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किंग्स लर्निंग का एनगुरु ऐप सिखाएगा अंग्रेजी

निर्माल्य बेहड़ा /  December 24, 2017

मुंबई से बीकॉम स्नातक ईश्वर कुमार कहते हैं, 'एनगुरु ने मुझे अपनी अंग्रेजी सुधारने में काफी मदद की। इसके संवाद के मॉड्यूल मुझे सबसे ज्यादा पसंद आए, जिन्होंने मुझे उस भाषा का अभ्यास करने में मेरी मदद की, जो मैं नियमित रूप से इस्तेमाल करूंगा। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद मुझे एनगुरु ने अच्छे स्कोर से प्रमाणित किया। यह नौकरियों के लिए आïवेदन करते समय उपयोगी साबित हुआ।'  

 
इस ऐप ने न केवल कुमार को खुद को नौकरी लायक बनने में मदद की, बल्कि यह विकल्प भी दिया कि जब वह प्र्रमाणपत्र चाहते हों तब भुगतान करें।   एनगुरु ऐप किंग्स लर्निंग का मुख्य उत्पाद है। किंग्स लर्निंग एक स्टार्टअप है, जिसकी स्थापना 2014 में हुई थी। यह तकनीकी उत्पादों के जरिये रोजगार केंद्रित अंग्रेजी भाषा और संवाद कौशल मुहैया कराती है। एनगुरु ऐप 40 घंटे का कार्यक्रम मुहैया कराता है और यूजर्स को सामान्य बोलचाल की अंग्रेजी और रोजगार केंद्रित बोलचाल की अंग्रेजी सीखने में मदद करता है। अब तक इसके 20 लाख यूजर बन चुके हैं। एक लाख 20 हजार से अधिक यूजर एक महीने में एक बार ऐप का इस्तेमाल करते हैं। 
 
किंग्स लर्निंग के मुख्य कार्याधिकारी और सह-संस्थापक अरसान वकील ने कहा, 'एनगुरु 28 भाषाओं में उपलब्ध है। यह मातृभाषा मेें बुनियादी से लेकर उद्योग जगत में काम आने वाली अंग्रेजी सीखाता है, जिससे रोजगार मिलने की संभावना बढ़ती है।' कंपनी ने दो एनगुरु ऐप पेश किए हैं, जिनमें से एक व्यक्तियों के लिए और दूसरा कंपनियों के लिए है। किंग्स लर्निंग ने 31 अगस्त को माइकल ऐंड सुसन डेल फाउंडेशन और अन्य निवेशकों से 25 लाख डॉलर जुटाए हैं। 
 
माइकल ऐंड सुसन डेल फाउंडेशन की शिक्षा निदेशक (भारत) प्राची विंडलास ने कहा, 'भारत की ज्ञान आधारित रोजगार अर्थव्यवस्था में प्रवेश के लिए अंग्रेजी जरूरी हो गई है। हालांकि कुछ लोगों को ही अच्छी अंग्रेजी शिक्षा का प्रशिक्षण मिल पाता है। भारत में करीब आधे स्नातकों, विशेष रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले स्नातकों को मौखिक अंग्रेजी का कौशल न होने के कारण रोजगार के लायक नहीं माना जाता है। अच्छी बात यह है कि इंटरनेट के तेजी से फैलाव और किंग्स लर्निंग जैसे तकनीक केंद्रित संगठनों के प्रशंसनीय कार्य करने से इस समस्या को दूर करने में मदद मिली है। हम किंग्स लर्निंग के प्रयासों में मदद देने के लिए उत्साहित हैं।'
 
अवसर 
 
किंग्स लर्निंग को भारत के 25 करोड़ गैर-अंग्रेजी भाषी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में भारी संभावनाएं नजर आ रही हैं। देश में हर तिमाही में 2 करोड़ गैर-अंग्रेजी भाषी लोग इंटरनेट से जुड़ रहे हैं। एनगुरु मुख्य रूप से युवाओं को लक्षित कर रही है, जो भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों कुल लोगों में से 75 फीसदी हैं। भारत में अंग्रेजी भाषा के प्रशिक्षण का बाजार 4.67 अरब डॉलर होने का अनुमान है। इसमें से 60 फीसदी हिस्सा व्यावसायिक और कॉरपोरेट प्रशिक्षण का है, जिस पर एनगुरु ने ध्यान केंद्रित किया है।  एनगुरु के तृतीयक ग्राहकों में एशिया, पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका का यूजर शामिल हैं। एशिया में डिजिटल अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण वर्ष 2018 तक 1.6 अरब डॉलर और पश्चिम एशिया में 21.5 करोड़ डॉलर होने की संभावना है। 
 
कारोबारी मॉडल 
 
किंग्स लर्निंग के राजस्व के दो स्रोत हैं- प्रमाणपत्र एवं प्रीमियम फीचर और कॉरपोरेट ट्रेनिंग और एनगुरुजॉब्स के जरिये नियुक्ति। कंपनी ने ऐप पर प्रमाणपत्र बेचने की योजना बनाई है, जो यूजर्स को मेल किए जाएंगे और विभिन्न प्रीमियम कोर्स की पेशकश की जाएगी। वकील ने कहा, 'प्रत्येक स्तर के अंत में प्रमाणपत्र खरीदने का विकल्प होगा। इस प्रमाणपत्र का इस्तेमाल हमारे ऐप पर विभिन्न नौकरियों के लिए आवेदन करने में किया जा सकता है। विभिन्न प्रमाणपत्र नौकरी के लिए जरूरी अंग्रेजी के आधार पर नौकरियों के अवसर खोलते हैं। 
 
कॉरपोरेट प्रशिक्षण कार्यक्रम सबस्क्रिप्शन आधारित मॉडल है, जिसमें कंपनियां एनगुरु को कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण के टूल के रूप में इस्तेमाल करती हैं। एनगुरुजॉब्स प्लेटफॉर्म ग्राहकों को विभिन्न नौकरियां पोस्ट करने और उन्हें एनगुरु के विभिन्न प्रमाणपत्र स्तरों से जोडऩे की सुविधा देता है। वकील ने कहा, 'हमने यह कंपनी ऑफलाइन अंग्रेजी प्रशिक्षण व्यवसाय के रूप में शुरू की थी, जिसे हम अब भी चलाते हैं।'
 
चुनौतियां 
 
वकील ने कहा, 'अंग्रेजी सीखना एक ऐसा क्षेत्र है, जिसे हम जानते हैं। सबसे बड़ी चुनौती इस मांग से कमाई का एक बेहतर तरीका निकालना है ताकि एक अच्छा खासा कारोबार खड़ा किया जा सके। उन्होंने कहा, 'कंपनी के विस्तार के समय एक मजबूत टीम खड़ी करने की चुनौती हमेशा रहती है। जब टीम बड़ी हो जाती है तो यह और ज्यादा मुश्किल हो जाता है। इसलिए यह एक बड़ी चुनौती है, जिसे लेकर मैं फिक्रमंद रहता हूं।'
 
आगे की राह
 
स्टार्टअप ने चालू वित्त वर्ष के अंत तक 50,000 प्रमाणपत्र बेचने और 150 कंपनियों को खुद से जोडऩे की योजना बनाई है। इस समय 25 कंपनियां किंग्स लर्निंग की सेवाएं ले रही हैं। इसने हर महीने 5 से 10 लाख यूजर जोडऩे की योजना बनाई है।
Keyword: startup, company, education,,
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