बिजनेस स्टैंडर्ड - राजनीति के आकाश में सिने सितारों की दस्तक
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, September 19, 2018 03:21 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विशेष खबर

राजनीति के आकाश में सिने सितारों की दस्तक

जिंदगीनामा
कनिका दत्ता /  January 09, 2018

वर्ष 2017 के अंत में फिल्म जगत के सुपर सितारा रजनीकांत ने तमिल राजनीति में आने की नाटकीय घोषणा की। ऐसा करके उन्होंने अत्यंत कुशलतापूर्वक अपने साथी अभिनेता कमल हासन को नेपथ्य में धकेल दिया। यहां एक दिलचस्प सवाल उठता है। भारतीय राजनीतिक परिदृश्य की नाटकीयता को देखते हुए तो देश के फिल्म जगत से बहुत बड़ी तादाद में नेता उभरकर सामने आने चाहिए थे। परंतु तमिलनाडु जहां असली जीवन और फिल्मी चरित्र वर्षों से गड्डमड्ड हैं, उसे और आंध्र प्रदेश (जहां एनटी रामाराव ने एक दशक से अधिक वक्त तक शासन किया) को छोड़ दिया जाए तो शेष भारत को सिनेमा और राजनीति के मिश्रण के उस कदर दीदार नहीं हुए। 

 
तमाम सांसद और विधायक ऐसे हैं जिन्होंने रजत पट से सदन की दूरी तय की है। उनमें से कई राज्य सभा के सदस्य बने। यहां तक कि महानायक अमिताभ बच्चन ने भी एक बार राजनीति में हाथ आजमाया था। सन 1984 में इलाहाबाद लोकसभा सीट पर उन्होंने सबको चकित करते हुए उत्तर प्रदेश के कद्दावर राजनेता हेमवती नंदन बहुगुणा को भारी मतों से पराजित किया था। बाद में बोफोर्स घोटाले में कथित रूप से शामिल होने के आरोपों के बीच उन्होंने सांसद पद से त्यागपत्र दे दिया था। कुछ अभिनेताओं को मंत्री पद भी मिले। बहुत कम अभिनेता ही संसद या विधानसभा की दायित्वहीन भूमिका से आगे निकलकर यादगार राजनीतिक करियर बना सके।
 
जरा इस बात पर विचार करें। किसी अन्य राज्य में अभिनेता मुख्यमंत्री नहीं दिखे। महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में स्थानीय सिनेमा अत्यंत ताकतवर है लेकिन वहां कोई अभिनेता वैसी छाप नहीं छोड़ पाया जैसी एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) ने तमिलनाडु ने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम के जरिये और नंदमूरि तारक रामाराव (एनटीआर) ने आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम के जरिये किया।  इतना ही नहीं दोनों ने दीर्घकालिक राजनीतिक विरासत भी छोड़ी। एमजीआर की विरासत उनकी साथी अभिनेत्री जयराम जयललिता ने संभाली। विडंबना देखिए कि उनके निधन के बाद उनके चाहने वालों ने भारी बखेड़ा खड़ा किया। कहा गया कि उनका निधन कई महीने पहले हो चुका था लेकिन आधिकारिक घोषणा लंबे समय के बाद की गई। शायद इस बात ने भी रजनीकांत और कमल हासन को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया हो। 
 
