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सड़क से जुड़े 85 फीसदी गांव

संजीव मुखर्जी / नई दिल्ली December 13, 2017

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत राज्य सरकारों की मदद से गांवों में रहने वाले 1,78,184 आवासीय इलाकों में से 85 प्रतिशत को सभी मौसम में कारगर सड़कों से जोड़ दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने शेष 15 प्रतिशत गांवों को मार्च 2019 तक सड़कों से जोडऩे की योजना है। 

2014 में सिर्फ 57 प्रतिशत आवासीय इलाके सड़क मार्ग से जुड़े थे, जबकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 2000 में शुरू की गई थी, जब अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार सत्ता में थी। बहरहाल अधिकारी के मुताबिक बाद के वर्षों में सड़क निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ी और करीब 140 किलोमीटर रोजाना सड़कों का निर्माण होने लगा। इससे लक्ष्य हासिल करने में मदद मिली। 

करीब 14,620 आवासीय इलाके राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से सड़कों से जोड़े गए, जिन्हें पूरे लक्ष्य में शामिल कर लिया गया है। इनमें से ज्यादातर सड़कें पिछले 3 साल में बनी हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'मार्च 2019 तक हमने सभी योग्य आïासीय इलाकों में से 97 से 100 प्रतिशत को सभी मौसम वाली सड़कों से जोडऩे का लक्ष्य रखा है।' ग्राम सड़क योजना सरकार की प्रमुख योजना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके। योजना शुरू किए जाने के बाद करीब 4,80,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण 2016 तक किया गया है।

2017-18 से लेकर 3 वर्षों में केंद्र सरकार ने राज्य की योजनाओं के साथ कुल मिलाकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1,00,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। इसमें नई सड़कों के निर्माण पर आने वाली लागत, पहले से बनी सड़कों का उन्नयन एवं रखरखाव और माओवाद से प्रभावित दूरवर्ती इलाकों में सड़कों का निर्माण शामिल है।

इस मामले से जुड़े अधिकारियोंं ने कहा कि करीब 90,000 करोड़ रुपये प्रमुख योजना (पीएमजीएसवाई 1 और 2) पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 11,000 करोड़ रुपये एलडब्ल्यूई जिलों को जोडऩे में खर्च होंगे। इस व्यय में केंद्र व राज्यों की हिस्सेदारी 60:40 की होगी। 

2017-18 के केंद्रीय बजट में केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई के लिए 19,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, जबकि राज्यों की हिस्सेदारी बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई थी। इसी तरह की कार्यप्रणाली अगले 3 साल तक लागू रहने की उम्मीद है, जिससे इस कार्यक्रम के लिए कुल आवंटन 90,000 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा। 
 
Keyword: PMGSY, roads, connectivity, पीएमजीएसवाई,,
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