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एमएससीआई सूचकांक में बढ़ेगा भारत का हिस्सा

पवन बुरुगुला / मुंबई January 05, 2018

वैश्विक एमएससीआई सूचकांकों में भारतीय बाजार का भारांश वर्ष 2018 में और बढऩे की संभावना है। इसकी वजह यह है कि भारत अपने जैसे अन्य उभरते बाजारों (ईएम) के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और उसके बाजार पूंजीकरण को प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) की बड़ी तादाद से मदद मिल रही है।  पिछले साल एमएससीआई ईएम सूचकांक 47 आधार अंक चढ़कर  8.72 फीसदी पर पहुंच गया, जो वर्ष 2007 की तेजी के पिछले उच्चतम स्तर से भी अधिक है। भारांश में बढ़ोतरी से घरेलू बाजारों को विदेशी निवेशकों के पोर्टफोलियो निवेश की बड़ी हिस्सेदारी लुभाने में मदद मिलेगी। 
 
भारत और दक्षिण कोरिया 2017 में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले बाजार रहे हैं। पिछले कैलेंडर वर्ष के दौरान बेंचमार्क निफ्टी 50 सूचकांक 28.6 फीसदी उछला है, जबकि एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स 27.9 फीसदी चढ़ा है। इसमें पोर्टफोलियो निवेशकों की अच्छी खरीदारी का अहम योगदान रहा।  शेयरों की ऊंची कीमतों के अलावा देश का बाजार पूंजीकरण वर्ष 2017 में 43 फीसदी बढ़ा है, जिसे जनरल इंश्योरेंस कंपनी आरई (जीआईसी आरई) जैसे बड़े आईपीओ से मदद मिली है। 
 
पिछले कैलेंडर वर्ष के दौरान घरेलू कंपनियों ने आईपीओ के जरिये 650 अरब रुपये से अधिक जुटाए हैं। प्राथमिक बाजार में तेजी इस साल भी बरकरार रहने की संभावना है। इस साल 450 अरब रुपये के आईपीओ प्रस्तावित हैं। बैंक अधिकारियों ने कहा कि इस साल नई सूचीबद्ध कंपनियां बड़ी संख्या में फोलो-ऑन ऑफर भी ला सकती हैं।  यूबीएस इंडिया की प्रबंध निदेशक (निवेश बैंकिंग) अंजू कपूर ने कहा, 'इस साल पिछले साल से भी ज्यादा निर्गम आने हैं। हम आसानी से 2017 के आंकड़े को पार कर जाएंगे। इसके अलावा प्राइवेट इक्विटी को भुनाने का 2017 का रुझान जारी रहने के आसार हैं।' 
 
एमएससीआई सूचकांक में भारांश बढऩे से भारत को काफी मदद मिलेगी क्योंकि इससे देश में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के निवेश का हिस्सा बढ़ेगा। सभी वैश्विक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) अपनी संपत्ति को निवेश करने के लिए एमएससीआई ईएम जैसे सूचकांकों पर नजर रखते हैं। दूसरी ओर सक्रियता से प्रबंधित फंड एमएससीआई सूचकांकों पर नजर रखते हैं, लेकिन अपनी निवेश रणनीति के मुताबिक निवेश आवंटन में बदलाव करते हैं। नोमुरा के प्रबंध निदेशक रोबर्ट सुब्बारामन ने कहा, 'उभरते बाजारों में भारत हमारी पहली पसंद है। इसमें चक्रीय और ढांचागत सुधार शुरू हो गया है। मेरा मानना है कि अगले साल (2018) बाजार मजबूत होगा।'
Keyword: share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
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