अविभाजित आंध्र प्रदेश और बंटे हुए प्रदेश दोनों जगह एनटीआर के वारिस उनके दामाद चंद्रबाबू नायडू ही हैं। उनसे मिलने वाले बताते हैं कि उनमें कतई नाटकीय तत्त्व नहीं हैं। परंतु अपने समय में उन्होंने भी राजनीतिक ड्रामा रचा। उन्होंने अपने श्वसुर और गुरु एनटीआर को मुख्यमंत्री की गद्दी से हटाने का काम किया। इसके लिए उन्होंने उनके बेटों का भी साथ लिया। श्रीलंका में जन्मे मलयाली एमजीआर हों या जन्म से कन्नड़ जयललिता, एनटीआर हों या आज के रजनीकांत, इन सभी ने एक ही पटकथा का पालन किया है। सबका राजनीतिक करियर एक सा रहा है। उन्होंने अपने करियर के दौरान प्रशसंकों की बहुत बड़ी तादाद खड़ी की। एनटीआर ने मिथकीय चरित्र निभाकर अपने प्रशंसक तैयार किए तो किसी ने सुपरहीरो बनकर चाहने वाले जुटाए। जब ये अभिनेता राजनीति में आए तो उनके प्रशसंक भी उनके पीछे आए। भ्रष्टाचार का विरोध, स्वच्छ प्रशासन, गरीबों और कमजोरों के मसीहा बनने की उनकी भूमिकाएं राजनीतिक एजेंडे में बदल गईं। 
 
प्रशंसक उन्हें ईश्वर का अवतार मानते थे। उनकी विश्वसनीयता बेजोड़ थी। इसे स्थानीय लोगों की प्रगतिशील सोच ही कहा जाएगा कि आंध्र प्रदेश में एनटीआर और तमिल अभिनेता कमल हासन द्वारा स्त्री दिखने वाले किरदार निभाने और स्त्रियोचित वस्त्र पहनने पर भी उनके प्रशंसकों में रत्ती भर कमी नहीं आई। रजनीकांत और कमल हासन दोनों इस पथ पर बढ़ते नजर आ रहे हैं। हासन ने तो आम आदमी पार्टी के साथ संबंध बढ़ाने के संकेत देकर पहल भी कर दी जबकि रजनीकांत ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि वह कौन सी राह लेंगे।
 
भ्रष्टाचार, आम लोगों की दिक्कतें, बुराई पर अच्छाई की जीत आदि शेष भारत में भी चिंता का विषय हैं और अधिकांश अभिनेताओं ने अपने बेहतरीन दिनों में महानायक या मसीहा की भूमिका निभाई है। सवाल उठता है कि देश के अन्य हिस्सों में अभिनेता एमजीआर या एनटीआर की राह क्यों नहीं अपनाते? एक जवाब शायद यह है कि इन दिनों फिल्म उद्योग में ही काफी पैसा है। इसके अलावा जिनके फिल्म करियर ठीक नहीं चल रहे हों उनके पास भी मॉडलिंग, प्रचार, खेलों की टीम संभालने जैसे कई वैकल्पिक काम हैं। कम ही लोग होंगे जो इस आसानी से आने वाले पैसे के बजाय राजनीति की धूप-धूल-गर्मी और अनिश्चितता को चुनेंगे।
 
यह सवाल भी बनता है कि अगर एमजीआर और एनटीआर के जमाने में करियर के उतार के बाद ऐसे आकर्षक विकल्प होते तो क्या वे राजनीति में आते? फिर भी उन्होंने जो राजनीतिक आंदोलन खड़े किए उनके बारे में यह काफी कुछ कहता है कि बाद में कई अभिनेता स्थानीय राजनीति की ओर आकर्षित हुए।  अभी भी भारत को अपना पहला अभिनेता प्रधानमंत्री मिलना बाकी है (हालांकि मौजूदा प्रधानमंत्री यह काम सराहनीय अंदाज में कर रहे हैं)। हॉलीवुड ने अर्नोल्ड श्वार्जनेगर के रूप में कैलिफोर्निया को गवर्नर और अमेरिका को रोनाल्ड रीगन के रूप में राष्ट्रपति दिया। अगर आप चाहें तो डॉनल्ड ट्रंप को भी इसमें शामिल कर सकते हैं जिन्होंने घोस्ट्स कान्ट डू इट नामक फिल्म में अपना ही किरदार निभाया था। वह रियलिटी टीवी स्टार भी रहे हैं। 
Keyword: rajnikant, politics,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या सेबी के नए नियम से म्युचुअल फंड में बढ़ेगा और आकर्षण?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.