है। कंपनी ने कहा कि नए संयंत्र शुरू हो गए या उन पर काम चल रहा है। साथ ही परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है। 
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