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होटल कंपनियों के शेयरों को आगे भी मिलेगा बल!

राम प्रसाद साहू /  January 21, 2018

दिसंबर तिमाही के मजबूत नतीजों की उम्मीद और मांग-आपूर्ति की स्थिति अनुकूल होने से इंडियन होटल्स और ईआईएच की अगुआई में होटल कंपनियों के शेयर अपने पिछले 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। हाल के वर्षों में पीछे रहने वाले शेयरों ने पिछले एक साल में 30 से 100 प्रतिशत के बीच प्रतिफल दिया है। दिसंबर तिमाही के नतीजों का शेयरों पर तत्काल असर पड़ेगा। पिछली पांच तिमाहियों तक एक अंक की सुस्ती के बाद दिसंबर तिमाही में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 14.5 प्रतिशत इजाफा हुआ है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का मानना है कि विदेशी पर्यटकों की आमद में तेजी और घरेलू स्तर पर मांग बढऩे से दिसंबर तिमाही के दौरान सालाना आधार पर ऑक्युपेंसी लेवल (होटलों में कमरे भरे रहने की दर) बढ़ सकता है। 

होटल उद्योग में आपूर्ति (कमरों की उपलब्धता) के मुकाबले मांग में अधिक तेजी आएगी। अगले दो साल में होटल उद्योग की विकास दर 6 प्रतिशत रह सकती है, वहीं महंगी श्रेणी में तेजी 9 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर जाएगी। क्रिसिल रिसर्च के निदेशक बिनैफर एफ जेहानी का अनुमान है कि विदेशी पर्यटकों की संख्या बढऩे, घरेलू पर्यटकों की तरफ से अधिक मांग, कारोबार के सिलसिले में अधिक यात्राएं जैसे कारणों से मांग और तेज हो सकती है। हालांकि मांग भले ही बढ़ेगी, लेकि न आपूर्ति 5 प्रतिशत के साथ धीमी ही रहेगी। वित्त वर्ष 2008 में होटल क्षेत्र शीर्ष पर पहुंच गया था, लेकिन वित्त वर्ष 2010 से 13 के दौरान यह अत्यधिक आपूर्ति का शिकार हो गया और कमरों की औसत आपूर्ति दर 17 प्रतिशत रही। इसके बाद वित्त वर्ष 2013-17 के दौरान यह दर 7 प्रतिशत रही। अब यह कम होकर 5 प्रतिशत के निचले स्तर पर आ सकती है और मांग में तेजी से कमरे भरे रहने और औसत किराये में इजाफा होना चाहिए। 

इक्रा में उपाध्यक्ष और सेक्टर प्रमुख (कॉर्पोरेट रेटिंग) की पवित्रा पोन्नैया का मानना है कि प्रत्येक उपलब्ध कमरे पर राजस्व वित्त वर्ष 2018 में 4.0 से 4.5 प्रतिशत दर से बढ़ सकता है। उनके अनुसार वित्त वर्ष 2019 और 2020 के दौरान यह बढ़कर 5 से 7 प्रतिशत हो जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि कमरे भरे रहने से प्रत्येक उपलब्ध कमरे पर राजस्व में बढ़ोतरी से अगले दो साल में होटल कंपनियों के परिचालन मुनाफा मार्जिन में तेजी आएगी।  पिछले एक साल के दौरान कीमतों में तेजी को देखें तो उद्यम मूल्य पर परिचालन लाभ (एक साल के अग्रिम अनुमान का 17 से 19 गुना) या प्राइस टू अर्निंग रेशियो (एक साल के अग्रिम अनुमान से 50 गुना अधिक) दोनों के लिहाज से मूल्यांकन बहुत सस्ते नहीं दिखते हैं। हालांकि एक विश्लेषक ने कहा कि अगर प्रतिस्थापन लागत मूल्य पर भी विचार किया जाए तो अभी भी थोड़ा दम बाकी है। बड़े महानगरों में किसी महंगी जायदाद के लिए प्रति कमरा प्रतिस्थापन लागत मूल्य करीब 4 करोड़ रुपये अनुमानित है और इस क्षेत्र में प्रतिस्थापन लागत मूल्य पर कई प्राइवेट इक्विटी करार हुए हैं। 

मांग-आपूर्ति में असंतुलन से होटल शेयर सहज स्थिति में 
महंगी श्रेणी में मांग में अधिक तेजी के अनुमान से इंडियन होटल्स और ईआईएच दो बड़ी कंपनियां लाभान्वित हो सकती हैं। इंडियन होटल्स की संभावनाओं को देखते हुए ज्यादातर ब्रोकरेज कंपनियां इसे लेकर उत्साहित हैं। अपने परिचालन के पुनगर्ठन के बाद कर्ज में कमी और नुकसान में चल रही इकाइयों की बिक्री से मार्जिन में सुधार और खर्च नियंत्रित करने के उपाय उसके लिए सकारात्मक हैं। ज्यादा मार्जिन वाले प्रबंधन अनुबंधों से इसे और मदद मिलनी चाहिए। हालांकि वित्त वर्ष 2017 में कंपनी ने कीमतों में 8 प्रतिशत तेजी दर्ज की है, लेकिन जीएसटी की वजह से वित्त वर्ष 2018 की पहली छमाही में कीमतों पर असर पड़ा है। कुछ बाजारों में ऑक्युपैंसी 70 प्रतिशत रहने से विश्लेषकों को उम्मीद है कि कीमतों में तेजी दोबारा शुरू हो सकती है। मौजूदा कीमत पर शेयर वित्त वर्ष 2019 के अपने एंटरप्राइज वैल्यू एवं परिचालन मुनाफे के अनुपात के 17 गुना पर कारोबार कर रहा है। पिछले एक साल में शेयर में 50 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है। शेयर में गिरावट पर निवेशक इसमें निवेश पर विचार कर सकते हैं। 

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों की पहली पसंद ईआईएच है जिसकी वजह दिसंबर तिमाही के स्थिर आंकड़े हैं। पिछले साल आई गिरावट के मुकाबले कंपनी के राजस्व में 4 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है। विश्लेषकों के अनुसार कंपनी के मार्जिन में सालाना आधार पर 40 आधार अंक तक का इजाफा हो सकता है। पिछले एक साल में शेयर दोगुना हो गया है। मौजूदा बाजार मूल्य पर शेयर एक साल के फॉरवर्ड एंटरप्राइजेज वैल्यू एवं परिचालन मुनाफे के अनुपात के 19 गुना के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसे खरीदने से पहले निवेशक इसका भाव थोड़ा गिरने का इंतजार कर सकते हैं। 
Keyword: होटल, शेयर, इंडियन होटल्स, ईआईएच, नतीजों,
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