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न्यायालय से जेपी के फ्लैट खरीदारों को मिला सहारा

करण चौधरी / नई दिल्ली September 11, 2017

दिल्ली-एनसीआर में हजारों घर खरीदारों के अधिकारों की रक्षा करने में राज्य और केंद्र सरकार तथा अन्य प्राधिकरणों के नाकाम रहने के बाद सर्वोच्च न्यायालय उनकी हितों की रक्षा करने के लिए एक बार फिर सामने आया है। विशेषज्ञों का ऐसा मानना है। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को रजिस्ट्री के पास 27 अक्टूबर तक 2,000 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश जेपी एसोसिएट्स को दिया और यह फैसला रियल एस्टेट कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया रोके जाने के एक हफ्ते के बाद आया है।
नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के इलाहाबाद पीठ ने आईडीबीआई की याचिका पर जेपी इन्फ्राटेक के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी किया था।
उद्योग के विशेषज्ञों के मुताबिक, घर खरीदारों के सामने आगे लंबी लड़ाई है, लेकिन इस कदम से वह प्रक्रिया शुरू करने में मदद मिलेगी।  आईसीएसआई के अध्यक्ष श्याम अग्रवाल ने कहा, जेपी इन्फ्राटेक की मूल कंपनी जेपी एसोसिएट्स को सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश घर खरीदारों के हित में है और हम इसका पूरा समर्थन करते हैं। यह बड़ी कंपनियों की गड़बडिय़ों से आम लोगों को बचाने का न्यायपालिका का इरादा जताता है।
जेपी के करीब 30,000 घर खरीदार और आम्रपाली समूह के 40,000 फ्लैट मालिक पिछले सात-आठ सालों से अपनी संपत्ति पाने की कोशिश में जुटे रहे हैं, जिसे दो से तीन साल में देने का वादा कंपनियों ने किया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय सरकार की तरफ से कदम उठाने के लिए सही है क्योंकि अदालत ने निर्देश दे दिया है। ग्रांट थॉर्नटन एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक नीरज शर्मा ने कहा, अदालत पहले ही निर्देश दे चुकी है, अब सरकार को आगे बढऩा चाहिए और इन परियोजनाओं का अधिग्रहण करना चाहिए।
हालांकि ग्राहक अधिकार से जुड़े विशेषज्ञों ने कहा कि अदालत उचित फैसला दे रही है, लेकिन इसका क्रियान्वयन अभी भी नहीं हो पा रहा है। कंज्यूमर ऑनलाइन फाउंडेशन के संस्थापक बी मिश्रा ने कहा, यह बहुत अच्छा फैसला है लेकिन इसके क्रियान्वित करना काफी मुश्किल है। सिर्फ रकम लेने से मदद नहीं मिलेगी, बल्कि घर खरीदारों के बीच इसका वितरण अहम होगा, जो सालों से किराया व ईएमआई चुका रहे हैं। अदालत को एक समयसीमा सामने रखनी चाहिए कि कब और कैसे घर खरीदारों को वास्तव में राहत मिलेगी।

Keyword: JP, flat buyers, Court,
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