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आईपीएल मीडिया अधिकार में 24 कंपनियां लगाएंगी बोली

उर्वी मलवाणिया /  08 31, 2017

कई बाधाओं के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) आखिरकार विवो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अगले चरण के मीडिया अधिकार की घोषणा करने की राह पर है। कुल 24 कंपनियों ने निविदा में दिलचस्पी दिखाई है। बीसीसीआई ने इस बार बोली प्रक्रिया में कुछ अहम बदलाव किए हैं। पहले (वर्ष 2008 में जब इस लीग को लॉन्च किया गया था) ये मीडिया अधिकार देश और बाकी देशों में दिए गए। वहीं इस दफा प्रशासकों ने 7 भौगोलिक क्षेत्रों की पहचान की है जहां से बीसीसीआई को कमाई की उम्मीद है। इनमें भारत (टेलीविजन और डिजिटल अधिकार के लिए अलग बोली), पश्चिम एशिया, अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका और बाकी देश हैं।

इस साल डिजिटल अधिकार के लिए भी बोली लगाई जाएगी। पहले 10 साल के आखिरी कुछ सालों में डिजिटल अधिकार पर चर्चा शुरू हुई जब स्टार इंडिया के ओवर दि टॉप प्लेटफॉर्म हॉटस्टार ने आईपीएल के डिजिटल दर्शकों का अपना दायरा बढ़ाया। बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी कहते हैं, 'हमने भौगोलिक क्षेत्रों को अलग किया है जहां आईपीएल से बीसीसीआई को कमाई होती है। पहले ये अधिकार भारत और बाकी दुनिया के लिए था। लेकिन क्षेत्रों को अलग करने से ज्यादा पारदर्शिता आएगी। पहले एक कंपनी के पास बाकी दुनिया का अधिकार था फिर विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न कंपनियों को जिम्मेदारी दी जाती थी।'

आईपीएल के मीडिया अधिकार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए बीसीसीआई ने वैश्विक अधिकारों के लिए बोली लगाने के लिए बोलीकर्ता का विकल्प दिया है। बोली के दस्तावेज में आवेदक अपनी बोली रकम भी भर सकते हैं। इसके नीचे हिस्से में वैश्विक अधिकार की बोली का विकल्प भी होगा। इस बार बोली में दिलचस्पी दिखाने वाले पक्षों को 10 सालों के बजाय अगले पांच सालों (2018-22) के लिए बोली लगानी होगी। पहले 10 सालों के लिए बोली लगाई जाती थी। इस साल की शुरुआत में दिए गए प्रायोजन अधिकार पहले से ही पांच सालों की अवधि पर आधारित हैं लेकिन मीडिया अधिकार में पहले के मुकाबले अब ज्यादा तेजी से तब्दीली लाई जा रही है। जौहरी का कहना है कि प्रसारण (डिजिटल एवं टेलीविजन) क्षेत्र में हो रहे तेज बदलाव के अनुरूप यह कोशिश की जा रही है। 

कम अवधि के मीडिया अधिकार से अधिकार फीस में बढ़ोतरी की ज्यादा संभावना बनेगी। जौहरी कहते हैं, 'यह  स्पष्ट है कि 10 सालों के मुकाबले 5 सालों में मीडिया अधिकार के मूल्य में बढ़ोतरी होगी। यह सभी फ्रैंचाइजी के लिए भी फायदेमंद होगा।'  जौहरी को उम्मीद है कि मीडिया अधिकार के लिए अच्छी बोली लगेगी, हालांकि उन्होंने आंकड़ा नहीं बताया। हाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक टीवी अधिकार से बीसीसीआई को 5 सालों के लिए 11540 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। आईपीएल के प्रायोजन अधिकार में तेजी आई है और विवो को टाइटल प्रायोजन अधिकार 2200 करोड़ रुपये में मिला था।
Keyword: IPL, cricket, media, BCCI,,
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