बिजनेस स्टैंडर्ड - एनटीपीसी का विनिवेश आज, 10 % हिस्सेदारी बेच 13,800 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी
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एनटीपीसी का विनिवेश आज, 10 % हिस्सेदारी बेच 13,800 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी

पवन बुरुगुला / मुंबई 08 28, 2017

ओएफएस के जरिये होगा यह सौदा

बिजनेस स्टैंडर्ड एनटीपीसी का विनिवेश आज, 10 % हिस्सेदारी बेच 13,800 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारीसरकार विनिवेश योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी में मंगलवार को 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 13,800 करोड़ रुपये जुटाएगी। यह सौदा ओएफएस के जरिये होगा। दो दिन तक चलने वाले इस ओएफएस में 41.2 करोड़ शेयरों (5 फीसदी हिस्सेदारी)की पेशकश की जाएगी, वहीं अतिरिक्त 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का भी विकल्प इसमें शामिल है। अगर यह ओएफएस सफल रहा तो सरकार की ओर से किया गया यह अब तक का तीसरा सबसे बड़ा विनिवेश होगा।

इससे पहले 2014-15 में कोल इंडिया का 22,500 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा ओएफएस आया था। कोल इंडिया को 15,200 करोड़ रुपये का आईपीओ 2010 में आया था। एनटीपीसी के शेयरों की बिक्री 168 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की जाएगी, जो सोमवार को कंपनी के बंद भाव 173.3 फीसदी से करीब 3 फीसदी कम है। सोमवार को एनटीपीसी के शेयर 2.5 फीसदी बढ़त पर बंद हुए।

एनटीपीसी में फिलहाल सरकार की 69.7 फीसदी हिस्सेदारी है। इस निर्गम के बाद कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी घटकर 59.7 फीसदी रह जाएगी। बाजार पूंजीकरण के हिसाब से एनटीपीसी चौथा सबसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम है। कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 1.43 लाख करोड़ रुपये का है। निर्गम का प्रबंधन करने वाले एक निवेश बैंकर ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि इस निर्गम की सफलता के लिए वे घरेलू म्युचुअल फंडों की ओर से भारी लिवाली पर जोर दे रहे हैं। दिलचस्प है कि सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अक्सर मदद करती रही है लेकिन एनटीपीसी के मामले में उसके पास निवेश का सीमित विकल्प होगा क्योंकि एलआईसी के पास पहले से ही कंपनी की 11.7 फीसदी हिस्सेदारी है। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) के नियमों के अनुसार कोई भी बीमा कंपनी किसी एक कंपनी में 15 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं खरीद सकती है।

दूसरी ओर विदेशी संस्थागत निवेशक पिछले एक साल से एनटीपीसी में लगातार अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं। जून तिमाही में एनटीपीसी में विदेशी फंडों की हिस्सेदारी 11.24 फीसदी थी जो पिछले साल के मुकाबले करीब 100 आधार अंक कम है। विश्लेषकों का कहना है कि 168 रुपये के भाव पर एनटीपीसी का ओएफएस दीर्घावधि के निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है। जेफ्रीज के अनुसार एनटीपीसी की आय अगले दो साल में 16 फीसदी चक्रवृद्धि दर से बढऩे की उम्मीद है, जिससे उसके शेयरों में भी तेजी आ सकती है।

एनटीपीसी ओएफएस की सफलता से सरकार को चालू वित्त वर्ष में महत्त्वाकांक्षी विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से 72,500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इनमें से अब तक 9,302 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। निवेशक बैंकरों का कहना है कि सरकार ने आने वाले महीनों में बीमा कंपनियों के कई निर्गम ला सकती है। इसकी शुरुआत जीआईसी आरई और न्यू इंडिया एश्योरेंस के आईपीओ से हो सकती है। सरकार कोल इंडिया में 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की भी योजना बना रही है।
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