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केबीसी में बदलाव के साथ दिखता 'बच्चन' का दम

उर्वी मलवाणिया /  October 20, 2017

मशहूर रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (केबीसी) जो पहली शुरुआत के बाद 9 सीजन तक लगातार दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। आखिर इसकी खास बात क्या रही? करीब तीन सालों के अंतराल के बाद हाल में टेलीविजन स्क्रीन पर वापसी करने वाले इस शो को एक बार फिर से दर्शकों ने हाथों-हाथ लिया। ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया (बार्क) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक केबीसी की वजह से सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन (सेट) को काफी मदद मिली जो सप्ताह के दिनों में रात्रि 9 बजे शो का प्रसारण करती है। इस शो की वजह से शहरी बाजारों में सोनी पहले पायदान पर पहुंच गई है। सोनी शीर्ष स्तर के चार सामान्य मनोरंजन चैनलों (स्टार, जी और कलर्स में शामिल) में शामिल रही है लेकिन कुछ वक्त से शहरी बाजारों में यह पहली बार शीर्ष पोजिशन में रहने का दावा कर रही है। 30 सितंबर से 6 अक्टूबर वाले हफ्ते के दौरान  गैर-काल्पनिक हिंदी शो में केबीसी न केवल शहरी बाजारों में आगे था बल्कि यह शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सम्मिलित हिंदी-भाषी बाजारों में भी आगे था। सोनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष और कारोबारी प्रमुख दानिश खान कहते हैं, 'हमने केबीसी के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की थी लेकिन हमने दर्शकों के शोध के बाद शो के प्रारुप में जो बदलाव किए उससे काफी फायदा मिला। सबसे सकारात्मक बात यह रही कि युवा दर्शकों की वापसी हुई है।'

 
केबीसी ने छोटे पर्दे से 2014 और 2016 के बीच एक ब्रेक लिया और इस बीच सेट की प्रोग्रामिंग टीम इसके प्रारुप में बदलाव कर रही थी। शोध में यह पता चला कि शो के मेजबान अमिताभ बच्चन की टीवी दर्शकों के बीच अच्छी अपील है लेकिन युवा दर्शकों का आकर्षण बेहद कम है। शोध में यह अंदाजा मिला कि युवा दर्शक प्रतियोगिता में आने वाले प्रतिभागियों की पृष्ठभूमि से जुड़ी लंबी कहानी सुनने या फिर पिछले सीजन में शुरू किए गए गाना-डांस आदि में दिलचस्पी नहीं लेते। शोध में अंदाजा हुआ कि वास्तव में इस खेल और हॉट सीट तक ही युवा दर्शकों का आकर्षण है। 
 
नतीजतन सोनी ने प्रत्येक एपिसोड के दौरान पूछे जाने वाले सवालों की संख्या में इजाफा किया जो पहले के 7 सवालों से बढ़कर अब लगभग 10 हो गया है। उनका कहना है, 'हमने 9वें सीजन में शो के दौरान फिल्मों के प्रचार को खत्म करने का फैसला किया जिसकी वजह से भी दर्शक बने रहें। हमारा एक विशेष सेलेब्रिटी एपिसोड भी है लेकिन अब पूरा जोर आम आदमी पर है। हालांकि अभिषेक बच्चन और शिल्पा शेट्टïी भी शो में कभी-कभार दिखे लेकिन इस शो में विभिन्न वर्ग के लोग हैं जिन्होंने अपने तरीके से कुछ बदलाव किया है।' सेलेब्रिटी वाला एपिसोड शुक्रवार के लिए तय है। बार्क के आंकड़े दर्शाते हैं कि इन दिनों दर्शकों की तादाद बढ़ रही है। 1 करोड़ रुपये वाला सवाल भी आकर्षण का केंद्र रहा है। मिसाल के तौर पर इस दौरान जब प्रतिस्पद्र्धी 1 करोड़ रुपये वाले सवाल तक पहुंचे तब दर्शकों की तादाद बढ़ गई। इनमें से एक अनामिका मजूमदार ने एक करोड़ रुपये की रकम जीत ली। केबीसी की सफलता से सोनी को न केवल दर्शकों के चार्ट पर अपनी स्थिति मजबूत करने का फायदा मिल रहा है बल्कि विज्ञापनदाताओं के लिए भी इससे निवेश पर अच्छे रिटर्न का संकेत मिल रहा है।
 
शो ने 9वें सीजन में 10 प्रायोजकों को जोड़ा है वहीं स्पॉट (एक ऐड स्पॉट 10 सेकंड का होता है) खरीदारी के लिए करीब 10-15 फीसदी इन्वेंट्री सुरक्षित रखी गई है। इन प्रायोजकों में विवो, रिलायंस जियो, डैटसन, क्विक हील, ऐक्सिस बैंक, रेमंड, बिग बाजार, हीरो मोटोकॉर्प, चिंग्स सीक्रेट और आकाश इंस्टीट्यूट हैं। निसान मोटर्स इंडिया के प्रमुख (बिक्री एवं मार्केटिंग) जेरोम सैगॉट कहते हैं, 'केबीसी के साथ हमारा सहयोग बड़ी सफलता वाला रहा है। हालांकि केबीसी में डैटसन के विशेष सेगमेंट में हम ज्यादा तादाद में संभावित ग्राहकों तक पहुंचे हैं।' 
 
केबीसी के बेहतर प्रदर्शन से सोनी को बाकी विज्ञापन इन्वेंट्री पर अच्छी रकम मिलने की उम्मीद है। शीर्ष 10 एजेंसी के एक मीडिया योजनाकार कहते हैं, 'अंतिम समय में खरीद प्रायोजक खरीदारी (प्रति स्पॉट विज्ञापन दर के लिहाज से) के मुकाबले ज्यादा महंगी होती है। लेकिन केबीसी की सफलता का अर्थ यह हुआ कि सेट अब पहले के मुकाबले ज्यादा रकम पाने की उम्मीद करेगी।'  एक अनुमान के मुताबिक सोनी केबीसी से 400 करोड़ रुपये की विज्ञापन कमाई की उम्मीद कर रही है जिसमें प्रजेंटिंग साझेदार रिलायंस जियो ने इस साल अनुमानत: 100 करोड़ रुपये दिए हैं जो 2014 में कैडबरी द्वारा दिए गए 30 करोड़ रुपये के मुकाबले तीन गुना ज्यादा है। उद्योग के अनुमान के मुताबिक केबीसी के 'पावर्ड बाई' प्रायोजक विवो और चिंग्स सीक्रेट ने 50-50 करोड़ रुपये चुकाए हैं जबकि बाकी ने 15-15 करोड़ रुपये चुकाए हैं।   
Keyword: KBC, amitabh bachchan,,
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