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टफ्स से कपड़ा क्षेत्र में आएगा निवेश

दिलीप कुमार झा / मुंबई February 02, 2018

प्रौद्योगिकी सुधार कोष योजना (टफ्स) के लिए बजट में धनराशि का आवंटन बढ़ाए जाने से कपड़ा क्षेत्र, विशेष रूप से परिधान खंड में बड़ी मात्रा में नया निवेश आने की संभावना है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए टफ्स का बजट आवंटन 14 फीसदी बढ़ाकर 23 अरब रुपये करने की घोषणा की। इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2017-18 में 20.13 अरब रुपये आवंटित किए गए थे।  यह योजना 1990 के दशक में शुरू की गई थी। टफ्स कपड़ा मूल्य शृंखला में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए है। इसका मकसद उद्यमियों को इस क्षेत्र में बड़ा निवेश करनने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत बुनाई, परिधान आदि के संयंत्रों एवं मशीनरी के आधुनिकीकरण और नई परियोजनाएं लगाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है। 
 
सूती कपड़ा निर्यात संवर्धन परिषद (टेक्सप्रोसिल) के चेयरमैन उज्ज्वल लाहोटी ने कहा, 'यह सकारात्मक कदम है और इससे टफ्स के तहत देनदारियों को चुकाने में मदद मिलेगी।' इसके अलावा बजट में परिधान एवं मेड अप्स के लिए व्यापक कपड़ा क्षेत्र पैकेज के तहत वित्तीय आवंटन 60 अरब रुपये से बढ़ाकर 71.48 अरब रुपये किया गया है। इससे इन दोनों क्षेत्रों में निर्यात और उत्पादन बढ़ेगा। ये दोनों क्षेत्र बड़ी तादाद में रोजगार मुहैया कराते हैं। हालांकि विशेष पैकेज में कपड़े को रिटर्न ऑफ स्टेट लेवीज (आरओएसएल) योजना के दायरे में लाया जाएगा। 
 
क्लोदिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएमएआई) के अध्यक्ष राहुल मेहता ने कहा कि इस उद्योग के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए जाने के अलावा बजट का जोर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर है और इसके लिए बड़े बजट का आवंटन किया गया है। इससे घरेलू बाजार में परिधानों की मांग बढ़ाने में मदद मिलेगी।  उन्होंने कहा, 'परिधान विनिर्माण में कच्चे माल और तैयार माल की बड़ी मात्रा में इधर से उधर आवाजाही होती है, जिससे बुनियादी ढांचे से संबंधित अवरोध इस उद्योग के आड़े आते हैं। इसलिए अब बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिए जाने से परिधान उद्योग को अपनी वृद्धि तेज करने में मदद मिलेगी।'
 
कपड़ा आयुक्त कविता गुप्ता ने हाल में कहा था कि कपड़ा और परिधान उद्योग ने सरकार से तीन साल के भीतर 800 अरब रुपये का निवेश लाने और 1 करोड़ लोगों के लिए रोजगार के मौकों के सृजन का वादा किया है। इसमें दो साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक 70 अरब रुपये का निवेश आया है और केवल 1 लाख रोजगार अवसरों का सृजन हुआ है। उन्होंने कहा, 'उद्योग को सरकार से किया वादा पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय ने जुलाई 2017 में 60 अरब रुपये के विशेष परिधान पैकेज की घोषणा की है, इसलिए परिधान एवं मेड अप उद्योग को योजना का लाभ उठाना चाहिए।' 
 
Keyword: textiles, कपड़ा एवं परिधान नीति,
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