बिजनेस स्टैंडर्ड - बंगाल बजट में करों में बढ़ोतरी नहीं
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बंगाल बजट में करों में बढ़ोतरी नहीं

नम्रता आचार्य / कोलकाता January 31, 2018

वित्त वर्ष 2018-19 के लिए पश्चिम बंगाल के बजट में कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य में पंचायत चुनाव से पहले पेश बजट में वित्त मंत्री अमित मित्रा ने करों में बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत राज्य का अपना कर राजस्व 2017-18 में 10 प्रतिशत बढ़कर 501 अरब रुपये रहा। हालांकि यह आंकड़ा 558 अरब रुपये के तय लक्ष्य से कम है। आलोच्य अवधि में राज्य सरकार का कुल कर राजस्व 13 प्रतिशत बढ़कर 1330 अरब रुपये रह गया। मित्रा के अनुसार आईजीएसटी के तहत 18.50 अरब रुपये मिलने हैं, जिनमें केंद्र से अभी 10 अरब रुपये मिलना शेष है। राज्य विधानसभा में पेश बजट के अनुसार राज्य पर कर्ज बोझ बढ़कर 3,640 अरब रुपये गया। अगले वित्त वर्ष इसके 3,948 करोड़ रुपये होने का अनुमान जताया गया है। इस वित्त वर्ष ऋण भुगतान के मद में रकम करीब 472 अरब रुपये रही, जो राज्य के 500 अरब रुपये के कर संग्रह के लगभग बराबर है। बजट में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 1 करोड़ 

 
रुपये तक की जायदाद पर स्टांप शुल्क में 1 प्रतिशत कमी की गई है। इसके अलावा अगले दो वित्त वर्षों के लिए चाय बगानों को कृषि आय कर के भुगतान से पूर्ण छूट दी गई है। बजट में चाय बगानों को शिक्षा एवं ग्रामीण रोजगार उपकर से भी छूट दी गई है, साथ ही किसानों को म्युटेशन फीस से भी राहत दी गई है।   बजट में किसानों के लिए मासिक पेंशन 750 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये करने की घोषणा की गई है। राज्य सरकार की कन्या शिक्षा योजना 'कन्याश्री' के तहत मासिक भुगतान भी अब 750 रुपये के बजाय 1,000 रुपये कर दिया गया है। राज्य सरकार सालाना 1.5 लाख रुपये से कम आय अर्जित करने वाले परिवारों को लड़की के विवाह के लिए 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता भी देगी। राज्य सरकार ने बजट में विकलांग लोगों के लिए 1,000 रुपये मासिक पेंशन देने की भी घोषणा की है। 
 
वित्त वर्ष 2017-18 के लिए राज्य का कुल व्यय 1860 अरब रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष 1,575 अरब रुपये रहा था। इस तरह, व्यय में 18 प्रतिशत इजाफा हुआ। अगले वित्त वर्ष कुल व्यय 1,958 अरब रुपये रहने का अनुमान है, जो चालू 2017-18 के मुकाबले 5.26 प्रतिशत अधिक होगा। इस साल पश्चिम बंगाल का राजकोषीय घाटा करीब 270 अरब रुपये रहा है, जो पिछले साल 254 अरब रुपये रहा था। 2017-18 में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर करीब 11.46 प्रतिशत रही। राजकोषीय घाटे और जीएसडीपी का अनुपात 2.56 प्रतिशत रहा, जो 2010-11 में 4.24 प्रतिशत रहा है। 
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