बिजनेस स?टैंडर?ड - टाटा की दो फर्मों में घटेगी क्रॉस-होल्डिंग
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टाटा की दो फर्मों में घटेगी क्रॉस-होल्डिंग

देव चटर्जी / मुंबई 09 10, 2017

इन दो कंपनियों से समूह की कंपनियों की हिस्सेदारी खरीदेगी टाटा संस
निवेश बेचने से इन कंपनियों को कर्ज घटाने और वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने में मिलेगी मदद

बिजनेस स?टैंडर?ड टाटा की दो फर्मों में घटेगी क्रॉस-होल्डिंगटाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस अपनी दो कंपनियों टाटा केमिकल्स और टाटा पावर की क्रॉस होल्डिंग को कम करने की योजना बना रही है। इसके तहत टाटा संस इन कंपनियों के अन्य कंपनियों में किए गए निवेश को खरीदेगी। गैर-सूचीद्ध टाटा टेलीसर्विसेज के अलावा दोनों कंपनियों का सूचीबद्ध इकाइयों की इक्विटी में निवेश का मूल्य करीब 5,500 करोड़ रुपये है।

प्रवर्तक टाटा संस को निवेश की बिक्री से दोनों कंपनियों को अपने कर्ज का भुगतान करने और पूंजीगत व्यय के लिए पैसे जुटाने में मदद मिलेगी। टाटा संस ने डिबेंचर के निजी नियोजन से 3,300 करोड़ रुपये जुटाए हैं। डिबेंचर जारी करने के दौरान टाटा संस की संभावनाओं के बारे में एक बैंकर ने कहा था कि सूचीबद्ध इकाइयों में टाटा संस के निवेश का बाजार मूल्य इस साल मार्च में करीब 4,53,892 करोड़ रुपये था, जो बाजार से कर्ज जुटाने में काफी फायदेमंद है।

बैंकरों का कहना है कि इस रकम से दोनों कंपनियों को काफी फायदा होगा। टाटा पावर को गुजरात संयंत्र में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और उसे लागत से कम दाम पर बिजली बेचनी पड़ रही है। यही वजह है कि उसने अपनी देनदारी घटाने के लिए इकाई में 51 फीसदी हिस्सेदारी 1 रुपये में राज्य सरकार को बेचने की भी पेशकश की थी।

टाटा पावर की टाटा कम्युनिकेशंस के साथ ही सहायक कंपनी पेनाटोन फिनवेस्ट में भी हिस्सेदारी है। इसके साथ ही टाटा टेलीसर्विसेज में भी उसकी अल्पांश हिस्सेदारी है। इन सभी निवेश का समेकित बुक वैल्यू करीब 2,000 करोड़ रुपये था और सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार मूल्य करीब 3,100 करोड़ रुपये है।

कंपनी पर इस साल मार्च तक 46,800 करोड़ रुपये का कर्ज था। विश्लेषकों का कहना है कि टाटा पावर का शुद्ध कर्ज और एबिटा अनुपात वित्त वर्ष 2017 में 8 गुना थाा। ऐसे में निवेश को बेचने से उसे काफी मदद मिल सकती है। हालांकि टाटा पावर नकदी प्रवाह में सुधार का प्रयास कर रही है और इक्विटी रिटर्न में भी सुधार हो रहा है लेकिन यह अब भी एक अंक के स्तर पर है।

दूसरी ओर टाटा केमिकल्स अपनी रणनीति बदल रही है और अपने उपभोक्ता कारोबार में ज्यादा निवेश कर रही है और घाटे वाले कारोबार से निकल रही है। कंपनी ने पिछले साल अगस्त में यूरिया उर्वरक कारोबार बेचकर 2,700 करोड़ रुपये जुटाए थे। टाटा केमिकल्स के रैलीज इंडिया में करीब 2,200 करोड़ रुपये के शेयर हैं और टाटा ग्लोबल एवं टाइटन में 900-900 करोड़ रुपये के शेयर हैं।

Keyword: Tata chemicals, tata power, cross holding,
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