बिजनेस स्टैंडर्ड - निचले टैक्स स्लैब वाले वरिष्ठ नागरिक एफडी में करें निवेश
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, August 17, 2018 10:32 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

निचले टैक्स स्लैब वाले वरिष्ठ नागरिक एफडी में करें निवेश

तिनेश भसीन /  February 04, 2018

हालांकि बजट ने बहुत से लोगों को निराश किया है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए खुश होने की कई वजह हैं। जो वरिष्ठ नागरिक निचले कर वर्गों (5 से 20 फीसदी) में आते हैं और जो शेयरों के उतार-चढ़ाव से दूर रहना चाहते हैं, उनके लिए सावधि जमा (एफडी) और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) जैसी फिक्स्ड योजनाएं डेट म्युचुअल फंडों की तुलना में ज्यादा लुभावनी बन गई हैं।  लैडर7 फाइनैंशियल एडवाइजर्स के संस्थापक सुरेश सदगोपन ने कहा, 'फिक्स्ड इनकम डेट योजनाओं से इतर निवेश योजनाओं का आकर्षण घटता जा रहा है, इसलिए अब वरिष्ठ नागरिक प्रधानमंत्री वय वंदन योजना (पीएमवीवीवाई) में निवेश कर सकते हैं। इसमें सावधि जमाओं से ज्यादा प्रतिफल मिलता है।'

 
कम कर वर्गों के लिए एफडी आकर्षक 
 
ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक अपना पैसा सावधि जमाओं (एफडी) या डाकघर बचत योजनाओं में निवेश करते हैं और इनसे मिलने वाले ब्याज से अपनी जीविका चलाते हैं। अब वे इन जमाओं पर मिलने वाले ब्याज पर 50,000 रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। सरकार ने इसके लिए धारा80टीटीबी बनाई है।  अगर कोई वरिष्ठ नागरिक भारतीय स्टेट बैंक की एफडी में 7 लाख रुपये का निवेश करता है और इस एफडी पर 6.75 फीसदी ब्याज मिलता है तो उसे हर साल 47,250 रुपये का ब्याज मिलेगा और उसे इस ब्याज आदमनी पर कोई कर चुकाने की जरूरत नहीं होगी। 
 
जो लोग डाकघर वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में 8.3 फीसदी ब्याज दर पर निवेश कर रहे हैं, उन्हें 6 लाख रुपये तक के निवेश पर कोई कर नहीं चुकाना होगा। पर्सनलफाइनैंसप्लान डॉट इन के संस्थापक दीपेश राघव कहते हैं, ' जो लोग 30 फीसदी वाले कर वर्ग में आते हैं, वे भी एफडी में 7 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। उनके लिए इससे अधिक निवेश करने के लिए डेट फंड बेहतर रहेंगे। एफडी के जरिये मासिक आय के बजाय सिस्टेमैटिक विड्राअल प्लान (एसडब्ल्यूपी) के जरिये नियमित आय का विकल्प कर के हिसाब से बेहतर रहेगा।'
 
माना कि आप एक डेट फंड में 7 लाख रुपये का निवेश करते हैं और आपको 7,000 यूनिट मिलती हैं। जब आप कुछ यूनिटों की बिक्री करते हैं तो अल्पावधि पूंजीगत लाभ कर केवल उस लाभ पर लगेगा, जो आपको इन यूनिटों को बेचने से होता है। इन फंडों में सर्वोच्च कर वर्ग में आने वाले लोगों को बैंक एफडी की तुलना में कम कर देना पड़ेगा। 
 
निवेश योजनाओं में बदलाव 
 
सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में प्रधानमंत्री वय वंदन योजना शुरू की थी। यह वरिष्ठ नागरिकों को नियमित पेंशन मुहैया कराने के लिए बनाई गई है। पहले यह योजना निवेश के लिए 3 मई, 2018 तक खुली थी, लेकिन बजट में इसे निवेश के लिए मार्च, 2020 तक खुली रखने का प्रस्ताव रखा गया है। योजना की निवेश अवधि बढ़ाने के अलावा इसमें प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक के लिए निवेश की राशि भी 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। अगर पति-पत्नी दोनों ही वरिष्ठ नागरिक हैं तो वे इस योजना में दुगुना निवेश कर सकते हैं यानी दोनों ही 15-15 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। लेकिन कोई वरिष्ठ नागरिक योजना में निवेश करने के लिए अपनी पत्नी को उपहारस्वरूप पैसा देता है तो इस लाभ को पति की आय में शामिल किया जाएगा। 
 
इस योजना में हर साल 8 से 8.3 फीसदी तक सुनिश्चित प्रतिफल मिलता है, जो भुगतान की समयावधि पर निर्भर करता है। हालांकि योजना से मिलने वाले ब्याज पर कर लगेगा। इसमें एक निवेशक के द्वारा अर्जित की जा सकने वाली अधिकतम पेंशन अब दोगुनी यानी 10,000 रुपये प्रति महीना हो गई है।  यह वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के समान है, जो हर साल 8.3 फीसदी का समान प्रतिफल मुहैया कराती है। हालांकि प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में मिलने वाले ब्याज पर 80टीटीबी की कटौती का फायदा नहीं मिलेगा। वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना के बारे में तभी विचार करना चाहिए, जब उनकी वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की सीमा पूरी हो गई हो। 
 
स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाने के लिए सुपर टॉप-अप खरीदें : 
 
हाल में बहुत सी सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम 60 से 100 फीसदी बढ़ाया था। इसके अलावा स्वास्थ्य खर्च हर साल 10 फीसदी से अधिक दर से बढ़ रहा है, इसलिए उनका वर्तमान कवर भविष्य में अपार्यप्त हो सकता है। अब वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा कवर लेने पर धारा 80 डी के तहत 50,000 रुपये तक की कटौती का लाभ मिलेगा। पहले यह सीमा 30,000 रुपये थी।  अपना स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाने के बारे में विचार कर रहे वरिष्ठ नागरिक अपनी बीमा कंपनी को बीमित राशि बढ़ाने के लिए कह सकते हैं और इसी अनुपात में उनका प्रीमियम बढ़ जाएगा। या वह नई  वरिष्ठ नागरिक पॉलिसी खरीद सकते हैं, जो हाल में बहुत सी बीमा कंपनियों ने शुरू की है। 
 
लेकिन इन दो के बजाय एक बेहतर विकल्प सुपर टॉप-अप कवर खरीदना है। 70 साल के एक व्यक्ति के लिए 5 लाख रुपये की बीमित राशि वाली बुनियादी पॉलिसी का प्रीमियम 25,000 से 30,000 रुपये के बीच होगा। लेकिन टॉप-अप कवर 11,500 से 14,000 रुपये में खरीदा जा सकता है। सरकार ने भी धारा 80डीडीबी के तहत सभी वरिष्ठ नागरिकों की खातिर गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए होने वाले खर्च पर कर कटौती की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी है। 
 
कुल असर :  इन सब राहतों के अलावा सरकार ने वेतनभोगियों के लिए 40,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन शुरू किया है। पीडब्ल्यूसी में पार्टनर और लीडर (व्यक्तिगत कर) कुलदीप कुमार ने कहा, 'पेंशनभोगी वरिष्ठ नागरिक यह लाभ ले सकते हैं क्योंकि रिटर्न भरने में पेंशन को वेतन आय माना जाता है।' अगर आप पेंशनभोगी वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली सभी कटौतियों का आकलन करेंगे तो उनकी कुल कर योग्य आय वर्तमान से 1,40,000 रुपये कम होगी। अगर आप गंभीर बीमारियों के लिए उपलब्ध कटौती को हटा भी दें तो कुल कर योग्य आय वर्तमान से 1 लाख रुपये कम होगी। अब वरिष्ठ नागरिक ज्यादा निवेश कर सकते हैं और ज्यादा बचा सकते हैं। 
Keyword: budget, arun jaitley, income tax,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या पीसीए नियमों में सार्वजनिक बैंकों को मिलनी चाहिए ढील?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.